जाति आधारित भेदभाव न हो, जज ने की केंद्रीय कारा की जांच

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सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर रविवार को केंद्रीय कारा मेदिनीनगर की जांच प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में की गयी.

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मेदिनीनगर. सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर रविवार को केंद्रीय कारा मेदिनीनगर की जांच प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में की गयी. जांच में डीसी शशि रंजन, एसपी रीष्मा रमेशन, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अर्पित श्रीवास्तव, सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार सिंह, नगर आयुक्त मोहम्मद जावेद अहमद, पीडब्लूडी के कार्यपालक अभियंता, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान सहित कई पदाधिकारी शामिल थे. अधिकारियों ने कारा में बंदियों से मुलाकात की और जेल में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली. अधिकारियों ने जेल के सभी बैरक की गहन जांच की. इस दौरान जेल के अंदर बने किचन व अन्य प्रमुख जगहों का जायजा लिया गया. जांच के दौरान पाया गया कि जेल में बंद विभिन्न जाति के लोग आपस में प्रेम पूर्वक रह रहे हैं और सभी जाति के लोग कार्य कर रहे हैं. जानकारी के मुताबिक जांच के दौरान अधिकारियों को जेल के भीतर बंदियों के साथ किसी भी तरह का जाति भेद-भाव का मामला नहीं मिला. मालूम हो कि सर्वोच्च न्यायालय ने जेल में बंदियों के साथ किसी भी तरह का भेदभाव न हो इसकी जांच कर रिपोर्ट मांगी थी. मौके पर लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता भी मौजूद थे.

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