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देशभर के पावर प्लांटों में कोयला का संकट गहराया, बिजली उत्पादन पर पड़ेगा असर, जानें सभी राज्य की स्थिति

Updated at : 23 Apr 2022 6:27 AM (IST)
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देशभर के पावर प्लांटों में कोयला का संकट गहराया, बिजली उत्पादन पर पड़ेगा असर, जानें सभी राज्य की स्थिति

इस वक्त पूरे देश में बिजली का संकट गहराया हुआ है, स्टॉक की कमी के कारण बिजली उत्पादन पर असर पड़ रहा है. देश के धिसंख्य हिस्सों में झारखंड की कई कोयला कंपनियों से कोयला जाता है.

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रांची: इस समय गर्मी में पूरे देश में बिजली संकट है. राज्य सरकार की बिजली कंपनियों द्वारा संचालित पावर प्लांटों में कोयले की कमी हो गयी है. स्टॉक की कमी के कारण बिजली उत्पादन पर असर पड़ रहा है. देश के अधिसंख्य हिस्सों में झारखंड की कई कोयला कंपनियों से कोयला जाता है. कई कंपनियों ने बताया है कि झारखंड की कंपनियों से कोयला आपूर्ति में कमी हुई है.

इस कारण स्थिति खराब है. कई बिजली कंपनियों के पास मात्र एक से पांच दिनों का ही कोयला बचा है. देश में कई ऐसे पावर प्लांट हैं, जहां तय स्टॉक के 95 फीसदी तक कोयले की कमी है. सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी मानता है कि किसी भी पावर प्लांट में कम से कम 26 दिनों के कोयले का स्टॉक होना चाहिए. वर्तमान में देश का शायद ही कोई पावर प्लांट हो, जहां 26 दिनों के कोयले का स्टॉक है.

झारखंड के पावर प्लांटों में भी कोयले की कमी :

झारखंड बिजली बोर्ड के एकमात्र पावर प्लांट (टीवीएनएल) में करीब 90 फीसदी कोयले के स्टॉक की कमी है. टीवीएनएल के पास 420 हजार टन कोयला स्टॉक होना चाहिए. इसकी तुलना में मात्र 80 हजार टन ही कोयला है. इसके अतिरिक्त झारखंड से संचालित डीवीसी के पावर प्लांटों में जरूरी स्टॉक से अधिक कोयला है. डीवीसी के बोकारो टीपीएस में 206 हजार टन कोयले का स्टॉक है, जबकि स्टॉक 151 हजार टन होना चाहिए.

चंद्रपुरा स्थित पावर प्लांट में भी 162 हजार टन कोयले का स्टॉक होना चाहिए. इसकी तुलना में करीब 135 हजार टन कोयले का स्टॉक है. कोडरमा स्थित डीवीसी के पावर प्लांट में 330 हजार टन कोयले का स्टॉक होना चाहिए. इसकी तुलना में 152.7 हजार टन कोयला है. 55 मेगावाट क्षमता के इनलैंड पावर प्लांट में भी कोयला संकट बरकरार है. कंपनी के डीजीएम मार्केटिंग एसएन सिन्हा ने बताया कि मार्च से ही सीसीएल कोयले की आपूर्ति कर रहा है.

सीसीएल ने सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया है. अब वहां से सिर्फ पावर प्लांट के लिए ही कोयला मिलेगा. हम 50 फीसदी रिजेक्ट कोल का इस्तेमाल करते हैं और 50 फीसदी कोयले का. बहरहाल अभी 15 दिनों का स्टॉक बचा है. कोयला नहीं मिला, तो 15 दिनों बाद पावर प्लांट बंद हो जायेगा.

टीवीएनएल के पास 420 हजार टन की जगह मात्र 80 हजार टन ही कोयला

क्या कहते हैं अधिकारी

टीवीएनएल के जीएम एमडी अनिल शर्मा ने बताया कि हाल के दिनों में टीवीएनएल को सीसीएल द्वारा कोयले की पर्याप्त आपूर्ति की जा रही है. प्रतिदिन दो से तीन रैक कोयला दिया जा रहा है. इससे कोयले की कमी दूर हो जाने की उम्मीद है.

राज्य स्टॉक चाहिए स्टॉक है कमी (%)

झारखंड 167.0 18.1 89

हरियाणा 966.4 380.0 61

पंजाब 634.5 189.8 70

राजस्थान 2417.7 305.8 87

उत्तर प्रदेश 1969 409.2 79

छत्तीसगढ़ 944.1 525.5 79

गुजरात 1437.5 329.1 77

मध्य प्रदेश 2050.6 274.2 87

महाराष्ट्र 3924.8 594.6 85

आंध्र प्रदेश 1942.4 252.8 87

कर्नाटक 1699.8 221.8 95

तमिलनाडु 1938.1 102.8 95

तेलंगाना 1547.2 485.8 69

ओड़िशा 503.5 348.1 31

प बंगाल 1694 76.6 95

Posted By: Sameer Oraon

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