रांची : प्रश्नपत्र व ओएमआर शीट में तालमेल नहीं होने से विद्यार्थियों को हुई परेशानी

Updated at : 12 Feb 2019 9:17 AM (IST)
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रांची : प्रश्नपत्र व ओएमआर शीट में तालमेल नहीं होने से विद्यार्थियों को हुई परेशानी

रांची : झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) द्वारा सोमवार को पहली बार आठवीं बोर्ड परीक्षा का आयोजन किया गया. परीक्षा अोएमआर शीट पर ली गयी. प्रश्नपत्र व अोएमआर शीट में तालमेल नहीं रहने के कारण विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. अव्यवस्था का आलम रहा. आनन-फानन में इसकी सूचना जैक को दी गयी. हालांकि […]

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रांची : झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) द्वारा सोमवार को पहली बार आठवीं बोर्ड परीक्षा का आयोजन किया गया. परीक्षा अोएमआर शीट पर ली गयी. प्रश्नपत्र व अोएमआर शीट में तालमेल नहीं रहने के कारण विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. अव्यवस्था का आलम रहा. आनन-फानन में इसकी सूचना जैक को दी गयी.
हालांकि जैक ने तत्काल राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीइअो) को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया. शिक्षक भी काफी परेशान हुए. गणित, हिंदी, विज्ञान, अंगरेजी व सामाजिक विज्ञान विषय के 20-20 प्रश्न पूछे गये थे. प्रत्येक प्रश्न के लिए एक-एक अंक तय था. एक ही अोएमआर शीट पर परीक्षा ली गयी. 5,35,207 परीक्षार्थियों को शामिल होना था, लेकिन परीक्षा में 5,11,099 परीक्षार्थी बैठे. 24,108 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे. वहीं, रांची जिले में कुल 275 केंद्रों पर 39880 विद्यार्थियों ने परीक्षा लिखी. शुरुआत में परीक्षा थोड़ी देर के लिए रुक गयी थी.
राजकीय मध्य विद्यालय पंडरा के विद्यार्थी शिवम, श्रेया, दुर्गा ने बताया कि एक से लेकर 20 प्रश्नों का उत्तर लिखने में उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई, लेकिन जैसे ही दूसरे भाग के प्रश्न हल करने लगे, तो उसमें भी एक से लेकर 20 क्रम संख्या में प्रश्न पूछे गये थे, जबकि अोएमआर शीट पर क्रम संख्या 20 के बाद 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 28, 29, 30 आदि क्रम संख्या 100 (लगातार) तक अंकित थी. दूसरे, तीसरे, चाैथे व पांचवें भाग के प्रश्नों का जवाब अोएमआर शीट पर कैसे लिखें, यह समझ में नहीं आ रहा था. इसकी जानकारी वीक्षक को दी. वीक्षक ने प्रश्नों का उत्तर अोएमआर शीट पर कैसे देना है, उसे ब्लैक बोर्ड पर बताया.
रांची के आरडीडीइ सह प्रभारी डीइअो अशोक कुमार शर्मा ने बताया किउन्हें जैक से वाट्सएप पर सूचना दी गयी. जैक द्वारा भेजे गये वाट्सएप संदेश को तुरंत सभी केंद्राधीक्षकों को फॉरवर्ड किया गया.
