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रांची : शहर के शिक्षकों का पांच साल में होगा तबादला

Updated at : 17 Oct 2018 7:00 AM (IST)
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रांची : शहर के शिक्षकों का पांच साल में होगा तबादला

सुनील कुमार झा रांची : स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने शिक्षकों के स्थानातंरण नियमावली के ड्राफ्ट को अंतिम रूप दे दिया है. नयी नियमावली के अनुसार, शिक्षकों को रोटेशन के आधार पर गांव और शहर के स्कूलों में पदस्थापित किया जायेगा. अब शहरी क्षेत्र के विद्यालयों में अधिकतम पांच वर्ष तक ही शिक्षकों का […]

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सुनील कुमार झा
रांची : स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने शिक्षकों के स्थानातंरण नियमावली के ड्राफ्ट को अंतिम रूप दे दिया है. नयी नियमावली के अनुसार, शिक्षकों को रोटेशन के आधार पर गांव और शहर के स्कूलों में पदस्थापित किया जायेगा.
अब शहरी क्षेत्र के विद्यालयों में अधिकतम पांच वर्ष तक ही शिक्षकों का पदस्थापन किया जायेगा. इसके बाद उनका तबादला रोटेशन के आधार पर गांवों में कर दिया जायेगा. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ा रहे शिक्षकों को शहर के स्कूलों में पढ़ाने का मौका मिलेगा.
शहरी क्षेत्र के विद्यालयों को छोड़ कर अगर किसी अन्य जोन में पदस्थापित शिक्षक अपनी इच्छा से उक्त जोन में बने रहना चाहते हैं, तो उनका स्थानांतरण नहीं किया जायेगा. स्थानांतरण को लेकर जिलाें को अलग-अलग जोन में बांटा गया है. इसमें नगर-निगम/नगरपालिका क्षेत्र को जोन एक में रखा गया है. इसके अलावा प्रखंड मुख्यालय, पंचायत मुख्यालय को जोन बनाया गया है.जोन में विद्यालय से राष्ट्रीय राजमार्ग व राज्य राज पथ (स्टेट हाइ-वे) की दूरी को भी आधार बनाया गया है.
वित्त विभाग की आपत्ति के बाद हटाया गया विशेष भत्ता का प्रावधान : स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग की ओर से पूर्व में तैयार किये गये शिक्षक स्थानांतरण नियमावली के प्रस्ताव में बदलाव किया गया है.
पूर्व के नियमावली में ग्रामीण क्षेत्र में पदस्थापित शिक्षकों के लिए विशेष भत्ता का प्रावधान किया गया था. वित्त विभाग ने यह कहते हुए विशेष भत्ता पर आपत्ति जताया था कि इससे दूसरे विभाग के कर्मचारी भी इसकी मांग करेंगे. इसके बाद स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने नियमावली में बदलाव किया.
कैबिनेट को भेजा जायेगा प्रस्ताव
शिक्षक स्थानांतरण नियमावली बनाने की प्रक्रिया अगस्त 2017 में शुरू की गयी थी. नियमावली बनाने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद शिक्षकों के स्थानांतरण पर भी रोक लगा दी गयी थी. लगभग एक वर्ष से प्रस्ताव विभागीय स्तर पर लंबित था. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने एक बार फिर नियमावली को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू की है. अगले महीने तक इसे कैबिनेट की स्वीकृति मिल जाने की संभावना है.
कोट
शिक्षक स्थानांतरण नियमावली में स्थानांतरण के लिए अलग-अलग जोन बनाया गया है. अब कोई भी शिक्षक अपनी इच्छा के अनुसार पांच वर्ष बाद अपने मनपसंद जोन में स्थानांतरण के लिए आवेदन दे सकते हैं.
अगर ग्रामीण क्षेत्र में पदस्थापित शिक्षक वहां बना रहना चाहते हैं तो उनका स्थानांतरण नहीं किया जायेगा, पर शहरी क्षेत्र के विद्यालयों में सभी शिक्षकों को अवसर दिया जायेगा. ऐसे में शहरी क्षेत्र में पदस्थापित शिक्षक पांच वर्ष से अधिक अपने विद्यालय में नहीं रह सकेंगे.
एपी सिंह, सचिव, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग
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