रांची से कई बड़े शहरों के लिए सीधी ट्रेन नहीं, यात्रियों का समय और पैसा दोनों हो रहा खर्च
रांची से कई बड़े शहरों के लिए सीधी ट्रेन नहीं (AI Generated)
रांची रेल डिविजन में अच्छी नेटवर्किंग के बावजूद, कई प्रमुख शहरों के लिए सीधी ट्रेन सेवा का अभाव है. यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए बस या निजी वाहन का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों का नुकसान होता है. दक्षिणी भारत की यात्राओं के लिए स्थिति और भी चिंताजनक है.
रांची. रांची रेल डिविजन में रेलवे का अच्छा नेटवर्क होने के बावजूद देश के कई प्रमुख शहरों के लिए रांची से रोजाना सीधी ट्रेन सेवा उपलब्ध नहीं है. इसके कारण यात्रियों को दूसरे शहरों तक बस या निजी वाहन से पहुंचकर वहां से ट्रेन पकड़नी पड़ती है. इससे उनका अतिरिक्त समय और पैसा दोनों खर्च होता है.
आपके शहर में
सूरत जाने के लिए जमशेदपुर तक का सफर
रांची से सूरत के लिए सप्ताह में सिर्फ एक दिन मालदा-सूरत एक्सप्रेस चलती है. बाकी दिनों में सूरत जाने वाले यात्रियों को बस या निजी वाहन से जमशेदपुर जाना पड़ता है. इसके बाद वहां से ट्रेन पकड़नी पड़ती है.
इंदौर के लिए भी सीधी ट्रेन उपलब्ध नहीं
इसी तरह इंदौर के लिए भी रांची से सीधी ट्रेन उपलब्ध नहीं है. यात्रियों को बस से पतरातू जाना पड़ता है. वहां से धनबाद-भोपाल एक्सप्रेस या सप्ताह में एक दिन चलने वाली धनबाद-शिप्रा एक्सप्रेस के जरिए आगे का सफर करना पड़ता है.
मुंबई और बेंगलुरु के लिए भी सीमित ट्रेनें
मुंबई के लिए रांची से सप्ताह में सिर्फ तीन दिन बुधवार, शुक्रवार और शनिवार को ट्रेन उपलब्ध है. वहीं गया-एलटीटी ट्रेन सप्ताह में एक दिन रांची होकर चलती है.
बेंगलुरुके लिए भी रोजाना सीधी ट्रेन नहीं है. हटिया से सर एम विश्वेश्वरैया टर्मिनल (SMVT) बेंगलुरु के लिए सप्ताह में सिर्फ तीन दिन ट्रेन चलती है. इसके कारण दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों को टिकट के लिए लंबी वेटिंग लिस्ट का सामना करना पड़ता है.
3 हजार यात्री करते है दक्षिण भारत की यात्रा
दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों में आइटी प्रोफेशनल, छात्र, नौकरीपेशा, कारोबारी और इलाज के लिए जाने वाले मरीज बड़ी संख्या में शामिल हैं. अनुमान के मुताबिक रांची से रोजाना करीब 3 हजार यात्री दक्षिण भारत की यात्रा करते हैं.
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वेल्लोर होते हुए बेंगलुरु के लिए ट्रेन का प्रस्ताव
रांचीरेल मंडल ने वेल्लोर होते हुए बेंगलुरु के लिए अतिरिक्त ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रेलवे मुख्यालय को भेजा है. इसके शुरू होने से दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों के साथ सीएमसी वेल्लोर में इलाज कराने वाले मरीजों को भी राहत मिलने की उम्मीद है. झारखंड से बड़ी संख्या में युवा बेंगलुरु में आइटी, उच्च शिक्षा और निजी कंपनियों में काम करते हैं. इसके अलावा दक्षिण भारत के अस्पतालों में इलाज कराने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग जाते हैं.
फिलहाल हटिया से बेंगलुरु के लिए ट्रेन
फिलहाल हटिया से एसएमवीटी बेंगलुरु सुपरफास्ट एक्सप्रेस मंगलवार और रविवार को चलती है, जबकि हटिया-एमएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस शनिवार को चलती है. यानी सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को रांची या हटिया से बेंगलुरु के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं है.
क्या कहते हैं अधिकारी और सांसद
करुणानिधि सिंह, डीआरएम: बेंगलुरु के लिए अतिरिक्त ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रेलवे मुख्यालय में विचाराधीन है. प्रस्ताव स्वीकृत होने पर दक्षिण भारत की यात्रा और आसान हो जाएगी.
संजय सेठ, रक्षा राज्यमंत्री व सांसद रांची लोकसभा रेलवे के सामने अतिरिक्त ट्रेन का प्रस्ताव रखा गया है. यात्रियों को बेहतर सुविधा मिले और उनकी यात्रा आसान हो, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.
अरुण जोशी, जेडआरयूसीसी सदस्य: रांची से कई राज्यों के लिए रोजाना ट्रेन सेवा उपलब्ध नहीं है. इस संबंध में सांसद और रेल अधिकारियों को कई बार पत्र लिखा गया है, लेकिन अभी तक मामला रेलवे बोर्ड से स्वीकृत नहीं हुआ है.
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