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60 वर्ष तक सेवा देने वाले कर्मचारियों को पेंशन से वंचित रखना न्यायसंगत नहीं

Updated at : 17 Dec 2025 9:15 PM (IST)
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60 वर्ष तक सेवा देने वाले कर्मचारियों को पेंशन से वंचित रखना न्यायसंगत नहीं

60 वर्ष तक सेवा देने वाले कर्मचारियों को पेंशन से वंचित रखना न्यायसंगत नहीं

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लोहरदगा़ सूचना भवन सभागार लोहरदगा में 44वां पेंशनर दिवस समारोहपूर्वक आयोजित किया गया. कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि विकास के पर्याय रहे सेवानिवृत्त कर्मी भी सम्मानजनक पेंशन के हकदार हैं. जब मात्र पांच वर्ष के लिए चुने गये जनप्रतिनिधियों को पेंशन का प्रावधान है, तो 60 वर्ष तक सेवा देने वाले कर्मचारियों को पेंशन से वंचित रखना न्यायसंगत नहीं है. वक्ताओं ने मांग की कि वर्ष 2004 के बाद नियुक्त सभी केंद्रीय व राज्य कर्मियों, राजपत्रित-अराजपत्रित कर्मचारियों के साथ-साथ संविदा, अनुबंध, दैनिक वेतनभोगी, आउटसोर्सिंग और ठेका कर्मियों को भी पेंशन का लाभ दिया जाये. रेल यात्रा में पेंशनरों को कोरोना काल से पहले की तरह छूट बहाल करने, एक जनवरी 2020 से 30 जून 2021 तक लंबित 18 माह के महंगाई भत्ता का भुगतान करने और पेंशन को आयकर से मुक्त करने की भी मांग उठी. कार्यक्रम में कहा गया कि मात्र पांच साल की सेवा के आधार पर माननीय बने लोग आज लाखों रुपये मासिक वेतन-भत्ता और पेंशन ले रहे हैं, जबकि संविधान के अनुसार कार्य करने वाले कर्मचारियों को परिवार चलाने लायक वेतन-भत्ता भी नहीं मिल पा रहा है. वक्ताओं ने इसे सरासर अन्याय बताया. उन्होंने कहा कि माननीय विधायक, सांसद, मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बनने पर अलग-अलग बार पेंशन और भत्ता लेने की व्यवस्था है, जबकि सेवानिवृत्त कर्मियों को पेंशन से वंचित किया जा रहा है. जनप्रतिनिधियों के लिए किसी शैक्षणिक योग्यता की आवश्यकता नहीं : वक्ताओं ने यह भी कहा कि चतुर्थवर्गीय कर्मचारी बनने के लिए मैट्रिक या आइए की योग्यता अनिवार्य है, लेकिन जनप्रतिनिधियों के लिए किसी शैक्षणिक योग्यता की आवश्यकता नहीं है. यह देश का दुर्भाग्य है कि आइए, बीए, एमए, पीएचडी और तकनीकी योग्यता प्राप्त युवा बेरोजगार घूम रहे हैं, जबकि सरकारी कार्यालयों और विद्यालयों में 75 प्रतिशत से अधिक पद रिक्त पड़े हैं. समय पर बहाली और पेंशन व्यवस्था ही बेरोजगारी और बढ़ती सामाजिक समस्याओं पर अंकुश लगा सकती है. कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई. सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ अतिथियों और पेंशनरों का स्वागत चमर राम महतो और सत्येंद्र शुक्ला ने किया. कार्यक्रम का उद्घाटन नीरु कुमारी, जिला नियोजन पदाधिकारी लोहरदगा एवं इंदु तिवारी, लोकपाल मनरेगा ने किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता अभियंता भक्तिपद महतो व वरदानी वेक ने किया. कार्यक्रम को सफल बनाने में महेश सिंह, मोहन मिंज, मो जफर आलम, किशुन दास, रामजतन साहू, जोहन कुजूर, शांति देवी, तारामनी देवी, ललिता देवी, तेरेसा तिर्की, मंजू देव का सहयोग रहा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SHAILESH AMBASHTHA

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