389 बच्चों पर महज पांच शिक्षक

Updated:
विज्ञापन

नवादा उत्क्रमित मध्य विद्यालय बदहाल, शौचालय व किचेन शेड का अभाव

विज्ञापन

नवादा उत्क्रमित मध्य विद्यालय बदहाल, शौचालय व किचेन शेड का अभाव

आपके शहर में

विज्ञापन

रामनरेश तिवारी, पाटन

प्रखंड स्थित नवादा उत्क्रमित मध्य विद्यालय की स्थिति काफी दयनीय है. विद्यालय बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कई समस्याओं से जूझ रहा है. यहां किचेन शेड, चहारदीवारी और उपयोग योग्य शौचालय का घोर अभाव है. बच्चों के अनुपात में शिक्षकों की कमी के कारण शैक्षणिक कार्य भी प्रभावित हो रहा है. विद्यालय में नामांकित विद्यार्थियों की संख्या 389 है, जिनमें प्रतिदिन लगभग 80 प्रतिशत बच्चे उपस्थित रहते हैं. विद्यालय में कुल 14 कमरे हैं, लेकिन कुछ कमरों की स्थिति जर्जर है. बरसात के मौसम में कई कमरों की छत से पानी टपकता है.

बरसात में बढ़ जाता है खतरा

विद्यालय के दक्षिण व पश्चिम दिशा में बड़ा आहर (तालाबनुमा जलाशय) है. बरसात में आहर में पानी भर जाता है. चहारदीवारी नहीं होने के कारण अधिक बारिश होने पर आहर का पानी विद्यालय परिसर में प्रवेश कर जाता है. भवन दो भागों में बंटा हुआ है और बीच की खाली जगह से करीब दो फीट पानी बहने लगता है. कई कमरों में भी पानी भर जाता है. ऐसी स्थिति में विद्यालय टापू जैसा दिखने लगता है. ओर आहर में आठ फीट से अधिक पानी भरा रहता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. इस स्थिति में पढ़ाई बाधित होती है और बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता रहती है.

शौचालय व किचेन शेड का अभाव

विद्यालय में उपयोग योग्य शौचालय नहीं है. पुराना शौचालय पूरी तरह जर्जर हो चुका है और इस्तेमाल के लायक नहीं है. इससे विद्यार्थियों, खासकर छात्राओं को काफी परेशानी होती है. किचेन शेड नहीं होने के कारण पुराने जर्जर भवन में ही मध्याह्न भोजन बनाया जाता है. जिस कमरे में भोजन पकाया जाता है, उसकी छत का करकट टूटा हुआ है. बच्चे वहीं से भोजन लेकर दूसरे पुराने भवन में बैठकर खाते हैं. उस भवन की छत से प्लास्टर गिरता रहता है, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. विद्यालय में वर्तमान में दो सरकारी शिक्षक और तीन सहायक अध्यापक कार्यरत हैं. पहले छह पारा शिक्षक थे. सहायक अध्यापक संजय कुमार का दो वर्ष पूर्व हृदयगति रुकने से निधन हो गया, जबकि झूलन प्रजापति सेवानिवृत्त हो चुके हैं. शिक्षक की कमी को लेकर विभाग को पत्राचार किया गया है, लेकिन अब तक पदस्थापन नहीं हो सका है.

विभाग को भेजा गया पत्र : प्रधानाध्यापक

प्रधानाध्यापक सुनील कुमार ने बताया कि जर्जर पुराने भवन को हटाने के लिए विभाग को पत्र भेजा गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है. उन्होंने शिक्षक की कमी की भी पुष्टि करते हुए कहा कि विभाग को इसकी जानकारी दी गयी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार भले ही शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने का दावा करे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है. समय रहते ठोस पहल नहीं हुई, तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता.

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola