झारखंड में मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना बंद, अगले साल से नहीं कराया जायेगा फसल बीमा
Author : Pritish Sahay Published by : Prabhat Khabar Updated At : 09 Mar 2020 12:41 AM
कृषि विभाग ने वित्तीय वर्ष 2019-20 में शुरू हुई मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना बंद कर दी है. इसके साथ-साथ किसानों को स्मार्ट मोबाइल देने की योजना भी बंद कर दी जायेगी. फसल बीमा भी बंद हो जायेगा
मनोज सिंह, रांची : कृषि विभाग ने वित्तीय वर्ष 2019-20 में शुरू हुई मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना बंद कर दी है. इसके साथ-साथ किसानों को स्मार्ट मोबाइल देने की योजना भी बंद कर दी जायेगी. फसल बीमा भी बंद हो जायेगा. किसानों को इंट्रेस्ट सबवेंशन स्कीम का लाभ भी नहीं मिल पायेगा. 2020-21 के बजट में हेमंत सोरेन की सरकार ने रघुवर दास सरकार में चालू की गयी कई योजनाओं को छोड़ दिया है. पूर्व में चल रही कई योजनाओं की राशि में भारी कटौती की है.
इसके स्थान पर दो नयी योजना भी विभाग ने शुरू करने का निर्णय लिया था. किसानों के ऋण माफी के लिए योजनाएं बनायी गयी है. इसके लिए पहले चरण में दो हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. फसल बीमा बंद कर 100 करोड़ रुपये का किसान सहायता कोष बनाया गया है.
800 करोड़ ही बंट पाया किसानों के बीच : पिछले वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार ने पांच एकड़ तक जमीन रखनेवाले किसानों को पांच हजार रुपये देने का प्रावधान किया था. इसके लिए राज्य सरकार ने 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था. इसमें मात्र 800 करोड़ रुपये ही किसानों के बीच बंट पाया. 1615351 किसानों के बीच प्रथम किस्त का वितरण किया गया. इसी तरह 966840 किसानों के बीच दूसरी किस्त का वितरण किया गया.
2019-20 में कृषकों को स्मार्ट फोन वितरण योजना के तहत 28250 किसानों को करीब 20 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से किसानों के खाते में दिया गया. किसानों के लिए विभाग इंट्रेस्ट सबवेंशन योजना चलाती थी. इसका लाभ 3740 किसानों को मिला था. हेमंत सोरेन की सरकार मेें किसानों और अधिकारियों को इजराइल भ्रमण की योजना भी बंद कर दी गयी. इस योजना के तहत रघुवर दास की सरकार ने 95 कृषक तथा 20 पदाधिकारियों को इजराइल का एक्सपोजर विजिट कराया था.
तालाब निर्माण व परकोलेशन टैंक की राशि घटी
भूमि संरक्षण विभाग ने पिछले वित्तीय वर्ष में 859 सरकारी और गैर सरकारी तालाबों का जीर्णोद्धार विभाग द्वारा कराया जा रहा है. अब तक 302 तालाबों का जीर्णोद्धार हो चुका है. विभाग में यह 100 करोड़ रुपये की योजना थी. इसे योजना के लक्ष्य को सरकार ने घटा दिया है. इसके लिए मात्र एक करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. पिछले साल विभाग ने 150 करोड़ रुपये का प्रावधान जल निधि योजना के तहत की थी. इसके तहत परकोलेशन टैंक (छोटा तालाब) का निर्माण किया जाता है. चालू वित्तीय वर्ष में करीब 100 करोड़ रुपये की राशि से महिला यांत्रिकीकरण की योजना थी. इसे घटा कर 50 करोड़ रुपये कर दिया गया है.
दो नयी योजना शुरू की गयी
हेमंत सोरेन की सरकार में किसानों के लिए दो नयी योजना शुरू की गयी है. इसमें धान उत्पादन एवं बाजार अभिगम्यता / सुलभता सहायता योजना है. इसके तहत धान बेचने वाले किसानों को प्रति क्विंटल 500 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जायेगी. यह राशि धान के समर्थन मूल्य और बोनस के अतिरिक्त होगी. इसके लिए राज्य सरकार ने 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. 2000 करोड़ रुपये के प्रावधान ऋण माफी के लिए किया गया है. इससे राज्य के सभी छोटे और सीमांत किसानों का कर्ज माफ करने की योजना है.
यूपीए ने चुनाव पूर्व जो घोषणाएं की थी. उसे पूरा करने के लिए विभाग प्रयासरत है. सरकार चुनाव के मद्देनजर काम नहीं कर रही है. सरकार किसानों की हितैषी है. उसी को देख कर योजनाएं बनायी गयी है.
बादल पत्रलेख, कृषि मंत्री.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pritish Sahay
प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










