वाणिज्य-कर विभाग में 40 अफसरों का तबादला, सात अफसर बने अपर आयुक्त

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रांची के धुर्वा स्थित प्रोजेक्ट भवन.

झारखंड सरकार के वाणिज्य-कर विभाग ने राज्य कर सेवा के अधिकारियों के लिए बड़े पैमाने पर प्रोन्नति और पदस्थापना संबंधी अधिसूचना जारी की है. इस प्रशासनिक निर्णय के तहत 40 राज्य कर पदाधिकारी सहायक आयुक्त बने हैं, जबकि सात संयुक्त आयुक्तों को अपर आयुक्त बनाया गया है.

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रांची से विवेक चंद्र की रिपोर्ट

Tranfer Posting: झारखंड सरकार के वाणिज्य-कर विभाग ने राज्य कर सेवा के अधिकारियों के लिए बड़े पैमाने पर प्रोन्नति और पदस्थापना संबंधी अधिसूचना जारी की है. इस प्रशासनिक निर्णय के तहत संयुक्त आयुक्त स्तर के सात अधिकारियों को नियमित प्रोन्नति देकर अपर आयुक्त बनाया गया है, जबकि राज्य कर पदाधिकारी स्तर के 40 अधिकारियों को सहायक आयुक्त के पद पर पदोन्नत करते हुए नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. विभाग ने कई अधिकारियों का स्थानांतरण भी किया है और कुछ को अतिरिक्त प्रभार देकर प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने का प्रयास किया है.

सात अधिकारियों को मिला अपर आयुक्त का दायित्व

जारी अधिसूचना के अनुसार संयुक्त आयुक्त स्तर के जिन सात अधिकारियों को अपर आयुक्त के पद पर नियमित प्रोन्नति दी गई है, उनमें योगेंद्र प्रसाद, सुनील कुमार चौधरी, राम प्रवेश प्रसाद, अनूप गौरव, संजय कुमार गुप्ता, गालिब अंसारी और विश्वजीत कुमार सिन्हा शामिल हैं. योगेंद्र प्रसाद को राज्य कर अपर आयुक्त (अपील), रांची प्रमंडल का दायित्व सौंपा गया है. इसके साथ ही उन्हें जमशेदपुर प्रमंडल के अपील प्रकरणों का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है. सुनील कुमार चौधरी को मुख्यालय रांची स्थित अंकेक्षण इकाई में राज्य कर अपर आयुक्त बनाया गया है. वहीं राम प्रवेश प्रसाद को हजारीबाग प्रमंडल में अपर आयुक्त (प्रशासन) की जिम्मेदारी दी गई है.

संथाल परगना और धनबाद में भी नई तैनाती

अनूप गौरव को दुमका स्थित संथाल परगना प्रमंडल में अपर आयुक्त (अपील) बनाया गया है. संजय कुमार गुप्ता को संथाल परगना प्रमंडल में अपर आयुक्त (प्रशासन) का दायित्व सौंपा गया है. साथ ही उन्हें धनबाद प्रमंडल के अपील मामलों का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है. गालिब अंसारी को हजारीबाग प्रमंडल में अपर आयुक्त (अपील) बनाया गया है, जबकि विश्वजीत कुमार सिन्हा को धनबाद प्रमंडल में अपर आयुक्त (प्रशासन) के पद पर पदस्थापित किया गया है.

40 राज्य कर पदाधिकारी बने सहायक आयुक्त

विभाग ने राज्य कर पदाधिकारी स्तर के 40 अधिकारियों को नियमित प्रोन्नति देकर सहायक आयुक्त बनाया है. इसके तहत चंदन कुमार को गुमला अंचल, अतुल कुमार को अन्वेषण ब्यूरो जमशेदपुर, मिताली मेटे को बोकारो, नवनीत कुमार को पाकुड़, मो. शफिक को हजारीबाग तथा दिलीप कुमार कौशल को साहेबगंज अंचल में नई जिम्मेदारी दी गई है. इसके अलावा, शुभ निशांत और राघवेंद्र कुमार विपुल को वित्त विभाग से सेवा वापस लेकर पूर्वी अंचल, रांची और चिरकुंडा अंचल में सहायक आयुक्त के पद पर पदस्थापित किया गया है.

मो अफरोज आलम की नई दिल्ली में पदस्थापना

नियमित प्रोन्नति के बाद मो अफरोज आलम की सेवा झारखंड भवन, नई दिल्ली में पदस्थापन के लिए मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग को सौंप दी गई है. यह पदस्थापना राज्य सरकार के प्रशासनिक समन्वय के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

कई अधिकारियों को विभिन्न इकाइयों की जिम्मेदारी

अधिसूचना के अनुसार, राजीव कुमार सिंह, राजन कुमार, नीतीश कुमार, संजय कुमार महतो, रंजीत कुमार, आकाश कुमार, प्रीति केरकेट्टा, मनीष मिंज, ज्योति सामड, कृति कुजूर, रंजीता तिर्की, अशोक कुमार हांसदा, रेशमा तिर्की, प्रेमचंद उरांव, सीमा कुजूर, बिशुन दयाल एक्का, शशि भूषण पाठविंगुवा, प्रतिभा कुजूर और पूनम तामसोय सहित कई अधिकारियों को राज्य के विभिन्न अंचलों, अंकेक्षण इकाइयों तथा अन्वेषण ब्यूरो में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. विभाग का कहना है कि इन पदस्थापनाओं का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में दक्षता बढ़ाना, कर संग्रह व्यवस्था को और प्रभावी बनाना तथा जांच एवं अंकेक्षण तंत्र को मजबूत करना है.

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प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगी मजबूती

वाणिज्य-कर विभाग की इस व्यापक प्रोन्नति और पदस्थापना को विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. अधिकारियों को उनकी नई जिम्मेदारियों के अनुरूप अलग-अलग प्रमंडलों, अंचलों और विशेष इकाइयों में तैनात किया गया है ताकि कर प्रशासन, अपील मामलों के निष्पादन, अंकेक्षण और अन्वेषण संबंधी कार्यों में तेजी लाई जा सके. विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इस प्रशासनिक फेरबदल से न केवल कार्यों का बेहतर वितरण होगा, बल्कि करदाताओं को भी सेवाओं का अधिक प्रभावी और समयबद्ध लाभ मिल सकेगा. साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती से विभाग की जवाबदेही और कार्यकुशलता में भी वृद्धि होने की उम्मीद है.

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कुमार विश्वत सेन

लेखक के बारे में

By कुमार विश्वत सेन

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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