लघु उद्योगों की तरक्की के लिए उपायुक्तों को मिलेगा अधिकार
Updated at : 12 Aug 2019 8:17 AM (IST)
विज्ञापन

रांची : सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रम (एमएसएमइ) के क्षेत्र में आनेवाली समस्याओं को देखते हुए उपायुक्तों को व्यापक अधिकार देने की तैयारी की जा रही है. वह अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर न केवल वित्तपोषण में इनकी राह आसान करेंगे, बल्कि विभिन्न औद्योगिक संगठनों के साथ बैठक कर प्रदेश की भौगोलिक स्थितियों के हिसाब […]
विज्ञापन
रांची : सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रम (एमएसएमइ) के क्षेत्र में आनेवाली समस्याओं को देखते हुए उपायुक्तों को व्यापक अधिकार देने की तैयारी की जा रही है. वह अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर न केवल वित्तपोषण में इनकी राह आसान करेंगे, बल्कि विभिन्न औद्योगिक संगठनों के साथ बैठक कर प्रदेश की भौगोलिक स्थितियों के हिसाब से व्याप्त समस्याओं से निबटने का उपाय भी ढूंढेंगे.
राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति ने ग्रामीण विकास सचिव के नेतृत्व में छह सदस्यीय समिति बनायी है, जो सरकार की प्रायोजित योजनाओं को जमीन पर उतारने में मदद करेगी. बैंकों की मानें ताे एमएसएमइ को लेकर शुरू किये गये इस कार्य से सकारात्मक सुधार की उम्मीद है. इस काम को पूरा करने के लिए सिडबी, सेबी, उद्योग विभाग, एसएलबीसी और राज्य सरकार के अधिकारियों को भी पहले की तुलना में ज्यादा जिम्मेदार बनाने की योजना है.
इनकी होगी जिम्मेदारी
सचिव ग्रामीण विकास, सचिव संस्थागत वित्त, सचिव उद्योग विभाग, भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ इंडिया व इलाहाबाद बैंक.
इस सेक्टर को दिये गये लोन का विवरण
माइक्रो इंटरप्राइजेज 13692.46 करोड़
स्मॉल इंटरप्राइजेज 10496.91 करोड़
मीडियम इंटरप्राइजेज 24189.37 करोड़
59 मिनट में एक करोड़ तक का लोन दे रही है सरकार, शुरू किया गया है ऑनलाइन पोर्टल
झारखंड में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रमों को बढ़ावा देने के लिए बैंकों ने अपने प्रयास तेज कर दिये हैं. एमएसएमइ को आसानी से क्रेडिट सुविधा मिल सके, इसके लिए सरकार ने 59 मिनट में एक करोड़ रुपये का लोन देने की सुविधा शुरू की है. इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया गया है, जहां लोनकर्ताओं को सर्वप्रथम जाकर इसके लिए आवेदन देना होगा.
स्थानीय स्तर पर आय सृजन करने में मिलेगी मदद , एमएसएमइ को समर्थन की है जरूरत स्थानीय स्तर पर रोजगार व आय सृजन तेज करने के लिए एमएसएमइ को समर्थन देने की जरूरत है. लघु उद्योग भारती की मानें तो भारत में एमएसएमइ का निर्यात में करीब 45 प्रतिशत, जीडीपी में करीब 25 प्रतिशत तथा विनिर्माण उत्पादन में 33 प्रतिशत से अधिक योगदान है.
लघु और सूक्ष्म उद्योग देश के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं. उन्हें अगर विकास की रीढ़ कहा जाये तो गलत नहीं होगा. उनकी उत्पादन क्षमता से ही राज्य के साथ-साथ बैंकों का विकास संभव है. लघु, कुटीर, सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों को सही फाइनांस कर बैंक उसका फायदा उठा सकते हैं.
दीपक कुमार मारू, अध्यक्ष, चेंबर
पिछले साल की तुलना में बढ़ा कारोबार
पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान राज्य भर में 1178 एमएसएमइ इकाई कार्यरत थी. इस बार इस संख्या के साथ 460 नयी इकाई अस्तित्व में आयी. इस सेक्टर को पिछले साल 23, 569 की तुलना में इस इस साल की प्रथम तिमाही तक 2,428 करोड़ रुपये ज्यादा दिये गये.
पर्यटकों को लुभाने के लिए एक दर्जन लोकेशन पर ओपेन एयर जिम बनेगा
जेटीडीसी ने इच्छुक कंपनियों से रेट कांट्रैक्ट और रिक्वेस्ट ऑफ प्रपोजल मंगाया है
राज्य भर में 12 प्रमुख ठिकानों को चिह्नित किया गया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




