लाखों की लागत से बने कई सरकारी भवन पड़े हैं बेकार

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वर्ष 2009 में प्रखंड बना है पड़वा मेदिनीनगर : आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के नाम पर लाखों करोड़ों खर्च होते हैं. लेकिन ऐसे में यह भी देखने की बात है कि जो भवन बन रहे हैं क्या उसका सदुपयोग हो पा रहा है? सरकारी योजनाओं के बारे में पहले से ही यह राय रही […]

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वर्ष 2009 में प्रखंड बना है पड़वा

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मेदिनीनगर : आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के नाम पर लाखों करोड़ों खर्च होते हैं. लेकिन ऐसे में यह भी देखने की बात है कि जो भवन बन रहे हैं क्या उसका सदुपयोग हो पा रहा है? सरकारी योजनाओं के बारे में पहले से ही यह राय रही है कि लाखों- करोड़ों खर्च कर कई भवन का निर्माण करा दिया जाता है पर उसका उपयोग नहीं होता. बेकार पड़े-पड़े भवन जर्जर हो जाते हैं.
पड़वा पलामू का नवसृजित प्रखंडों में से एक है. पड़वा झारखंड राज्य गठन के बाद 2009 में प्रखंड बना है. यह प्रखंड एनएच- 75 के बगल में स्थित है. लेकिन यहां भी कई ऐसे सरकारी भवन हैं, जिसका कोई उपयोग नहीं हो रहा है. स्थिति यह है कि कुछ भवन बिना उपयोग के ही जर्जर स्थिति में आ गये हैं.
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