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मनरेगा में फर्जीवाड़ा : कागज पर काम दिखा कर करोड़ों की निकासी, पाबंदी के बाद भी मशीन से हुआ काम

Updated at : 12 Aug 2020 3:34 AM (IST)
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मनरेगा में फर्जीवाड़ा : कागज पर काम दिखा कर करोड़ों की निकासी, पाबंदी के बाद भी  मशीन से हुआ काम

मनरेगा घोटाले में सक्रिय गिरोह ने जालसाजी कर करोड़ों रुपये की निकासी की है. धनबाद के एक प्रखंड की दो पंचायतों में किये गये सोशल ऑडिट के दौरान 50 लाख रुपये से अधिक की गड़बड़ी का मामला सामने आया है.

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शकील अख्तर, रांची : मनरेगा घोटाले में सक्रिय गिरोह ने जालसाजी कर करोड़ों रुपये की निकासी की है. धनबाद के एक प्रखंड की दो पंचायतों में किये गये सोशल ऑडिट के दौरान 50 लाख रुपये से अधिक की गड़बड़ी का मामला सामने आया है. आशंका जतायी जा रही है कि इस तरह पूरे राज्य में बिना काम के ही 25-30 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की गयी है. राज्य में कई स्तर से सोशल ऑडिट को बंद करने के लिए हथकंडे अपनाये जा रहे. हालांकि, मनरेगा सहित अन्य केंद्र प्रायोजित योजनाओं में सोशल ऑडिट का कानूनी प्रावधान है.

हर स्तर पर हुए विरोध के बावजूद ग्रामीण विकास सचिव आराधना पटनायक ने मनरेगा में सोशल ऑडिट का आदेश जारी किया. इस आदेश के तहत हुए सोशल ऑडिट में मनरेगा की योजनाओं के क्रियान्वयन में भारी गड़बड़ी पायी गयी. इसका अनुमान सिर्फ धनबाद जिले की एक पंचायत में सोशल ऑडिट के दौरान पकड़ में आयी गड़बड़ी के आधार पर लगाया जा सकता है. गोविंदपुर की सहराजपुर पंचायत में ही 28 अस्तित्व विहीन योजनाओं के नाम पर पैसों की निकासी का मामला पकड़ में आया.

इसके अलावा 30 से अधिक योजनाओं में प्रतिबंध के बावजूद मशीन से काम कराने के बाद मजदूरों के नाम पर पैसों की निकासी करने की बात भी सामने आयी. वहीं, पुरानी योजनाओं को नया बता कर पैसों की निकासी का मामला भी उजागर हुआ. सोशल ऑडिट के दौरान मुर्गी शेड, कुआं, बांध, डोभा सहित अन्य योजनाओं में भारी गड़बड़ी पायी गयी.

मशीन से काम कराकर फर्जी मस्टर रोल के सहारे की गयी है पैसों की निकासी

सहराजपुर पंचायत में गड़बड़ियों का नमूना

शंकर प्रसाद के यहां मुर्गी शेड के नाम पर 59.17 हजार की निकासी की गयी है. ऑडिट के दौरान मुर्गी शेड नहीं मिला.

सहराजपुर में सुलेखा बीबी के यहां मुर्गी शेड के नाम पर 54 हजार रुपये की निकासी हुई. योजना का अस्तित्व नहीं है.

अशरफ अंसारी के यहां मुर्गी शेड के नाम पर 54 हजार की निकासी हुई. ऑडिट में धरातल पर योजना नहीं मिली.

शाहिद अंसारी की जमीन पर कुआं बनाने के नाम पर 1.43 लाख रुपये की निकासी हुई. कुएं का अस्तित्व नहीं मिला.

शफीक अंसारी के घर मुर्गी शेड के नाम पर 54 हजार रुपये की निकासी की गयी. ऑडिट टीम को शेड नहीं मिला.

जोधाडीह में फूलमनी टुडू की जमीन पर बांध बनाने के नाम पर 26 हजार की निकासी की गयी. बांध नहीं बना.

लखींदर मरांडी की जमीन पर बागवानी का काम पूरा हो चुका है. काम बंद है. मस्टर रोल से पैसों की निकासी हो रही है.

जोधाडीह में रवि लाल टुडू की जमीन पर बागवानी योजना में गड्ढों खोदने के नाम पर 76.61 हजार की निकासी हुई.

सुरेंद्र नाथ हांसदा की जमीन पर बागवानी योजना के तहत मशीन से गड्ढा खोदा गया और 2.62 लाख की निकासी हुई.

रामपुर में मशीन से तीन डोभा निर्माण का किया गया. मजदूरों के नाम पर 7.32 लाख रुपये की निकासी की गयी.

रमेश गोप की जमीन पर बने पुराने डोभा को नया बता कर मजदूरों के नाम पर राशि की निकासी हुई.

Post by: Pritish Sahay

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