नावाखास-अलगडीहा-बगैया महावीर मोड़ सड़क की हालत जर्जर, दुर्घटनाओं का बढ़ा खतरा

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फोटो कैप्सन: जर्जर सड़क | Prabhat Khabar Network

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पाटन प्रखंड की नावाखास-बगैया सड़क की हालत बदहाल है. गहरे गड्ढों और जलजमाव के कारण राहगीरों को भारी परेशानी हो रही है. ग्रामीणों ने मरम्मत की मांग की है.

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पाटन से रामनरेश तिवारी की रिपोर्ट

Palamu News: झारखंड के पलामू जिले के पाटन प्रखंड की महत्वपूर्ण नावाखास-अलगडीहा-बगैया महावीर मोड़ सड़क इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है. लंबे समय से मरम्मत के अभाव में पूरी सड़क जर्जर हो चुकी है और जगह-जगह बड़े-बड़े जानलेवा गड्ढे उभर आए हैं. वर्तमान में जारी बारिश के मौसम में इन गड्ढों में जलजमाव हो जाने के कारण राहगीरों को गहराई का सही अंदाजा नहीं मिल पाता है. परिणाम स्वरूप इस मार्ग पर प्रतिदिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं. यह सड़क न केवल स्थानीय आवागमन का माध्यम है, बल्कि पाटन और नौडीहा बाजार प्रखंड को आपस में जोड़ने वाली सबसे प्रमुख सड़क भी है.

10 से 15 किलोमीटर की दूरी कम करने वाला मार्ग जर्जर

यह मार्ग भौगोलिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण से क्षेत्र के लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. इस सड़क से यात्रा करने पर पाटन और नौडीहा बाजार के बीच की दूरी लगभग 10 से 15 किलोमीटर तक कम हो जाती है. यही वजह है कि पाटन प्रखंड के अलावा पदमा, तरहसी, लेस्लीगंज तथा आसपास के दर्जनों इलाकों के लोग प्रतिदिन इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं. इसके अलावा बुका, चेतमा, तिलैया, सिकनी, धुमा, धमधमवा, तिसीबार, कतरी और सरईडीह सहित कई गांवों के हजारों ग्रामीणों के लिए यह सड़क एक तरह से 'लाइफलाइन' का काम करती है. सड़क की जर्जर स्थिति ने इन सभी गांवों की कनेक्टिविटी को बुरी तरह प्रभावित किया है.

स्कूली बच्चों और राहगीरों के लिए बना मुसीबत का सफर

सड़क की दैनिक दुर्दशा से सबसे अधिक प्रभावित स्कूली छात्र-छात्राएं और बुजुर्ग हो रहे हैं. बरसात के दिनों में गड्ढों में भरे पानी और कीचड़ के कारण दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों का फिसलकर गिरना आम बात हो गई है. कई बच्चे स्कूल जाते समय गिरकर चोटिल हो रहे हैं और उनके कपड़े खराब हो जाते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय इस मार्ग से गुजरना किसी खतरे से खाली नहीं है, क्योंकि अंधेरे में सड़क के गड्ढे दिखाई नहीं देते और लोग दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं.

क्षतिग्रस्त नाले के कारण गहराया जलजमाव का संकट

सड़क की इस बदहाली को और अधिक गंभीर बना रहा है नावाखास स्थित एक क्षतिग्रस्त नाला. ग्रामीणों ने बताया कि नावाखास निवासी खादिम अंसारी के घर के पास बना नाला काफी समय से टूटकर क्षतिग्रस्त हो चुका है. नाले की सफाई और मरम्मत न होने के कारण इसका गंदा पानी सीधे सड़क पर बह रहा है. सड़क पर लगातार हो रहे इस जलजमाव के कारण सड़क का अलकतरा पूरी तरह उखड़ चुका है, जिससे वहां एक बड़ा तालाब जैसा दृश्य बन गया है. इससे आसपास रहने वाले लोगों को दुर्गंध और मच्छरों की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है.

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ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

स्थानीय ग्रामीणों में शासन और संबंधित विभाग की उपेक्षापूर्ण नीति को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है. ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने सड़क और नाले की दुर्दशा के संबंध में कई बार विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकृष्ट कराया, परंतु आज तक किसी ने भी इस दिशा में कोई सकारात्मक पहल नहीं की. सड़क की मरम्मत न होने से रोजाना हजारों लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. आक्रोशित ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द इस महत्वपूर्ण सड़क का जीर्णोद्धार और नाले की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं कराया गया, तो वे उग्र आंदोलन और सड़क जाम करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी.

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