ब्लैक बोर्ड पर उत्तर लिखने के तरीके की जानकारी दी गयी. प्रश्नपत्र के अनुसार अोएमआर शीट में विद्यार्थियों को जवाब लिखने के लिए कहा गया अर्थात पहले भाग के 20 प्रश्नों के जवाब के लिए अोएमआर शीट की क्रम संख्या एक से लेकर 20 तक, दूसरे भाग के लिए क्रम संख्या 21 से लेकर 40 तक, तीसरे भाग के लिए क्रम संख्या 41 से लेकर 60 तक, चाैथे भाग के लिए क्रम संख्या 61 से लेकर 80 तक तथा पांचवें भाग के प्रश्नों के लिए अोएमआर शीट की क्रम संख्या 81 से लेकर 100 माना जाये. इसी के आधार पर मूल्यांकन की बात कही गयी.
रौल नंबर भी कई शीट में क्रम में नहीं थे
प्रश्न संख्या और ओएमआर की गड़बड़ी का पता चलते ही तत्काल वाट्सएप के माध्यम से सभी केंद्राधीक्षकों से कहा गया कि लगातार प्रश्न क्रम मानते हुए अोएमआर शीट में उत्तर का अंकन करवाया जाये. राज्य के कई केंद्रों पर यह सूचना साढ़े 10 बजे के बाद पहुंची. बच्चे परेशान रहे. परीक्षा 10 बजे से ही शुरू हो गयी थी. विद्यार्थियों को 9.45 बजे प्रश्न पत्र देने के लिए पैकेट खोला गया. प्रश्न पत्र व अोएमआर शीट में तालमेल नहीं था.
इतना ही नहीं अटेंडेंस शीट में ओएमआर शीट का नंबर लिखना था. यह भी क्रमवार नहीं था. रौल नंबर भी कई शीट में क्रम में नहीं थे. इस कारण परीक्षार्थी अपने नाम के स्थान पर दूसरे के नाम के कॉलम को भर कर हस्ताक्षर कर रहे थे. इस कारण परीक्षार्थी व वीक्षक काफी परेशान रहे. प्रश्न पत्र में 100 प्रश्न पांच भाग में दिये गये थे. सभी पांचों विषयों से 20-20 प्रश्न पूछे गये थे. एक भाग में एक से लेकर 20 प्रश्न थे. इसी तरह अन्य भाग में प्रश्न पूछे गये थे, लेकिन अोएमआर शीट पर क्रम संख्या एक से लेकर 100 लगातार क्रम अंकित था. प्रश्न पत्र के अनुसार अोमएमआर शीट नहीं रहने पर एक बारगी विद्यार्थी परेशान हो गये.
लापुंग में परीक्षा केंद्र पर छात्रा करंट से झुलसी
स्कूल की छत से गुजरा है 11 हजार वोल्ट का तार, विद्यालय में परीक्षा समाप्ति के बाद छात्रा की हुई परीक्षा
लापुंग : सारंगलोया गांव निवासी राजकीय मध्य विद्यालय लालगंज की छात्रा सुब्रदानी नाग सोमवार को आठवीं बोर्ड की परीक्षा देने राजकीय मध्य विद्यालय जातालोया केंद्र पर गयी थी. वहां वह करंट की चपेट में आने से घायल हो गयी.
घटना सुबह करीब 9.30 बजे की है. जानकारी के अनुसार सुब्रदानी नाग सहित दो-तीन अन्य छात्राएं विद्यालय परिसर में ही किचेन शेड की छत पर चढ़ गयी थीं. किचेन शेड की छत के ऊपर से ही 11 हजार वोल्ट का तार गुजरा है. सुब्रदानी उसके संपर्क में आ गयी, जिससे उसकी जांंघ व एक हाथ झुलस गया.
एक परीक्षार्थी कार्तिक लोहरा ने यह वाकया देखा, तो अपनी जान जोखिम में डाल कर सूखे बांस के डंडे से सुब्रदानी के हाथ में झटका दिया, जिससे वह बिजली तार से अलग हुई व उसकी जान बची. इसके बाद उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लापुंग लाया गया.
वहां प्रभारी डॉ दिलीप उरांव व डॉ जागृति सुरीन ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी. विद्यालय में परीक्षा समाप्ति के बाद कार्यालय में केंद्राधीक्षक फादर मार्टिन कंडुलना व उप केंद्राधीक्षक प्रताप कुमार राय की निगरानी में सुब्रदानी नाग ने परीक्षा दी.
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