ePaper

रांची : लालफीताशाही ने लटका रखा है जसीडीह स्टेशन का काम

Updated at : 27 Jun 2019 8:12 AM (IST)
विज्ञापन
रांची : लालफीताशाही ने लटका रखा है जसीडीह स्टेशन का काम

आठ महीने से जमीन अधिग्रहण की फाइल घूम रही है इधर-उधर, अफसर नहीं दे रहे ध्यान जियाडा के पास है मात्र 80 डिसमिल जमीन, चाहिए 7.90 एकड़ जमीन रांची : इस बार फिर श्रावणी मेला के दौरान जसीडीह रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुअों को ठेलमठेल भीड़ से होकर आना-जाना होगा. मतलब सारे यात्रियों को स्टेशन के […]

विज्ञापन
आठ महीने से जमीन अधिग्रहण की फाइल घूम रही है इधर-उधर, अफसर नहीं दे रहे ध्यान
जियाडा के पास है मात्र 80 डिसमिल जमीन, चाहिए 7.90 एकड़ जमीन
रांची : इस बार फिर श्रावणी मेला के दौरान जसीडीह रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुअों को ठेलमठेल भीड़ से होकर आना-जाना होगा. मतलब सारे यात्रियों को स्टेशन के एक ही द्वार से निकलना और प्रवेश भी करना होगा, क्योंकि दूसरे द्वार का निर्माण अब िक नहीं हो सका है. ऐसा अफसरों की लालफीताशाही के कारण हुआ है.
क्योंकि आठ महीने में भी दूसरे द्वार के लिए जमीन उपलब्ध नहीं हो सकी है. जमीन अधिग्रहण की फाइल अक्तूबर 2018 से लेकर आज तक इधर-उधर घूम रही है.
संबंधित कार्यालयों व विभागों ने ठीक से फाइल का हाल तक नहीं लिया. जहां गयी फाइल अटकती रही. इधर झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (जियाडा) की ओर से बताया गया कि प्रस्ताव 7.90 एकड़ जमीन की है, जबकि हमारे पास उक्त खाता में केवल 80 डिसमिल ही जमीन है. ऐसे में फिर से प्रस्ताव भेजी जायेगी, तो जमीन दी जा सकेगी.
क्या है पूरा मामला
देवघर उपायुक्त ने जसीडीह रेलवे स्टेशन के दूसरे द्वार के निर्माण के लिए जसीडीह मौजा के खाता संख्या 118 की जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव तैयार किया था. खाता संख्या 8, खाता 50/16 व खाता 61 से कुल 7.90 एकड़ जमीन लेने का प्रस्ताव बना. उपायुक्त ने संताल के कमिश्नर को 22 अक्तूबर 2018 को प्रस्ताव भेजा. आयुक्त ने इस प्रस्ताव को 31 अक्तूबर 2018 को राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग को भेज दिया.
दिसंबर अंत में राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार ने उसे उद्योग विभाग के पास भेज दिया, ताकि जमीन दी जा सके. अभी तक यह संचिका उद्योग विभाग के अधीन जियाडा के पास है. जियाडा इस इंतजार में है कि देवघर जिला प्रशासन या रेलवे से कोई एप्रोच करे, तो स्थिति स्पष्ट की जायेगी कि उसके पास प्रस्ताव के मुताबिक जमीन नहीं है.
दूसरे द्वार के बन जाने पर राहत मिलेगी श्रद्धालुओं को
जसीडीह स्टेशन के दूसरे द्वार के निर्माण का इंतजार लोग लंबे समय से कर रहे हैं. इसकी आवश्यकता को देखते हुए ही इसके निर्माण पर बात आगे बढ़ी है. अगर गेट बन जाता है, तो श्रद्धालुअों को काफी राहत मिलेगी. यहां हर दिन यात्रियों की संख्या भी अधिक होती है. श्रावणी मेला में स्टेशन खचाखच भरा होता है.
क्या कहता है राजस्व विभाग
राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग ने बताया कि जसीडीह रेलवे स्टेशन के दूसरे द्वार के लिए जमीन लेने की फाइल उद्योग विभाग को दिसंबर 2018 में ही भेज दी गयी थी. अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है, तो इस पर तत्काल पहल कैसे की जायेगी.
एक ही दिन में दे देंगे जमीन : सचिव
इधर जियाडा के सचिव का कहना है कि उन्हें राजस्व विभाग से संचिका मिली है, लेकिन उक्त खाते में जमीन नहीं है. रेलवे स्टेशन पर ही गार्डेन या अन्य जगह की जमीन चिह्नित कर सीधे जियाडा को प्रस्ताव भेजी जाये. जमीन देने में किसी तरह की देरी नहीं होगी. हम एक ही दिन में जमीन उपलब्ध करा देंगे.
कब-कब क्या हुआ
22 अक्तूबर 2018 को देवघर उपायुक्त ने जमीन अधिग्रहण की फाइल आयुक्त को भेजी
संताल परगना के आयुक्त ने 31 अक्तूबर को फाइल राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार को भेजी
राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग ने दिसंबर 2018 में जमीन देने के लिए फाइल उद्योग विभाग को भेजी
उद्योग विभाग के अधीन जियाडा के पास अभी भी फाइल है
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola