रांची में मसीहियों ने मनाया मृत विश्वासियों का स्मरण दिवस, जलायी मोमबत्तियां
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 03 Nov 2022 11:00 AM
रांची में मसीही विश्वासियों ने मृत विश्वासियों का स्मरण दिवस मनाया. पुरखों की पूजा की. बुधवार को कांटाटोली स्थित आरसी चर्च के कब्रिस्तान में मृत परिजनों की कब्र पर फूल चढ़ाये, मोमबत्तियां जलायी. उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की.
Ranchi News: रांची में मसीही विश्वासियों ने मृत विश्वासियों का स्मरण दिवस मनाया. पुरखों की पूजा की. बुधवार को कांटाटोली स्थित आरसी चर्च के कब्रिस्तान में मृत परिजनों की कब्र पर फूल चढ़ाये, मोमबत्तियां जलायी. उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो ने कब्रों की आशिष की. आर्चबिशप ने कहा : हम एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए हैं. हमारे परिजनों की कब्र सुंदर लग रही है. इसका अर्थ है कि हम पुनरुत्थान पर विश्वास करते हैं. प्रभु ने कहा है कि वे पुनरुत्थान और जीवन हैं. पास्का के दिन वे पुनर्जीवित हुए. सुसमाचार में कई बार पुनरुत्थान की चर्चा की गयी है, क्योंकि प्रेरितों ने पुनरुत्थान किये हुए प्रभु को देखा और इसकी साक्षी दी. उन्होंने अपने जीवन में भी साक्ष्य दिया और लहू गवाह बन गये. प्रभु ने हमें आश्वासन दिया है कि जो प्रभु के अनुयायी हैं, वे भी प्रभु यीशु के समान जी उठेंगे. जो विश्वास करते हुए जीता है और वह कभी नहीं मरेगा.
आर्चबिशप ने कहा : संत पौलुस के अनुसार यदि हम प्रभु के पुनरुत्थान पर विश्वास नहीं करते, तो हमारा विश्वास व्यर्थ है. ऐसे में हम सभी मनुष्यों में सबसे दयनीय होंगे. बपतिस्मा लेने के साथ हम प्रभु के जीवन को जीने की प्रतिज्ञा करते हैं. बुराइयों का परित्याग करते हैं और पुनरुत्थान की संतान बन जाते हैं. अंतिम तुरही बजते ही हम रूपांतरित हो जायेंगे, क्योंकि यह जरूरी है कि मृतक अनश्वर बनकर पुनर्जीवित हो जायेंगे. जरूरी है कि यह नश्वर शरीर अनश्वरता को ग्रहण करे. उन्होंने कहा कि हम यह विश्वास करते हुए इकट्ठा हुए हैं कि हमारे जो परिजन गुजर गये हैं, उनकी जो थोड़ी-बहुत खामियां होंगी, वे दूर हों और वे पूर्ण रूप से शुद्ध हो जायें. प्रभु उनके पाप क्षमा करे और अपने पास ले जाये.
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आर्चबिशप ने कहा : ईश्वर तक पहुंचने के लिए मनुष्य को पूरी तरह शुद्ध होने की जरूरत है. ईश्वर चाहते हैं कि जिस तरह वे हमसे बिना शर्त प्यार करते हैं, उसी तरह हम भी एक-दूसरे से प्रेम करें. जो स्वर्ग में पहुंच चुके हैं, उनके लिए प्रभु को धन्यवाद दें. वे हमें शक्ति प्रदान करें कि हम पाप के चंगुल से बच निकलने में सक्षम हो जायें. जो शुद्धीकरण की प्रक्रिया में हैं, उनके लिए विशेष रूप से प्रार्थना, त्याग और तपस्या करते रहें. प्रभु पर आस्था रखें और उनकी आज्ञाओं का पालन करें, उनकी आज्ञाएं हमें दस आज्ञाओं और प्रभु यीशु की शिक्षा में मिलती हैं, जिन्होंने कहा है कि हम अपने पड़ोसियों से अपने समान प्रेम करें. इस दौरान अनुष्ठान में पल्ली पुरोहित फादर आनंद डेविड, फादर थियोडोर टोप्पो, फादर फिलमोन लकड़ा, फादर सुशील, फादर विनय आदि ने आर्चबिशप को सहयोग दिया.
जीइएल चर्च छोटानागपुर और असम ने बुधवार को 177वां स्थापना दिवस मनाया. इस खास दिन को मिशन पर्व के रूप में मनाया गया. सुबह 6:30 बजे गोस्सनर कंपाउंड स्थित प्रथम उपासनालय से स्मारक पत्थर तक शोभायात्रा निकाली गयी. बिशप सीमांत तिर्की ने कहा : यह गर्व और आनंद का अवसर है, क्योंकि हमने सुसमाचार काे पा लिया है. जर्मनी से आये उन चार मिशनरियों ने कई कठिनाइयों का सामना किया. इसके बावजूद उन्होंने पूर्ण समर्पण के साथ प्रभु का काम आगे बढ़ाया.
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