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आखिर क्यों झारखंड के लोगों से नाराज हैं गजराज ? हाथियों के कुचलने से पिछले 11 साल में 800 लोगों की हुई मौत

गजराज झारकंड के लोगों से नाराज हो गये हैं, क्यों कि उनके प्रवास को विकास के नाम पर मनुष्य ने लगातार नुकसान पहुंचाने का काम किया है. और यही वजह है कि आए दिन अक्सर हाथी आतंक मचाते रहते हैं. हजारीबाग में पिछले दो दिनों में झुंड से बिछड़े हाथी ने पांच लोगों की जान ले ली है.

By Prabhat Khabar Print Desk
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 Jharkhand News : हाथियों के कुचलने से पिछले 11 साल में 800 लोगों की मौत
Jharkhand News : हाथियों के कुचलने से पिछले 11 साल में 800 लोगों की मौत
प्रभात खबर

Elephant In Jharkhand रांची : झारखंड में गजराज गुस्से में हैं. उनके प्रवास को विकास के नाम पर मनुष्य ने लगातार नुकसान पहुंचाने का काम किया है. कॉरिडोर क्षेत्र में बस गयी आबादी हाथियों की आवाजाही में सबसे बड़ी रुकावट है. इस कारण वहां रह रहे लोगों को अक्सर हाथी अपना निशाने बनाते रहते हैं. हजारीबाग में पिछले दो दिनों में झुंड से बिछड़े हाथी ने पांच लोगों की जान ले ली है.

वहीं, झारखंड में पिछले 11 साल में 800 लोगों की मौत हाथियों के कारण हो चुकी है. हाथियों के हमले में जान गंवा चुके लोगों के परिजनों के बीच मुआवजे भी बांटे गये, जिस पर करीब 16.54 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं. फसल नुकसान में इससे अधिक के मुआवजे बांटे गये. इस मसले पर राज्य के मुख्य वन्य प्रतिपालक सह पीसीसीएफ वन्य प्राणी राजीव रंजन कहते हैं-

झारखंड में हाथियों की संख्या अच्छी है. इनके हैबिटेट (प्रवास) को नुकसान हो रहा है. इस कारण एक से दूसरी जगह जाने के क्रम में आबादी आ जा रही है. इससे हाथियों को परेशानी होती है और घटना घट रही है. 80 फीसदी मामले हाथियों को परेशान करने के कारण होते हैं.

आठ साल में 60 हाथियों की गयी जान :

पिछले आठ साल में झारखंड में विभिन्न कारणों से 60 हाथियों की मौत हो चुकी है.

दारू दुर्गा मंडप के पास पहुंचा हाथी

हजारीबाग जिला एनएच-100 स्थित दारू प्रखंड दुर्गा मंडप के पास मंगलवार की रात आठ बजे के आसपास हाथी के आने से भगदड़ मच गयी. हाथी को सामने देख भक्तों के होश उड़ गये. दुकानदार व राहगीर भी घबरा गये. हालांकि, किसी के घायल होने का सूचना नहीं है. जानकारी के अनुसार, एनएच 100 हजारीबाग-विष्णुगढ़ मार्ग पर दारू बाजार स्थित है.

यहां से 100 मीटर की दूरी पर दो स्थानों में दुर्गा मां की प्रतिमा स्थापित की गयी है. संध्या आरती को लेकर दोनों पूजा पंडालों में श्रद्धालु पहुंचे थे. इसी बीच अचानक आ पहुंचे हाथी ने दारू चाैक में राधिका कॉम्प्लेक्स के सामने उद्धव भुइयां के कच्चे मकान को तोड़ दिया. देखते-देखते आसपास की सारी दुकानें बंद हो गयीं. वन विभाग के कर्मी रेंजर के निर्देश पर हाथी को भगाने की तैयारी कर रहे थे.

हजारीबाग : दो दिन में पांच को कुचला

हज़ारीबाग. जिले में झुंड से बिछड़े हाथी ने पिछले दो दिन में पांच लोगों को मार डाला है. हाथी ने 11 अक्टूबर की रात सात से दस बजे के बीच सदर प्रखंड की पौता पंचायत के तुरांव गांव में रामप्रसाद (35) और डेमोटांड़ निवासी महावीर बिरहोर को कुचल कर मार डाला. इससे पूर्व 10 अक्तूबर को कटकमदाग प्रखंड की अडरा पंचायत के कूबा गांव की कृति कुजूर, चीचीगांव की सबूतरी देवी और सिरसी गांव के बिसुन रविदास को हाथी ने कुचल कर मार दिया. इस तरह पिछले दो दिनों में हाथी ने पांच लोगों की जान ली है.

मृतकों के परिवार को वन विभाग ने 25 हजार रुपये दिये :

हाथी से मारे गये मृतकों के परिजनों को वन विभाग ने दाह संस्कार के लिए तत्काल 25 हजार रुपये मुआवजा दिया है. बाद में मृतक के परिजनों को 3.75 लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है.

Posted By : Sameer Oraon

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