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महेंद्र सिंह धौनी की पत्नी साक्षी धौनी ने बिजली की बदहाली पर उठाये सवाल, कह दी ये बड़ी बात

Updated at : 26 Apr 2022 12:49 PM (IST)
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महेंद्र सिंह धौनी की पत्नी साक्षी धौनी ने बिजली की बदहाली पर उठाये सवाल, कह दी ये बड़ी बात

झारखंड में बिजली की आंख मिचौनी से परेशान होकर सवाल पूछा है कि झारखंड में कई सालों से बिजली की स्थिति ऐसी क्यों है? उन्होंने कल रात में ये ट्वीट किया. रांची के इलाकों में लोड शेडिंग के जरिये बिजली की अपूर्ति की जा रही है.

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रांची: झारखंड में आजकल बिजली की स्थिति चरमरा गयी है और इसी से परेशान होकर महेंद्र सिंह धौनी की पत्नी साक्षी धौनी ने सवाल पूछा है कि बिजली की स्थिति ऐसी क्यों है. बिजली व्यवस्था की बदहाल स्थिति आप इसी से लगा सकते हैं कि राजधानी रांची के इलाकों में लोड शेडिंग के जरिये बिजली की अपूर्ति की जा रही है.

वहीं ग्रामीण इलाके की स्थिति तो और भी खराब है. जहां रोजाना 6 से 8 घंटे बिजली की कटौती की जा रही है. इससे पहले जेवीबीएनएल ने अपने जारी बयान में कहा था कि रविवार की शाम बिजली आपूर्ति सामान्य हो जाएगी लेकिन स्थिति में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिला.

इस वजह से कल महेंद्र सिंह धौनी की पत्नी साक्षी धौनी ने बिजली के मसले पर सरकार से सवाल पूछा है. उन्होंने कल ट्वीट कर कहा कि एक टैक्स पेयर होने के नाते जानना चाहती हूं कि आखिर झारखंड में कई सालों से बिजली की स्थिति ऐसी क्यों है?

Also Read: दिल्ली, पंजाब और केरल तक जा रही झारखंड की बिजली लेकिन राज्य में अंधेरा, साक्षी धौनी ने भी उठाए सवाल

आपको बता दें कि झारखंड में स्थापित पावर प्लांटों से कुल क्षमता प्रतिदिन 4826 मेगावाट बिजली उत्पादित करने की है. फिलहाल, रोजाना 4246 मेगावाट बिजली उत्पादित भी हो रही है, लेकिन राज्य को इसमें से मात्र 1246 मेगावाट बिजली ही मिल पा रही है. शेष 3000 मेगावाट बिजली दिल्ली, पंजाब और केरल को चली जाती है. इधर, बढ़ती गर्मी के बीच झारखंड में बिजली की मांग 2600 मेगावाट तक बढ़ गयी है, जिसमें से बमुश्किल 2200 से 2300 मेगावाट तक की ही आपूर्ति की जा रही है. ऐसे में लगातार लोड शेडिंग हो रही है. कुल मिलाकर झारखंड में ‘चिराग तले अंधेरा’ वाली स्थिति है.

केरल, दिल्ली व पंजाब को भी अपूर्ति की जाती है बिजली

यह बिजली केरल, दिल्ली व पंजाब राज्यों को जाती है. लेकिन, झारखंड को नहीं मिलती, क्योंकि झारखंड के साथ पावर परचेज एग्रीमेंट नहीं है. आधुनिक पावर से उत्पादित बिजली में 188 मेगावाट झारखंड को मिलती है. इनलैंड पावर से 63 मेगावाट बिजली झारखंड को मिलती है. वहीं, टीवीएनएल से 380 मेगावाट बिजली झारखंड को ही मिलती है.

Posted By: Sameer Oraon

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