रांची : मिड डे मील, मेगालिथ कल्चर विषयों पर होगा शोध

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रांची : डॉ रामदयाल मुंडा जनजातीय शोध संस्थान में शुक्रवार को शोधकर्ताअों अौर संस्थान के पदाधिकारियों की बैठक हुई. बैठक में संस्थान में हो रहे शोध कार्यों की समीक्षा की गयी. साथ ही भविष्य के शोध के लिए राज्य में मिड डे मील का दूसरे राज्यों से तुलनात्मक अध्ययन, मेगालिथ कल्चर, गैर आदिवासी पुरुषों के […]

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रांची : डॉ रामदयाल मुंडा जनजातीय शोध संस्थान में शुक्रवार को शोधकर्ताअों अौर संस्थान के पदाधिकारियों की बैठक हुई. बैठक में संस्थान में हो रहे शोध कार्यों की समीक्षा की गयी. साथ ही भविष्य के शोध के लिए राज्य में मिड डे मील का दूसरे राज्यों से तुलनात्मक अध्ययन, मेगालिथ कल्चर, गैर आदिवासी पुरुषों के साथ आदिवासी महिलाअों की शादी अौर इसके प्रभाव, आदिवासी समुदायों के द्वारा राज्य गठन अौर शासन जैसे विषयों को चुना गया.

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इसके अलावा खेल के जरिये आदिवासी बच्चियों के व्यक्तित्व में आये परिवर्तन सहित अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई. संस्थान के निदेशक रणेंद्र ने कहा कि मानव सभ्यता की पहली संरचना मेगालिथ ही है. नये गांव की बसाहट, अंतिम संस्कार, युद्ध में विजय सहित अन्य कार्यों के लिए इन्हें स्थापित किया गया.
झारखंड में मेगालिथ की परंपरा ससनदिरी सहित अन्य कामों में भी देखी जा सकती है. उन्होंने आदिवासी समुदाय द्वारा राज्य अौर शासन की स्थापना के विषयों पर भी जानकारी दी. झारखंड जंगल बचाअो आंदोलन के संजय बसु मलिक ने कहा कि झारखंड का इतिहास अौर अस्तित्व की पहचान अभी भी अधूरे हैं.
इन पर काफी काम किया जाना बाकी है. डॉक्यूमेंटरी फिल्म निर्माता मेघनाथ ने भी अपनी बातें रखी. डॉ रूपम कुमारी, नवीन कुमार बाड़ा सहित अन्य ने संताल विद्रोह में महिलाअों की भूमिका और डॉ सीमा ममता मिंज ने वीर बुद्धू भगत पर हो रहे शोध कार्यों की जानकारी दी. बैठक में मनोरमा एक्का, महादेव टोप्पो, सोमा सिंह मुंडा सहित अन्य उपस्थित थे.
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