जमशेदपुर हत्याकांड पर बाबूलाल मरांडी ने सरकार को घेरा, कहा- कार्रवाई खानापूर्ति से अधिक कुछ भी नहीं
Babulal Marandi on Jamshedpur Murder: जमशेदपुर हत्याकांड को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की.
रांची से सतीश कुमार की रिपोर्ट
Babulal Marandi on Jamshedpur Murder: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जमशेदपुर हत्याकांड के बाद मुख्यमंत्री द्वारा एसपी/एसएसपी को निलंबित किए जाने की कार्रवाई को महज ‘खानापूर्ति’ करार दिया है. उन्होंने कहा कि केवल अधिकारियों का तबादला या निलंबन सजा नहीं है. जब पुलिस की मौजूदगी में किसी की हत्या हो जाए, तो उसके लिए पूरी तरह से पुलिस प्रशासन जिम्मेदार है.
पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग
बाबूलाल मरांडी ने मांग की कि अगर मुख्यमंत्री वास्तव में दोषियों को सजा दिलाने और न्याय करने के प्रति गंभीर हैं, तो वे उन पुलिसकर्मियों पर तुरंत प्राथमिकी दर्ज कराएं, जो हत्याकांड के समय घटनास्थल पर मौजूद थे. उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि अब तक उन पुलिसकर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जबकि उल्टा उन लोगों पर केस दर्ज किया गया है, जिनके होटल से मृतक खाना खाकर निकले थे. उन्होंने सवाल किया कि अगर किसी के होटल से कोई खाना खा कर निकलता है और सड़क पर पुलिस के सामने हत्या होती है, तो इसमें होटल मालिक का क्या दोष है?
कानून-व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार
नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में कहा कि राज्य में कानून का शासन समाप्त हो चुका है. उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात एएसआई अजय सिंह के सामने डीजीपी तक नतमस्तक हैं. उन्होंने दावा किया कि पुलिस अधिकारियों के तबादले से लेकर अवैध वसूली तक के सारे काम उन्हीं के इशारे पर हो रहे हैं. बाबूलाल मरांडी ने स्पष्ट कहा कि जब तक शासन-प्रशासन में यह परंपरा चलती रहेगी और पुलिस राजनीतिक चश्मे से काम करेगी, तब तक प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना असंभव है.
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By श्वेता वैद्य
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