रांची : महिला से बातचीत में खूंटी के भूमि संरक्षण पदाधिकारी ने कहा, तालाब जीर्णोद्धार में निदेशालय से जिला तक जाता है पैसा
Updated at : 28 Feb 2019 6:20 AM (IST)
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मनोज सिंह रांची : खूंटी जिला के भूमि संरक्षण पदाधिकारी (एससीओ) विमल लकड़ा और तालाब जीर्णोद्धार के काम के लिए मिलने गयी एक लाभुक का ऑडियो इन दिनों वायरल हो रहा है. इस ऑडियो में दोनों के बीच तालाब जीर्णोद्धार के लिए लिये जानेवाले कमीशन का जिक्र किया जा रहा है. बताया जा रहा है […]
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मनोज सिंह
रांची : खूंटी जिला के भूमि संरक्षण पदाधिकारी (एससीओ) विमल लकड़ा और तालाब जीर्णोद्धार के काम के लिए मिलने गयी एक लाभुक का ऑडियो इन दिनों वायरल हो रहा है. इस ऑडियो में दोनों के बीच तालाब जीर्णोद्धार के लिए लिये जानेवाले कमीशन का जिक्र किया जा रहा है.
बताया जा रहा है कि यह वीडियो 2018 का है. इसमें कुल 25 फीसदी राशि कमीशन में बांटे जाने का जिक्र है. इसमें एक उपायुक्त को भी पैसा दिये जाने का जिक्र किया जा रहा है.
इसमें कहा जा रहा है कि पैसा भूमि संरक्षण निदेशालय से लेकर जिला स्तर तक जाता है. इसमें कहा जा रहा है कि उपायुक्त 50 हजार रुपये प्रति तालाब मांग रहे हैं. इससे कम पर अनुमोदन करने के लिए तैयार नहीं हैं. अधिकारी के पास काम के लिए गयी लड़की कहती है कि 25 हजार रुपये में काम करा दें.
अधिकारी कहते हैं कि वह इतनी राशि में कसम करने के लिए तैयार नहीं हैं. इसके लिए मुझे भी परेशान किया जा रहा है. वह कहते हैं कि यहां से अनुमोदन के बाद अलग-अलग काम के लिए अलग-अलग स्थानों पर पैसा लिया जाता है. यह पैसा विभाग के ही एक अभियंता को देने की बात करते हैं. इसमें डीसी ऑफिस के कर्मी, निदेशालय के कर्मी, सचिवालय और मंत्री के लोगों को भी मैनेज करने की बात कर रहे हैं.
महिला और भूमि संरक्षण पदाधिकारी के बीच बातचीत के अंश
महिला : मेरा काम कैसे होगा? बहुत मांग रहे हैं. शालिनी 25 बोली थी…
एससीओ : 50 मांगता है.
महिला : कौन देगा ?
एससीओ : हम जाकर बोले थे, इतना पैसा कौन देगा. नहीं मानता है?
महिला : हम तो सोचे शालिनी जितना बोली थी, उसमें काम हो जायेगा. कहां लटका है मामला?
एससीओ : डीसी का अनुमोदन नहीं मिला है. वहां लटका हुआ है. मेरा दिमाग खराब हो रहा है.
महिला : हम तो सोचे थे कि काम के बाद देंगे, लेकिन…
एससीओ : डीसी से अनुमोदन के बाद जिला में पैसा लगेगा. प्रशासनिक स्वीकृति के लिए निदेशालय में दो परसेंट लगेगा. इससे पहले इस्टीमेट बनाने का इंजीनियर लेगा.
एक व्यक्ति : डीएससीओ, रांची के यहां भी दो फीसदी लगेगा.
एससीओ : वहां चार से पांच फीसदी लगेगा.
महिला : कुल कितना फीसदी खर्च होता है?
एससीओ : 25 फीसदी के आसपास खर्च हो जायेगा.
महिला : काम होने के बाद तो नहीं कटेगा ना?
एससीओ : फिर कटेगा?
महिला : इतना कट जायेगा तो नुकसान हो जायेगा ?
एससीओ : नुकसान में कोई काम नहीं करता है. इतना चक्कर सब नुकसान होने के लिए थोड़े लगाता है. घाटा किसी को नहीं होता है.
(बातचीत में एससीओ काम कराने के बाद कई प्रकार के जनप्रतिनिधियों पर पैसा खर्च करने की बात कहते हैं, यह भी कहते हैं कि पूर्व के डीसी एक पैसा नहीं लेते हैं.)
फोन नहीं उठाया एससीओ ने
वायरल हुए इस ऑडियो पर उनका पक्ष लेने के लिए जब खूंटी के भूमि संरक्षण पदाधिकारी को फोन लगाया गया, तो उन्होंने फोन रिसिव नहीं किया. उनको वाट्सएप भी किया गया. इसका भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.
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