बेतला-नेतरहाट को पर्यटन हब बनाने का सपना अधूरा, मंत्री सुदिव्य सोनू के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर

Updated:
विज्ञापन

सुदिव्य कुमार सोनू | Prabhat Khabar Network

झारखंड के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के असामयिक निधन से पूरे राज्य में शोक की लहर है। उनके विकास कार्यों और बेतला पर्यटन हब के सपने को याद किया जा रहा है.

विज्ञापन

बेतला(लातेहार). झारखंड के पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मामलों के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के असामयिक निधन से पूरे लातेहार और पलामू प्रमंडल क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गयी है. उनके निधन पर राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक हलकों में गहरा दुःख व्यक्त किया जा रहा है. झारखंड के पर्यटन सेक्टर को एक नई पहचान और वैश्विक ऊंचाई देने के लिए समर्पित एक दूरदर्शी (विजनरी) नेता के चले जाने से राज्य को अपूरणीय क्षति हुई है.

आपके शहर में

विज्ञापन

22 जुलाई को बेतला में की थी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू क्षेत्र के विकास और यहां की पर्यटन व्यवस्था को सुधारने को लेकर कितने गंभीर थे, इसका सबसे बड़ा प्रमाण हाल ही में देखने को मिला था. गत 22 जुलाई को वे विशेष रूप से बेतला पहुंचे थे. वहां उन्होंने बेतला स्थित सभागार में वन विभाग एवं पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की थी. इस महत्वपूर्ण बैठक में बेतला राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने, पर्यटकों के लिए विश्वस्तरीय आधारभूत सुविधाओं के विकास, पलामू टाइगर रिजर्व के संरक्षण और वन्यजीव प्रबंधन पर बहुत बारीकी से चर्चा हुई थी. उन्होंने विभाग की विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से वर्तमान स्थिति की जानकारी ली थी तथा कार्यों में तेजी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त दिशा-निर्देश दिए थे.

टाइगर फाउंडेशन की बैठक में मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में हुए थे शामिल

पलामू टाइगर रिजर्व के संरक्षण और इसके लिए महत्वपूर्ण फंडिंग जुटाने में दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की बड़ी भूमिका रही थी. गौरतलब है कि ''''पलामू टाइगर फाउंडेशन'''' की गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष स्वयं राज्य के मुख्यमंत्री होते हैं. हाल ही में बेतला नेशनल पार्क के सभागार में आयोजित फाउंडेशन की इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में सुदिव्य कुमार सोनू ने उनके विशेष प्रतिनिधि (चेयरमैन) के रूप में हिस्सा लिया था. उनके नेतृत्व में हुई इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक में पलामू टाइगर रिजर्व के विकास, बाघों के संरक्षण, वन क्षेत्र की सुरक्षा और इसके लिए जरूरी वित्तीय बजट (फंडिंग) से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर गहन मंथन हुआ था. मंत्री सोनू ने बैठक में अपनी सूझबूझ से वन्यजीव प्रबंधन और स्थानीय ग्रामीणों के हित में कई ऐतिहासिक प्रस्तावों को ऑन-स्पॉट स्वीकृति प्रदान की थी, जो इस क्षेत्र के पर्यावरण और पर्यटन के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा था.

बाघ दिवस कार्यक्रम और पर्यटन स्थलों का भ्रमण रहा था यादगार

इस वनांचल क्षेत्र से उनका जुड़ाव बेहद गहरा और पुराना था. पिछले वर्ष ''''विश्व बाघ दिवस'''' (ग्लोबल टाइगर डे) के अवसर पर बेतला में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में भी वे शामिल हुए थे. उस दौरान उन्होंने स्थानीय विधायक रामचंद्र सिंह, तत्कालीन वित्त मंत्री और अन्य गणमान्य लोगों के साथ वन्यजीवों के संरक्षण का संकल्प लिया था. कार्यक्रम के समापन के बाद उन्होंने विधायक और वित्त मंत्री के साथ बेतला राष्ट्रीय उद्यान सहित आस-पास के कई प्रमुख ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का विस्तृत भ्रमण भी किया था. इस दौरे के दौरान उन्होंने स्थानीय गाइडों और ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को समझा था और इस क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की प्रतिबद्धता जताई थी.

बेतला से नेतरहाट तक पर्यटन हब बनाने का था दृढ़ विजन

मंत्री सोनू ने बेतला राष्ट्रीय उद्यान से लेकर प्रकृति की सुरम्य गोद में बसे नेतरहाट तक के पूरे इलाके को मिलाकर एक ''''वृहत पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की बात कही थी. उनका दृढ़ विश्वास था कि इस क्षेत्र में प्रकृति ने अनमोल खजाना बख्शा है और यहां पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं. वे अक्सर कहा करते थे कि अगर इस रूट को सही ढंग से विकसित किया जाए, तो स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार से जोड़ा जा सकता है और पलायन को रोका जा सकता है. एक ठोस ब्लूप्रिंट के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने अपने कार्यकाल में कई रुकी हुई महत्वपूर्ण योजनाओं को गति देने का ऐतिहासिक काम किया था.

विधायक रामचंद्र सिंह ने जताया गहरा शोक

मनिका विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय विधायक रामचंद्र सिंह ने पर्यटन मंत्री के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे अपनी व्यक्तिगत क्षति बताया है. विधायक ने अपने शोक संदेश में कहा, "सुदिव्य कुमार सोनू न केवल एक कुशल प्रशासक थे, बल्कि झारखंड की माटी, संस्कृति और पर्यटन को दुनिया के सामने सीना तानकर पेश करने वाले नेता थे. पिछले वर्ष बाघ दिवस पर उनका हमारे क्षेत्र में आना और बेतला-नेतरहाट को पर्यटन हब बनाने का जो सपना उन्होंने देखा था, उसे पूरा करना ही उनके प्रति हम सबकी सच्ची श्रद्धांजलि होगी. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति और उनके शोकाकुल परिजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति दें."

पर्यटन व्यवसायियों और ग्रामीणों में भारी मायूसी

मंत्री सोनू के आकस्मिक निधन की खबर जैसे ही लातेहार जिले में फैली, बेतला, गारू, महुआडांड़, बरवाडीह और नेतरहाट समेत पूरे क्षेत्र के पर्यटन व्यवसायी, होटल संचालक, नेचर गाइड और स्थानीय ग्रामीण स्तब्ध रह गए. बेतला के स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे एक ऐसे मंत्री थे जिनसे सीधे मिलकर अपनी बात रखी जा सकती थी. क्षेत्र के पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों ने उनके द्वारा बेतला और नेतरहाट के कायाकल्प के लिए किए गए प्रयासों को याद करते हुए उन्हें अश्रुपूर्ण और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है. पूरे क्षेत्र में आज उनके सम्मान में गहरी मायूसी देखी जा रही है.

ये भी पढ़ें: लातेहार में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर पुलिस सख्त, दुकानदारों के साथ थाना प्रभारी ने की बैठक

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola