जल, जंगल व जमीन ही आदिवासियों का असली पहचान : ज्योत्सना

Updated at : 11 Apr 2026 10:18 PM (IST)
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जल, जंगल व जमीन ही आदिवासियों का असली पहचान : ज्योत्सना

जल, जंगल व जमीन ही आदिवासियों का असली पहचान : ज्योत्सना

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कुजू. जल, जंगल व जमीन ही आदिवासियों का असली पहचान है. सरहुल हमें मौसम वैज्ञानिक से पूर्वानुमान पाहन द्वारा खेती से अवगत कराता है. उक्त बातें आदिवासी नेत्री ज्योत्सना केरकेट्टा ने कही. वह ओरला पंचायत सचिवालय के समीप बसरिया टोला में सरना समिति के तत्वावधान में आयोजित सामूहिक सरहुल पूजा महोत्सव सह मिलन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि लोगों को संबोधित कर रही थीं. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज शिक्षा को हथियार बनाकर आगे बढ़े, तभी हमारा समाज श्रेष्ठ बनेगा. अपनी पूजा पद्धति, नृत्य संगीत, पारंपरिक वेशभूषा और संस्कृति को बचाने की अपील की. विशिष्ट अतिथि सीसीएल कुजू जीएम राजीव कुमार सिन्हा, जिप सदस्य दयामंती देवी, जदयू जिलाध्यक्ष ज्योतिंद्र प्रसाद साहू, ओरला पंसस गुड़िया देवी, पूर्व मुखिया दुलारी देवी, उप मुखिया विजय पासवान, पूर्व उप मुखिया रंजीत सिंह, शिक्षक गायत्री कुमारी ने भी संबोधित किया. मौके पर समिति अध्यक्ष दिलीप बेदिया, उपाध्यक्ष जितेंद्र मुंडा, सचिव शिवनंदन मुंडा, कोषाध्यक्ष दिनेश बेदिया, शंकरदयाल शर्मा, ओमप्रकाश अग्रवाल, कैलाश करमाली, शंकर दयाल शर्मा, बिनोद मुंडा, खीरू बेदिया, हरिशंकर प्रसाद, हीरालाल बेदिया, रंजन मुंडा, तुलसी मुंडा, बूटी तिवारी, अरविंद सिंह, लखन महतो, चेतलाल बेदिया, रंजीत महतो, जय प्रकाश बेदिया, रोहित मुंडा, आकाश सिंह, अभिषेक पासवान मौजूद थे.

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