रांची : विद्यार्थी दोबारा वाहन चलाते पकड़ाया तो स्कूल को रद्द करना होगा एडमिशन

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अब विद्यार्थियों के वाहन चलाने पर रहेगी कड़ी नजर, जारी हुआ आदेश रांची : स्कूलों के विद्यार्थियों द्वारा लगातार यातायात नियमों का उल्लंघन करने और जान गंवाने की घटनाओं के बाद परिवहन और साक्षरता विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है. नये जारी आदेश के मुताबिक किसी विद्यार्थी के द्वारा यातायात नियम उल्लंघन करने पर […]

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अब विद्यार्थियों के वाहन चलाने पर रहेगी कड़ी नजर, जारी हुआ आदेश
रांची : स्कूलों के विद्यार्थियों द्वारा लगातार यातायात नियमों का उल्लंघन करने और जान गंवाने की घटनाओं के बाद परिवहन और साक्षरता विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है.
नये जारी आदेश के मुताबिक किसी विद्यार्थी के द्वारा यातायात नियम उल्लंघन करने पर अब अभिभावक और स्कूल प्रबंधन बराबर जिम्मेदार माने जायेंगे. विभाग ने जो निर्देश दिये हैं, उसके मुताबिक अभिभावक को बच्चे के नामांकन के वक्त शपथ पत्र देना होगा कि वह अपने बच्चे को स्कूल आने-जाने के लिए कोई वाहन नहीं चलाने देंगे.
अगर विद्यार्थी दोबारा वाहन का प्रयोग करने की गलती करते पकड़ा जाता है, तो संबंधित स्कूल में उसका नामांकन रद्द करना पड़ेगा. बच्चे को फौरन निकालने का आदेश विद्यालय को जारी करना पड़ेगा. इसे लेकर परिवहन सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो के साथ ही स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्रधान सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह ने सोमवार को संयुक्त रूप से अधिसूचना जारी कर दी. जिसका सख्ती से पालन कराया जायेगा.
साथ ही स्कूल प्रबंधन भी समय-समय पर पीटीएम मीटिंग में अभिभावकों और बच्चों से सुरक्षा नियमों पर बात करेंगे. उन्हें बतायेंगे कि नियम का पालन करना जिंदगी के लिए कितना जरूरी है. जिससे लगातार हो रहे हादसों पर रोक लगे.
उपायुक्त, शिक्षा पदाधिकारी व डीटीओ रखेंगे नजर
जारी निर्देश में सभी उपायुक्तों और शिक्षा पदाधिकारी के साथ ही डीटीओ को स्कूल प्रबंधन के साथ बैठक कर यातायात मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चत कराने का निर्देश दिया गया है.
राजधानी में कमर्शियल वाहनों की तर्ज पर नियमित अभियान चलाया जायेगा. आदेश के अनुसार अब गाइडलाइन के तहत स्कूल की बसों और बच्चों को लाने-ले जानेवाले टेंपो, वैन व कैब की सुरक्षा की गहन जांच की जाएगी.
अब स्कूल प्रबंधन होंगे सीधी कार्रवाई के दायरे में
स्कूल प्रबंधकों व अन्य तरह के दबावों के चलते बच्चों की सुरक्षा से समझौता हो रहा था. उच्चतम न्यायालय के आदेशों के तहत स्कूल के मेन गेट, परिसर के अंदरूनी हिस्से अौर वाहन के अंदर सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल करने के निर्देश दिये गये हैं.
इसके अतिरिक्त रूट चार्ट, स्पीड गर्वनर की अनिवार्यता रखी गई है. वाहनों के अंदर व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम,आग बुझाने के उपकरण, फर्स्ट एड की व्यवस्था सहित कई अन्य मानक रखे गये हैं. वाहनों के अंदर इनमें से सुरक्षा को लेकर कमियां पायी गयीं, तो प्रबंधन पर सीधी कार्रवाई होगी.
स्कूल की मान्यता भी पड़ेगी खतरे में
अभियान के दौरान स्कूल बसों में पर्याप्त सुरक्षा मापदंडों को पूरा नहीं करनेवाले वाहन इसके घेरे में आयेंगे. पहली अनियमितता पाये जाने पर मौके पर ही चालान के साथ ही कड़ी चेतावनी जारी की जायेगी. दूसरी बार उसी स्कूल प्रबंधन की बस द्वारा गड़बड़ी करने पर वाहन को सीज कर परिचालन से बाहर करने की सिफारिश की गयी है.
आगे अगर तीसरी बार में स्कूल प्रबंधन ठीक उसी गलती को दोहराता है, तो स्कूल को जिस बोर्ड से मान्यता प्राप्त है, उसे संबद्धता रद्द करने की कार्रवाई करने के लिए कहा जायेगा. यह कार्रवाई उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा की जायेगी. मान्यता रद्द करने की अंतिम अनुशंसा डीइओ और डीटीओ संयुक्त रूप से करेंगे.

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