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रांची : सर्कुलर रोड में डीएसपी और सीजेएम आवास की जगह बनायी जायेगी मल्टी लेवल पार्किंग

Updated at : 29 Nov 2019 9:12 AM (IST)
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रांची : सर्कुलर रोड में डीएसपी और सीजेएम आवास की जगह बनायी जायेगी मल्टी लेवल पार्किंग

निर्देश. मुख्य सचिव ने भवन निर्माण विभाग व जल संसाधन विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक की रांची : मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी ने सर्कुलर रोड स्थित न्यूक्लियस मॉल के पास के दो सरकारी भवनों (डीएसपी व सीजेएम आवास) को हटा कर मल्टी लेवल पार्किंग बनाने का निर्देश दिया है. उन्होंने भवन निर्माण विभाग […]

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निर्देश. मुख्य सचिव ने भवन निर्माण विभाग व जल संसाधन विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक की
रांची : मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी ने सर्कुलर रोड स्थित न्यूक्लियस मॉल के पास के दो सरकारी भवनों (डीएसपी व सीजेएम आवास) को हटा कर मल्टी लेवल पार्किंग बनाने का निर्देश दिया है. उन्होंने भवन निर्माण विभाग के अधिकारियों से कहा कि इन आवासों को हटा कर वहां मोनेटाइजेशन के तहत ट्रैफिक व पार्किंग की समस्या को दूर करने के लिए पार्किंग बनायें. इस पार्किंग से ऊपर ही ऊपर बिरसा मुंडा म्यूजियम को जोड़ दें. इस तरह लोगों को सड़क पार करके म्यूजियम नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि वे पार्किंग जोन से सड़क के ऊपर बने रास्ते से होकर म्यूजियम में चले जायेंगे. मुख्य सचिव गुरुवार को भवन निर्माण विभाग की समीक्षा कर रहे थे.
मुख्य सचिव ने राजधानी के अन्य इलाकों में स्थित अत्यधिक जमीन वाले भवनों व आवासों को हटा कर वहां ओपेन स्पेस, पार्किंग स्पेस या ग्रीन स्पेस विकसित करने की प्रक्रिया शुरू करने का भी निर्देश दिया. भवन निर्माण विभाग ने बताया कि पहले से रातू रोड व डोरंडा के जर्जर भवनों को चिह्नित किया गया है. बैठक में विकास आयुक्त सुखदेव सिंह, वित्त सह योजना विभाग के अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल, भवन निर्माण सचिव सुनील कुमार सहित अन्य अफसर मौजूद थे.
क्लीयरेंस के बाद ही स्वीकृति आदेश व टेंडर करें : मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि नये भवन बनाने के पहले सारे तरह के क्लीयरेंस ले लें. उसके बाद ही योजना की स्वीकृति आदेश व टेंडर करें. नयी भवन निर्माण पॉलिसी में अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए पंचायत से लेकर राजधानी तक आवास निर्माण कर देने की जगह आकर्षक आवास किराया भत्ता देने की परंपरा शुरू करने को कहा. उन्होंने कहा कि सरकारी आवास बना दिये जाते हैं. इसमें रहने में कर्मियों की रुचि कम होती है. वहीं आवास खाली रहने से रख-रखाव बड़ी समस्या होती है.
भवन निर्माण निगम को अपग्रेड करें : मुख्य सचिव ने भवन निर्माण निगम को अपग्रेड करने को कहा है. वहां एक अफसर रखने को कहा, जो सारे भवनों का लेखा-जोखा रखेंगे. उन्होंने आवासीय व कार्यालय भवनों की पूरी जानकारी ऑनलाइन करने को कहा.
कंसल्टेंट की जगह सेवानिवृत्त इंजीनियर की सेवा लें : मुख्य सचिव ने कहा कि नक्शा तैयार करने में शहर के वातावरण व संस्कृति पर ध्यान दें. उन्होंने बाहर के कंसल्टेंट की जगह अपने ही सेवानिवृत्त इंजीनियरों की सेवा लेने पर बल दिया. डॉ तिवारी ने इंजीनियर्स एकेडमी के निर्माण की योजना तैयार करने को कहा. स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में भवनों की पक्की चहारदीवारी न हो. ग्रीन बाउंड्री करने को कहा.
सरकारी खर्च पर आवासों के निर्माण पर रोक लगायें
मुख्य सचिव ने कहा कि बिना किसी सुनिश्चित प्लान के आवास और कार्यालय भवन बनाने पर तत्काल रोक लगायें. निर्माण के बाद भवनों के रख-रखाव की समस्या होती है और इस पर सरकारी राशि खर्च होती है. पब्लिक मनी के सही उपयोग के लिए पीपीपी मोड में निर्माण कराया जा सकता है. उन्होंने बड़े लॉन वाले सरकारी घरों के कल्चर को छोड़ने को कहा. राजधानी सहित जिला मुख्यालयों में अलग-अलग चल रहे पुराने कार्यालय भवनों को तोड़कर उन्हें एक जगह करने की योजना पर काम करने को कहा. उन्होंने भवन विभाग को आवास निर्माण के लिए नयी पॉलिसी बनाने को कहा.
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