मेदिनीनगर: पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन जैन समाज ने किया उत्तम आर्जव धर्म का विधान

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पूजा विधान करते जैन समाज के लोग | Prabhat Khabar Network

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मेदिनीनगर में जैन समाज ने पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म मनाया. इस दौरान मन, वचन और कर्म की शुद्धता पर जोर दिया गया और छल-कपट त्यागने की प्रेरणा दी गई.

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मेदिनीनगर. जैन समाज के आत्म संयम के 10 दिवसीय महापर्व पर्वाधीराज पर्यूषण के तीसरे दिन शुक्रवार को उत्तम आर्जव धर्म का पूजा विधान किया गया. शहर के जैन मंदिर में सुबह भक्तिमय माहौल में पूजा-अर्चना हुई. जैन धर्मावलंबियों ने श्रद्धा और भक्ति भाव से पूजा विधान व भजन किया. तत्वार्थ सूत्र के पाठ के बाद प्रवचन हुआ.

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सांगानेर से पधारे विद्वान पंडित आदिश जैन शास्त्री ने उत्तम आर्जव धर्म की व्याख्या की. उन्होंने बताया कि उत्तम आर्जव जैन धर्म की एक महत्वपूर्ण अवधारणा है. यह मन से छल-कपट का त्याग कर सरलता और ईमानदारी अपनाने की शिक्षा देता है. आर्जव धर्म मन, वचन और शरीर की शुद्धता पर जोर देता है. इसका मूल भाव व्यक्ति को मन, वचन और कर्म में सरलता और ईमानदारी रखने की प्रेरणा देना है.

छल-कपट और दिखावे का त्याग जरूरी

आदिश जैन शास्त्री ने कहा कि आर्जव धर्म मायाचारी यानी छल-कपट को छोड़ने और सत्यनिष्ठ बनने की प्रेरणा देता है. उत्तम आर्जव धर्म जैन धर्म में नैतिक विकास और आध्यात्मिक प्रगति का महत्वपूर्ण पहलू है. इस धर्म को अपनाने से व्यक्ति सुख और शांति का अनुभव करता है. निष्कपटता और पारदर्शी जीवन जीने से मानसिक शांति मिलती है. इसके अनुरूप आचरण करने से जीव के कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है और उसे सदगति प्राप्त होती है.

उन्होंने कहा कि छल-कपट, झूठ और दिखावा आर्जव धर्म के सिद्धांत के विपरीत हैं. सभी मनुष्यों को अपने जीवन में इस धर्म का पालन करना चाहिए.

भगवान श्रीजी का किया अभिषेक व शांतिधारा

शास्त्री के सानिध्य में जैन धर्मावलंबियों ने जैन मंदिर में भगवान श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा व पूजन किया. बबीता काला ने भजन गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया. विधान के दौरान जैन धर्मावलंबियों ने अपने मन और वचन को निष्कपट तथा शरीर को शुद्ध रखने का संकल्प लिया.

भगवान का प्रथम अभिषेक करने का सौभाग्य शांति देवी छाबड़ा परिवार को प्राप्त हुआ. दिव्य मंत्रों के साथ प्रथम शांतिधारा करने के पुण्यार्जक विजय कुमार, विवेक कुमार व सरस छाबड़ा परिवार रहे.

गुरुवार की रात महिला मंडल की रिंकू छाबड़ा, सोनिया पाटनी व अन्य सदस्यों ने भक्तिमय सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया. मौके पर सुरेश जैन, सरस जैन, सागर जैन, रोहित जैन, पदमचंद पाटनी, आशीष रारा, सुनीता पांड्या, अरमान विनायका, विनय जैन, अनिल जैन, मनोज पहाड़िया सहित काफी संख्या में लोग शामिल थे.

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