रिम्स : बिना चीरा ठीक हुआ महाधमनी का सिकुड़न
Updated at : 14 Feb 2020 6:10 AM (IST)
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रांची : कांके की 11 साल की बच्ची का रिम्स में बिना चीरा लगाये महाधमनी का सिकुड़न ठीक किया गया. इस बीमारी के कारण ही दस साल की उम्र में उसे उच्च रक्तचाप की समस्या हो गयी थी. गुरुवार को परेशान परिजन रिम्स के कॉर्डियोलाजी विभाग पहुंचे. डॉ पीजी सरकार ने जांच में पाया कि […]
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रांची : कांके की 11 साल की बच्ची का रिम्स में बिना चीरा लगाये महाधमनी का सिकुड़न ठीक किया गया. इस बीमारी के कारण ही दस साल की उम्र में उसे उच्च रक्तचाप की समस्या हो गयी थी. गुरुवार को परेशान परिजन रिम्स के कॉर्डियोलाजी विभाग पहुंचे. डॉ पीजी सरकार ने जांच में पाया कि बच्ची रेयर डिजिज कोरक्शन ऑफ इरोटा नामक रोग से पीड़ित है . यह एक लाख लोगों में से किसी एक को हाेता है.
इसके बाद डॉ प्रकाश कुमार, डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, डॉ प्रशांत कुमार व डॉ पीजी सरकार ने एंजियोप्लास्टी कर सिकुड़न ठीक किया. डॉ प्रकाश ने कहा कि यह जन्मजात रोग है. इसमें उच्च रक्तचाप से बच्चों की जान भी जा सकती है. इस रोग से पीड़ित बच्चों के हाथ और पैर के ब्लड प्रेशर में अंतर पाया जाता है. निजी अस्पताल में इलाज कराने पर करीब तीन लाख रुपये खर्च होते.
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