कॉलेजों में सेमेस्टर वाइज परीक्षा नहीं, विद्यार्थियों को मिलेगी सशर्त प्रोन्नति

Updated at : 17 May 2020 4:58 AM (IST)
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कॉलेजों में सेमेस्टर वाइज परीक्षा नहीं,  विद्यार्थियों को मिलेगी सशर्त प्रोन्नति

कोरोना वायरस और लॉकडाउन के कारण राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को एकेडमिक लॉस से बचाने की खातिर विद्यार्थियों को सशर्त सेमेस्टर वाइज प्रोन्नति मिलेगी. लेकिन, अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए परीक्षा अनिवार्य होगी.

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रांची : कोरोना वायरस और लॉकडाउन के कारण राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को एकेडमिक लॉस से बचाने की खातिर विद्यार्थियों को सशर्त सेमेस्टर वाइज प्रोन्नति मिलेगी. लेकिन, अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए परीक्षा अनिवार्य होगी. यूजीसी व अखिल भारतीय तकनीकी परिषद (एआइसीटीइ) द्वारा परीक्षा के लिए जारी की गयी नयी गाइडलाइन को अपने-अपने विवि में लागू करने के लिए उसे एकेडमिक काउंसिल से पास कराना आवश्यक होगा. हालांकि अभी किसी विवि ने यह पहल नहीं की है.

क्या है नयी गाइडलाइन में : नयी गाइडलाइन के अनुसार सेमेस्टर वाइज परीक्षा नहीं होगी और विद्यार्थियों को सशर्त प्रोन्नति दी जायेगी. हालांकि यूजीसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि संस्थान परीक्षा लेने के लिए सक्षम हैं, तो नियमानुसार परीक्षा ले सकते हैं. सशर्त प्रोन्नति के तहत नयी गाइडलाइन के अनुसार जो विद्यार्थी पहले सेमेस्टर में हैं, उन्हें द्वितीय सेमेस्टर में प्रोन्नति देनी है. वैसे विद्यार्थी जो पहले सेमेस्टर की मिड परीक्षा में शामिल हुए हैं, उनको 50 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय सेमेस्टर में प्रोन्नति दे दी जायेगी.

द्वितीय से तृतीय सेमेस्टर में प्रोन्नति के लिए विद्यार्थी की पहले सेमेस्टर की अंतिम परीक्षा का 50 प्रतिशत व द्वितीय सेमेस्टर की मिड परीक्षा का 50 प्रतिशत अंक जोड़ा जायेगा. इसी आधार पर तृतीय सेमेस्टर में प्रोन्नति दी जायेगी. यही फॉर्मूला तृतीय से चतुर्थ सेमेस्टर में, चतुर्थ से पांचवें सेमेस्टर में और पांचवें से छठे सेमेस्टर में प्रोन्नति के लिए लागू होगा. स्नातक में छठे सेमेस्टर (फाइनल) व स्नातकोत्तर के चौथे सेमेस्टर (फाइनल ) के लिए परीक्षा अनिवार्य होगी.विद्यार्थियों के प्लेसमेंट का संकटराज्य के कई विवि व कॉलेजों तथा तकनीकी संस्थानों में लॉकडाउन से पूर्व ही देश की विभिन्न कंपनियों द्वारा प्लेसमेंट ड्राइव कर विद्यार्थियों का चयन किया गया है.

इन कंपनियों की शर्त के मुताबिक, फाइनल सेमेस्टर की परीक्षा का रिजल्ट योगदान के समय जमा करना अनिवार्य होता है, जबकि झारखंड के विवि व कॉलेजों में फाइनल सेमेस्टर की परीक्षा हुई ही नहीं है. झारखंड के विवि और कॉलेज ऑनलाइन परीक्षा के लिए पूरी तरह से सक्षम नहीं हैं. ऑफलाइन परीक्षा विवि व कॉलेजों के लिए चुनौती बन सकती है. जानकारों का कहना है कि विद्यार्थियों के प्लेसमेंट के लिए संबंधित संस्थान को प्लेसमेंट एजेंसी या कंपनी के पास फाइनल इयर की परीक्षा के संबंध में जानकारी देकर विद्यार्थियों के लिए रियायत देने की मांग करनी होगी. कोरोना वायरस व लॉकडाउन की स्थिति में वैसे भी कई प्राइवेट कंपनियां छंटनी कर रही हैं. ऐसे में कंपनियां रियायत देती हैं, तो उत्तम होगा. वरना, विद्यार्थियों के प्लेसमेंट का संकट गहरा सकता है.

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