पलामू : खेत की मेढ़ के सहारे स्कूल पहुंच रहे बच्चे, पक्की सड़क का आज भी इंतजार

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कीचड़ और पानी से भरा स्कूल तक पहुंचने का संकरा रास्ता. | Prabhat Khabar Network

पलामू के सेमरवार में पक्की सड़क न होने से बच्चे और शिक्षक खेत की मेढ़ से स्कूल जाने को मजबूर हैं। बारिश में फिसलन से बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित हैं।

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कृष्ण गुप्ता की रिपोर्ट पलामू . जिले के हरिहरगंज प्रखंड क्षेत्र के सेमरवार पंचायत अंतर्गत चौकठवा स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय तक पहुंचने के लिए आज भी पक्की सड़क नहीं बन सकी है. विद्यालय तक जाने का निर्धारित रास्ता नहीं होने के कारण शिक्षक और छात्र-छात्राएं खेत की मेढ़ के सहारे स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं. बरसात के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है. खेतों में पानी भर जाने तथा मेढ़ पर कीचड़ और फिसलन बढ़ने से बच्चों को विद्यालय आने-जाने में काफी परेशानी होती है.

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दो खेतों के बीच से गुजरती है राह

विद्यालय के प्रधानाध्यापक संतोष कुमार यादव ने बताया कि विद्यालय तक पहुंचने के बीच में मात्र दो खेत पड़ते हैं. इन खेतों के बीच से विद्यालय तक आने-जाने के लिए कोई निर्धारित रास्ता नहीं है. इसके कारण रोजाना शिक्षक और बच्चों को खेत की मेढ़ से होकर विद्यालय पहुंचना पड़ता है. सामान्य दिनों में किसी तरह आवागमन हो जाता है, लेकिन बारिश के मौसम में यही मेढ़ बच्चों के लिए परेशानी का कारण बन जाती है.

बारिश में फिसलन से बना रहता है खतरा

बारिश के दौरान खेतों में पानी जमा हो जाता है. वहीं मेढ़ संकरी होने के साथ कीचड़युक्त और फिसलन भरी हो जाती है. ऐसे में छोटे-छोटे बच्चों को संभलकर विद्यालय पहुंचना पड़ता है. मेढ़ से गुजरते समय पैर फिसलने से गिरने का खतरा बना रहता है. कई बार बच्चों को पानी और कीचड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ता है. इससे उनके कपड़े भी गंदे हो जाते हैं.

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अभिभावकों को भी सताती है बच्चों की चिंता

विद्यालय तक सुगम रास्ता नहीं होने से बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में भी चिंता बनी रहती है. बारिश के दिनों में खेतों में पानी अधिक होने पर बच्चों के लिए मेढ़ से गुजरना और मुश्किल हो जाता है. ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय तक पहुंचने के लिए बच्चों को खेत की मेढ़ का सहारा लेना पड़ना व्यवस्था की गंभीर समस्या को दर्शाता है.

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पक्के पहुंच पथ का निर्माण कराने की मांग

प्रधानाध्यापक संतोष कुमार यादव ने विद्यालय तक पक्के पहुंच पथ का निर्माण कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि विद्यालय तक सुगम रास्ता बन जाने से शिक्षक और छात्र-छात्राओं को काफी राहत मिलेगी. वहीं ग्रामीणों ने भी संबंधित विभाग और प्रशासन से विद्यालय तक पहुंच पथ निर्माण कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण में विद्यालय आने-जाने की सुविधा मिलनी चाहिए. पहुंच पथ का निर्माण होने से विद्यालय आने-जाने में बच्चों की परेशानी दूर होगी. साथ ही बरसात के दिनों में भी शिक्षक और छात्र-छात्राएं आसानी से विद्यालय पहुंच सकेंगे. ग्रामीणों को उम्मीद है कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ विद्यालय तक सुगम पहुंच की समस्या का भी जल्द समाधान किया जाएगा.

कीचड़ और पानी से भरा स्कूल तक पहुंचने का संकरा रास्ता.   | Prabhat Khabar Network
कीचड़ और पानी से भरा स्कूल तक पहुंचने का संकरा रास्ता. | Prabhat Khabar Network


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