रांची : हटिया डीएसपी ने जवाब में तीन थानेदारों को फंसाया

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रांची : धुर्वा में फर्जी शराब तस्करी के केस में सिटी एसपी अमन कुमार ने हटिया डीएसपी विनोद रवानी के आचरण को संदिग्ध बताया था, जिसके बाद रांची एसएसपी अनीश कुमार गुप्ता ने पुलिस मुख्यालय से हटिया डीएसपी के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की थी. हालांकि मामले में कार्रवाई से पहले हटिया डीएसपी को शो […]

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रांची : धुर्वा में फर्जी शराब तस्करी के केस में सिटी एसपी अमन कुमार ने हटिया डीएसपी विनोद रवानी के आचरण को संदिग्ध बताया था, जिसके बाद रांची एसएसपी अनीश कुमार गुप्ता ने पुलिस मुख्यालय से हटिया डीएसपी के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की थी. हालांकि मामले में कार्रवाई से पहले हटिया डीएसपी को शो कॉज कर उनसे जवाब मांगा गया था.
हटिया डीएसपी ने पुलिस मुख्यालय को भेजे जवाब में लिखा है कि उन्हें घटना के दिन धुर्वा के तत्कालीन थानेदार तालकेश्वर राम ने फोन किया था. उन्होंने बताया कि उनके साथ तुपुदाना के तत्कालीन ओपी प्रभारी भी हैं. उन्होंने शराब तस्करी के मामले में दो आरोपियों को पकड़े जाने की सूचना दी. तालकेश्वर राम ने डीएसपी से यह भी कहा कि वह छापेमारी के लिए एक गुप्तचर को भेज रहे हैं.
साथ ही बताया कि डोरंडा के पत्थर रोड में छापेमारी करने से चोरी की गाड़ी भी बरामद हो सकती है. इसके बाद हटिया डीएसपी ने डोरंडा थानेदार को फोन किया, लेकिन उनका व्यवहार असयोगात्मक रहा. फिर उन्होंने छापेमारी के लिए पीसीआर को कहा, लेकिन पीसीआर ने भी सहयोग नहीं किया. तब उन्होंने कंट्रोल रूम से गाड़ी मंगवा कर पत्थर रोड से दो वाहनों का जब्त किया और जांच के लिए डोरंडा थाना को सौंप दिया. इस तरह सिटी एसपी की जांच में दोषी पाये गये हटिया डीएसपी ने शोकॉज के जवाब में पूरे मामले में डोरंडा, ध्रुर्वा व तुपुदाना के तत्कालीन थानेदारों को फंसाने का प्रयास किया है.
ताकि खाली वाहन से शराब दिखाने के मामले में खुद बच सकें. मामले में हटिया डीएसपी के शो कॉज के जवाब पर पुलिस मुख्यालय ने रांची एसएसपी से जवाब के बिंदु पर प्रतिवेदन तैयार कर भेजने को कहा है. इससे अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों को सिटी एसपी की जांच रिपोर्ट पर भरोसा नहीं है.
क्या है मामला
उल्लेखनीय है कि 31 अगस्त को धुर्वा थानेदार ने जमादार ललन प्रसाद की लिखित शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की थी. प्राथमिकी में एक कार को आरोपी द्वारा छोड़ कर भाग जाने और दूसरी गाड़ी सफारी से शराब सहित मालवीय और नंद किशोर साहू को गिरफ्तार दिखाया था. बाद में दोनों को जेल भेज दिया गया था. कुछ दिन बाद पत्थर रोड से दोनों गाड़ी बरामद करने और धुर्वा में शराब बरामद करने का मामला सामने आने पर एसएसपी ने मामले की जांच की जिम्मेवारी सिटी एसपी को सौंपी थी.
इसके साथ ही तत्कालीन धुर्वा, डोरंडा और तुपुदाना ओपी प्रभारी को लाइन क्लोज कर दिया गया था. बाद में पुलिस मुख्यालय ने तालकेश्वर राम और डोरंडा के तत्कालीन थाना प्रभारी आबिद खान को रांची जिला से ही स्थानांतरित तक कर दिया था. लेकिन आज तक इस मामले में हटिया डीएसपी के खिलाफ पुलिस मुख्यालय ने कोई कार्रवाई नहीं की.
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