17 जुलाई को झारखंड के इस जिले में सभी स्कूल रहेंगे बंद, BDO-CO को अलर्ट रहने के निर्देश, भारी बारिश ने ढाया कहर

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अधिकारियों के साथ बैठक करतीं डीसी समीरा एस

Heavy Rain Havoc: झारखंड के पलामू जिले के सभी स्कूल 17 जुलाई को बंद रहेंगे. पलामू जिले में हो रही लगातार बारिश के मद्देनजर उपायुक्त ने विभिन्न पदाधिकारियों के साथ बैठक कर यह आदेश जारी किया. किसी भी आपात स्थिति से निपटने को लेकर बीडीओ-सीओ को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं. उपायुक्त समीरा एस की अध्यक्षता में बुधवार को उपायुक्त कार्यालय कक्ष में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक आयोजित की गयी.

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Heavy Rain Havoc: मेदिनीनगर (पलामू)-पलामू जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार की अध्यक्ष सह उपायुक्त समीरा एस की अध्यक्षता में बुधवार को उपायुक्त कार्यालय कक्ष में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक आयोजित की गयी. इसमें लगातार हो रही बारिश से उत्पन्न हालात पर पदाधिकारियों के साथ विमर्श किया गया. परिस्थितियों को देखते हुए 17 जुलाई को पलामू जिले के सभी विद्यालयों को बंद रखने का निर्णय लिया गया. लगातार बारिश को देखते हुए सभी बीडीओ-सीओ को निर्देश दिया गया है कि वे अपने संबंधित क्षेत्र में लगातार निगरानी करें और नदी किनारे बसने वाले गांवों के पास चिन्हित किए गए सुरक्षित स्थानों पर आवश्यकतानुसार प्रभावित परिवारों को शरणस्थली में रखेंगे. इसके साथ ही सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने का निर्देश दिया गया. पलामू जिले में पिछले 18-19 घंटे से लगातार बारिश हो रही है.

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जल जमाव को पंप के जरिए खत्म करने के निर्देश


उपायुक्त ने सहायक नगर आयुक्त को शहर में जगह-जगह होने वाले जलजमाव को मोटर पंप के जरिए पानी निकासी को लेकर निर्देशित किया. इस कार्य में एक अलग से एक डेडीकेटेड टीम को लगाने को कहा. उपायुक्त ने कहा कि अगर कहीं पेड़ गिर जाता है तो उसे हटाने की भी मुकम्मल व्यवस्था करें. उपायुक्त ने बारिश के मद्देनजर सिविल सर्जन को डेंगू-चिकनगुनिया को फैलने से रोकने को लेकर सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने को कहा.

जलजनित बीमारियों से आमजनों को जागरूक करने का निर्देश


बरसात के मद्देनजर बैठक में सांप काटने एवं जलजनित बीमारियों से संबंधित चर्चा की गयी. पाया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी लोग अंधविश्वास के कारण सांप काटने के बाद घरेलू उपचार एवं झाड़-फूंक में अपना कीमती समय बर्बाद कर देते हैं जिसके कारण उनकी मृत्यु हो जाती है. सिविल सर्जन एवं जिला जनसंपर्क पदाधिकारी को आपस में बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए इस विषय पर लोगों को जागरूक करने का निर्णय लिया गया.

विभिन्न आपदाओं से प्रभावितों की सहायता राशि को मिली स्वीकृति


वित्तिय वर्ष 2025-26 में प्राप्त अभिलेखों के विरुद्ध संबंधित अंचल अधिकारियों को प्रभावितों को सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है, जिसमें वज्रपात से मृत 9 व्यक्तियों के आश्रितों के लिए 36 लाख, वज्रपात से मृत 2 पशुओं के प्रभावितों के लिए 69 हज़ार पांच सौ, नदी में डूबने से मृत 6 व्यक्तियों के आश्रितों को 24 लाख, सर्पदंश से मृत 6 व्यक्तियों के आश्रितों को 24 लाख तथा सड़क दुर्घटना में मृत 41 व्यक्तियों के आश्रितों को 41 लाख रुपये की राशि की घटनोत्तर स्वीकृति पर चर्चा की गयी. सर्वसम्मति से अंचल अधिकारियों को उपावंटित राशि की घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की गयी.

नदी के नजदीक नहीं जाने को लेकर अनाउंसमेंट-एसपी


एसपी रीष्मा रमेशन ने बताया कि नदी किनारे लोगों को नदी के समीप नहीं जाने को लेकर अनाउंसमेंट किया जा रहा है. इसके साथ ही पर्याप्त पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति भी की गयी है.

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