नगर निगम में शामिल होने के आठ साल बाद भी बैंक कॉलोनी में जर्जर सड़क, स्ट्रीट लाइट का अभाव, जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं

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सड़क का खस्ताहाल | Prabhat Khabar Network

मेदिनीनगर नगर निगम के बैंक कॉलोनी में जर्जर सड़क, जलजमाव और पेयजल की समस्या से लोग जूझ रहे हैं। आठ साल बाद भी क्षेत्र में विकास कार्य ठप हैं।

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मेदिनीनगर . पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर नगर निगम क्षेत्र में विकास की गति धीमी है. खासकर नगर निगम में शामिल राजस्व गांवों में विकास का कार्य पूर्णतः ठप है. इस क्षेत्र में रहने वाले लोग कई समस्याओं से जूझ रहे हैं.लेकिन नगर निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधि जनसमस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं हैं. नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या दो के बैंक कॉलोनी मोहल्ला के रोड संख्या चार में रहने वाले लोग काफी परेशान हैं. वे लोग मुख्य रूप से जर्जर कच्ची सड़क, जलापूर्ति व स्ट्रीट लाइट का अभाव और जल जमाव की समस्या से जूझ रहे हैं.

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बारिश होने पर कीचड़ में तब्दील

उनके घरों तक जाने के लिए कच्ची सड़क है, जो बारिश होने पर कीचड़ में तब्दील हो जाती है. जल जमाव के कारण कच्ची सड़क पर कई जगह गड्ढा बन गया है. इस वज़ह से लोगों को आने जाने में काफी परेशानी हो रही है.खासकर बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है.लोगों को पैदल चलना भी दूभर हो गया है. कई बार दोपहिया वाहन चालक, बच्चे बुजुर्ग कीचड़ में फिसलकर गिर चुके हैं. ऐसी स्थिति में बच्चे, बुजुर्ग अपने घरों में ही रहने को विवश हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि निगम प्रशासन ने गड्ढे की भरावट भी नहीं कराया. इस कारण लोगों में निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति आक्रोश है.

शुद्ध पेयजल की भी व्यवस्था नहीं

बैंक कालोनी मुहल्ले में शुद्ध पेयजल की भी व्यवस्था नहीं है. इस मुहल्ले में एक भी सरकारी चापानल नहीं लगाया गया. नगर निगम प्रशासन के द्वारा उस क्षेत्र में जलापूर्ति की भी व्यवस्था नहीं किया. लोगों का कहना है कि यह मुहल्ला ड्राई जोन के रूप में चिन्हित है. गर्मी में पेयजल संकट से जूझ रहे लोग काफी दूर से पानी लाकर किसी तरह काम चलाते है.

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स्ट्रीट लाइट भी नहीं,अंधेरे में राह चलना मुश्किल

मुख्य मार्ग से सटे बैंक कॉलोनी मोहल्ला में नगर निगम प्रशासन के द्वारा स्ट्रीट लाइट भी नहीं लगाया गया. इस कारण रात के अंधेरे में उबड़ खाबड़ रास्ते पर चलना जोखिम भरा रहता है. खासकर बरसात में लोगों को काफी परेशानी होती है. आठ साल में निगम प्रशासन लोगों को शहरी सुविधा मुहैया नहीं करा सकीं. इस मुहल्ले में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है. लोगों का कहना है कि वर्ष 2017 से पहले यह इलाका जोड़ पंचायत की परिधि में आता है. अब यह क्षेत्र नगर निगम में शामिल हो गया है.

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शासन प्रशासन समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं

निगम में शामिल होने के आठ वर्षों के बाद भी इस क्षेत्र का अपेक्षित विकास नहीं हुआ. आज भी लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं. लोगों का कहना है कि शासन प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है. मुहल्ले के रविंद्र तिवारी, अनीता देवी,धीरेंद्र कुमार, विपिन सिंह, संजय यादव, बीरेन्द्र कुमार,जितेंद्र सिंह, ललित गुप्ता, मिथिलेश, विजय गुप्ता, प्रेम सागर सिंह, राधिका देवी, पूनम,रामभजन साव सहित अन्य लोगों ने चलने लायक सड़क बनाने और बुनियादी समस्याओं का समाधान करने की मांग शासन प्रशासन से किया है.


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