संथाल परगना में बिजली बढ़ी, पानी की स्थिति बिगड़ी; जामताड़ा में 7.1% की गिरावट

Updated:
विज्ञापन

प्रतीकत्मक तस्वीर.

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

NFHS-5 और NFHS-6 के आंकड़ों से खुलासा: संथाल परगना में बिजली पहुंची, पर बेहतर पेयजल स्रोतों में आई कमी. जामताड़ा में 7.1% की गिरावट चिंताजनक.

विज्ञापन

सानू दत्ता, पाकुड़: संथाल परगना में घर-घर बिजली पहुंचाने के मामले में पिछले सर्वेक्षण की तुलना में सुधार हुआ है, लेकिन बेहतर पेयजल स्रोत की उपलब्धता की तस्वीर कई जिलों में उलट गयी है. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) और NFHS-6 के आंकड़ों की तुलना से यह स्थिति सामने आती है.

विज्ञापन

बिजली की पहुंच के मामले में संथाल परगना के पांच जिलों में बढ़ोतरी दर्ज की गयी है, जबकि दुमका में मामूली गिरावट आयी है. दूसरी ओर, बेहतर पेयजल स्रोत की उपलब्धता में चार जिलों में कमी दर्ज हुई है. सबसे बड़ी गिरावट जामताड़ा में 7.1 प्रतिशत अंक की रही.

जामताड़ा में पानी की उपलब्धता में सबसे बड़ी गिरावट

NFHS-5 में जामताड़ा में बेहतर पेयजल स्रोत वाले घरों का प्रतिशत 93 था, जो NFHS-6 में घटकर 85.9 प्रतिशत रह गया. यानी इसमें 7.1 प्रतिशत अंक की कमी आयी.

पाकुड़ में यह आंकड़ा 88.6 से घटकर 86.6 प्रतिशत और साहिबगंज में 88.2 से घटकर 86.5 प्रतिशत हो गया. दुमका में भी बेहतर पेयजल स्रोत की उपलब्धता 92.6 से घटकर 91.6 प्रतिशत रही.

हालांकि गोड्डा और देवघर में मामूली सुधार दर्ज किया गया है. गोड्डा में यह आंकड़ा 91.4 से बढ़कर 92.1 प्रतिशत और देवघर में 90.8 से बढ़कर 91 प्रतिशत हुआ.

बिजली के मामले में पांच जिलों में सुधार

बिजली की पहुंच के मामले में तस्वीर अपेक्षाकृत बेहतर रही. पाकुड़ में बिजली वाले घरों का प्रतिशत 91.7 से बढ़कर 96.6 प्रतिशत हो गया. साहिबगंज में यह 91.6 से बढ़कर 97.5 प्रतिशत पहुंच गया.

जामताड़ा में बिजली की पहुंच 92.2 से बढ़कर 96.3 प्रतिशत और गोड्डा में 93.5 से बढ़कर 97.9 प्रतिशत हुई. देवघर में भी बिजली की पहुंच 95.6 से बढ़कर 98 प्रतिशत हो गयी.

दुमका में हालांकि बिजली की पहुंच 93.2 से घटकर 92.7 प्रतिशत रही, यानी 0.5 प्रतिशत अंक की मामूली गिरावट दर्ज की गयी.

बिजली में बढ़त, पानी में उलटी तस्वीर

संथाल परगना के छह जिलों के आंकड़ों को देखें तो बिजली की पहुंच लगभग सभी जिलों में 96 प्रतिशत या उससे अधिक हो गयी है. साहिबगंज में 5.9 प्रतिशत अंक की सबसे अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गयी.

इसके विपरीत बेहतर पेयजल स्रोत की उपलब्धता में एक समान सुधार नहीं दिख रहा है. चार जिलों में इसमें गिरावट दर्ज हुई है. खासकर जामताड़ा में 7.1 प्रतिशत अंक की कमी चिंता बढ़ाने वाली है.

आंकड़े संकेत देते हैं कि बिजली कनेक्शन की पहुंच बढ़ने के साथ अब सुरक्षित और बेहतर पेयजल स्रोत की उपलब्धता पर भी समान रूप से ध्यान देने की जरूरत है.

एक नजर में बिजली की पहुंच

जिलाNFHS-5NFHS-6बदलाव
पाकुड़91.7%96.6%+4.9
साहिबगंज91.6%97.5%+5.9
जामताड़ा92.2%96.3%+4.1
गोड्डा93.5%97.9%+4.4
दुमका93.2%92.7%-0.5
देवघर95.6%98.0%+2.4

बेहतर पेयजल स्रोत वाले घरों की स्थिति

जिलाNFHS-5NFHS-6बदलाव
पाकुड़88.6%86.6%-2.0
साहिबगंज88.2%86.5%-1.7
जामताड़ा93.0%85.9%-7.1
गोड्डा91.4%92.1%+0.7
दुमका92.6%91.6%-1.0
देवघर90.8%91.0%+0.2

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola