खनिज अधिकारों पर छिड़ी लड़ाई, लिट्टीपाड़ा में झामुमो का धरना; राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन

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धरना प्रदर्शन में उपस्थित विधायक, कार्यकर्ता व ग्रामीण. | Prabhat Khabar Network

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लिट्टीपाड़ा में MMDR संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में झामुमो ने धरना दिया. विधायक हेमलाल मुर्मू के नेतृत्व में राष्ट्रपति के नाम छह सूत्री मांग पत्र सौंपा गया.

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प्रतिनिधि, लिट्टीपाड़ा: खान एवं खनिज संशोधन अधिनियम, 2026 के विरोध में शनिवार को लिट्टीपाड़ा प्रखंड परिसर में झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया. कार्यक्रम में लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और ग्रामीण शामिल हुए. धरना समाप्त होने के बाद विधायक के नेतृत्व में झामुमो प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम छह सूत्री मांग पत्र अंचल अधिकारी पवन कुमार को सौंपा.

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विधायक ने कहा- खनिज संपदा से जुड़े अधिकारों की रक्षा जरूरी

धरना को संबोधित करते हुए विधायक हेमलाल मुर्मू ने कहा कि झारखंड की पहचान उसकी मिट्टी, जंगल, पहाड़, नदियों और खनिज संपदा से जुड़ी है. उन्होंने कहा कि ये प्राकृतिक संसाधन आदिवासी और मूलवासी समाज के जीवन, संस्कृति और अस्तित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं.

उन्होंने बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो और तिलका मांझी जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों का उल्लेख करते हुए कहा कि झारखंड की धरती और अधिकारों की रक्षा के लिए लंबे समय से संघर्ष होता रहा है.

राज्यों की लेवी लगाने की शक्ति पर उठाया सवाल

विधायक ने दावा किया कि MMDR संशोधन में जोड़ी गयी धारा 9D के तहत खनिज अधिकारों और खनिज-युक्त भूमि पर राज्यों की टैक्स, सेस या अन्य लेवी लगाने की शक्तियों को केंद्र द्वारा तय शर्तों के अधीन किया गया है.

विधायक ने इसे राज्यों के संवैधानिक और वित्तीय अधिकारों को प्रभावित करने वाला प्रावधान बताया. उन्होंने कहा कि इससे राज्य के राजस्व पर असर पड़ सकता है और इसका प्रभाव जनकल्याणकारी योजनाओं तथा बुनियादी ढांचे के विकास पर भी पड़ सकता है.

संसदीय शोध संस्था PRS के अनुसार 2026 के प्रस्तावित संशोधन में राज्यों द्वारा खनिज अधिकारों या खनिज-युक्त भूमि पर कुछ टैक्स, सेस या अन्य लेवी लगाने को केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित शर्तों या प्रतिबंधों के अधीन करने का प्रावधान है. इस प्रावधान को लेकर राज्यों के अधिकार और संसद की विधायी क्षमता से जुड़े मुद्दे भी उठाये गये हैं.

राष्ट्रपति के नाम सौंपा छह सूत्री मांग पत्र

धरना के बाद झामुमो प्रतिनिधिमंडल ने अंचल अधिकारी पवन कुमार को राष्ट्रपति के नाम छह सूत्री मांग पत्र सौंपा. इसमें MMDR संशोधन विधेयक 2026 को वापस लेने और राज्यों के संवैधानिक एवं वित्तीय अधिकारों की रक्षा करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही.

झामुमो नेताओं ने खनिज संपदा से जुड़े फैसलों में राज्य के हितों और स्थानीय लोगों के अधिकारों को ध्यान में रखने की मांग की.

धरना प्रदर्शन में उपस्थित विधायक,  उपस्थित कार्यकर्ता व ग्रामीण | Prabhat Khabar Network
धरना प्रदर्शन में उपस्थित कार्यकर्ता व ग्रामीण. | Prabhat Khabar Network

बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और ग्रामीण रहे मौजूद

कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष समद अली, प्रखंड अध्यक्ष प्रसाद हांसदा, उपाध्यक्ष रंजन साहा, दानिएल किस्कू, सुलेमान बास्की समेत बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे.

एक नजर में

  • लिट्टीपाड़ा प्रखंड परिसर में झामुमो का धरना-प्रदर्शन.
  • MMDR संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में प्रदर्शन.
  • विधायक हेमलाल मुर्मू ने किया संबोधित.
  • राष्ट्रपति के नाम अंचल अधिकारी को छह सूत्री मांग पत्र सौंपा.
  • राज्यों के संवैधानिक और वित्तीय अधिकारों की रक्षा की मांग.
  • खनिज संपदा से जुड़े अधिकारों को लेकर उठायी आवाज.

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