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पलामू में बालू माफियाओं का राज, फल-फूल रहा है अवैध कारोबार

Updated at : 04 Apr 2025 10:20 PM (IST)
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पलामू में बालू माफियाओं का राज, फल-फूल रहा है अवैध कारोबार

जहां एक तरफ पलामू अपराध, नक्सल, गरीबी, पिछड़ेपन के लिये जाना जाता है. दूसरी ओर शराब, पत्थर, लकड़ी, मानव तस्करी व बालू के अवैध कारोबार की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है.

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पंचवटी नगर के पास कोयल नदी में बोरी भरकर स्टॉक किया गया बालू फोटो:04डालपीएच 16 व 17 मेदिनीनगर. जहां एक तरफ पलामू अपराध, नक्सल, गरीबी, पिछड़ेपन के लिये जाना जाता है. दूसरी ओर शराब, पत्थर, लकड़ी, मानव तस्करी व बालू के अवैध कारोबार की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. पलामू में शराब व पत्थर के अवैध कारोबार से अधिक बालू का धंधा जोरों पर चल रहा है. इस कार्य में माफिया सक्रिय हैं. मालूम हो कि राज्य सरकार ने पिछले करीब चार वर्षों से बालू के उठाव पर रोक लगा दी है. पिछले वर्ष जिले ग्रामीण इलाकों में कुछ दिनों के लिये बालू घाट चिन्हित किया गया था. प्रशासन ने अधिकांशत: छोटी नदी व नालों को बालू उठाव के लिये चिन्हित किया था. लेकिन शहरी व ग्रामीण इलाकों की बड़ी नदियों के घाटों की बंदोबस्ती पिछले कई वर्षाें ने नहीं हुई है. बालू के अभाव में सरकारी व निजी स्तर पर निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है. शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री व अबुआ आवास का निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है. सरकारी स्तर पर बन रहे पीसीसी सड़क, नाली व भवन के कार्य में बालू की जगह छरी के डस्ट का उपयोग हो रहा है. पदाधिकारी व संवेदक मालामाल हो रहे हैं. इधर आम आदमी चाेरी-छिपे उंची कीमत पर बालू खरीदने को विवश है. लोगों का कहना है कि चार वर्ष पहले पांच से सात सौ रुपया टेलर बालू मिलता था. अब पांच हजार रुपये में भी एक टेलर बालू नहीं मिल पा रहा है. हालांकि सरकार के द्वारा रोक लगाये जाने के बाद भी बालू का उठाव हो रहा है. जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन खनन विभाग के पदाधिकारी के साथ बालू के अवैध कारोबार को रोकने के लिये छापामारी अभियान चलाती है. फिर भी बालू का अवैध कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा है. लोगों का कहना है कि पुलिस प्रशासन व बालू माफिया की मिली भगत से ही यह धंधा फल-फूल रहा है. बालू के उठाव पर रोक लगने की वजह से रात में इसका अवैध कारोबार हाेता है. बालू के बिना जहां निर्माण कार्य प्रभावित है. दूसरी ओर इससे जुड़े मजदूरों को भी काम नहीं मिल रहा है. मजबूरीवश मजदूर साइकल से बालू बेचते हैं. मजदूरों की देखा-देखी कई लोगों ने इसे धंधा का रूप दे दिया है. शहर के वार्ड संख्या दो पंचवटी नगर कोयल नदी तट के पास काफी संख्या में बोरी में बालू भरकर स्टॉक किया गया है. बताया जाता है कि माफिया मजदूरोें के माध्यम से बोरी में बालू इकट्ठा कराया है. रात में ट्रैक्टर व टेंपू से बालू की ढुलायी की जाती है. इतना ही नहीं स्कूटी के माध्यम से दिन-दहाड़े बालू की ढुलायी कर बिक्री की जा रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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VIKASH NATH

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By VIKASH NATH

VIKASH NATH is a contributor at Prabhat Khabar.

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