रांची : जमीन कारोबारी राजेश नायक हत्याकांड में दो आरोपी गिरफ्तार, जिसकी ली थी सुपारी, उसी ने मारा

By Prabhat Khabar Digital Desk
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रांची : नामकुम थाना क्षेत्र के करकट्टा गांव स्थित रिंग रोड के पास चार नवंबर को जमीन कारोबारी राजेश नायक की हत्या हुई थी, जिसका खुलासा पुलिस ने कर लिया है़ इस मामले में नामकुम के चाय बागान निवासी रूपेश सिंह व उसके भांजे बरगांवा निवासी दिनेश सिंह को गिरफ्तार किया गया है
उनके पास से पुलिस ने दो खोखा व दो मोबाइल बरामद किया है़ रूपेश सिंह, राजेश नायक का सहयोगी था. वह उसके साथ रहता था़ इसलिए उसे पता चला गया था कि राजेश नायक ने संजय नायक की हत्या के लिए 10 लाख की सुपारी ली थी़ बाद में उसने इसकी जानकारी संजय नायक को दे दी थी, क्योंकि संजय नायक व रूपेश स्कूल के दोस्त है़ं
उसके बाद मौका मिलते ही संजय नायक ने राजेश नायक की हत्या कर दी़ जांच में पता चला कि रूपेश भी राजेश से खफा था और रास्ते से हटाना चाहता था, ताकि राजेश के नाम से उसके द्वारा खरीदी गयी संपत्ति उसकी हो जाये़ हालांकि संजय नायक, मुन्ना सहित तीन आरोपी इस मामले में फरार है़ं यह जानकारी एसएसपी अनीश गुप्ता ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में दी़ मौके पर मुख्यालय-वन डीएसपी नीरज सिन्हा भी उपस्थित थे़
जेल में अजय नायक व राजेश नायक की हुई थी मुलाकात
तुपुदाना के संजय साहू की हत्या में अजय नायक और संजय नायक शामिल थे. वर्तमान में संजय जमानत पर बाहर है. वहीं, दूसरी ओर विवि कर्मी अरुण नाग की हत्या में राजेश नायक शामिल था. अजय और राजेश की मुलाकात जेल में ही हुई थी़ एक दिन जब राजेश नायक की जमानत की बात चल रही थी, तब अजय ने उसे संजय साहू के परिवार को मैनेज करने के लिए डेढ़ लाख रुपये दिये थे. जब राजेश नायक, संजय साहू के परिवार से बात करने गया, तो उसके परिवारवालों ने उसे संजय साहू की हत्या में शामिल संजय नायक की हत्या के लिए 10 लाख की सुपारी दे दी.
यह बात उसने अपने सहयोगी रूपेश सिंह को बता दी थी. बाद में रूपेश ने इसकी जानकारी संजय नायक को दी़ इसके बाद ही संजय नायक ने तीन सहयोगियों के साथ मिल कर राजेश नायक की हत्या कर दी़
25 लाख कम मिलने से खफा था रूपेश
जांच में पता चला कि राजेश नायक ने रूपेश सिंह के नाम से एक जमीन खरीदी थी और उसे करोड़ों में बेच दी थी. उसने रूपेश को 35 लाख रुपये देने की बात कही थी, लेकिन मात्र 10 लाख रुपये ही दिये. इस कारण रूपेश राजेश से खफा था और उसे रास्ते से हटाना चाहता था़ इसी बीच मौका मिलते ही संजय की हत्या के लिए ली गयी सुपारी की बात उसने बता दी थी़
अरुण नाग हत्या मामले में रूपेश के बयान पर ही राजेश ने किया था सरेंडर
एसएसपी ने बताया कि चुटिया निवासी विवि कर्मी अरुण नाग की हत्या वर्ष 2018 में हुई थी़ उस मामले में रूपेश सिंह द्वारा कोर्ट में दिये गये बयान के आधार पर ही राजेश ने सरेंडर किया था और तीन महीने पहले ही जेल से छूटा था़ राजेश नायक डॉन की तरह अपना काम समाप्त करने के बाद सामने वाले को रास्ते से हटा देता था़
हथियार लेने के लिए रिंग रोड गये थे राजेश नायक, रूपेश व दिनेश
हैरत वाली एक बात यह भी है कि संजय नायक की हत्या के लिए राजेश नायक उसी से हथियार लेने रिंग रोड गया था. चूंकि संजय हथियार सप्लायर था. क्योंकि राजेश नायक को यह पता नहीं था कि संजय यह जान चुका है कि वह उसकी हत्या करनेवाला है. हथियार देने के लिए संजय नायक तीन साथियों के साथ तय स्थान(रिंग रोड) पर पहुंचा था.
दूसरी आेर से रूपेश सिंह, दिनेश सिंह व राजेश नायक भी पहुंचे. सबने बीयर पी़ जब राजेश को नशा हो गया तो संजय व मुन्ना ने गोली मार कर उसकी हत्या कर दी़ चूंकि रूपेश को सारी बात की जानकारी थी, लेकिन अचानक गोली चलने पर भाग जाने की बात उसने राजेश के परिवारवालों को बतायी थी़
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