बिजली की आंख-मिचौली से बेहाल ग्रामीण, कोडरमा में पेयजल आपूर्ति भी चरमरायी

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ढाव निवासी कृष्णा कुमार की तस्वीर : Prabhat Khabar

कोडरमा के डोमचांच में अनियमित बिजली कटौती से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है. बिजली न होने से पानी की आपूर्ति और बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है.

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डोमचांच से रणजीत बनर्जी की रिपोर्ट

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कोडरमा जिले के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों बिजली की अनियमित आपूर्ति से आम लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. बिजली आने-जाने का कोई निश्चित समय नहीं रहने से लोगों को रोजमर्रा के काम निबटाने में परेशानी हो रही है. नियमित बिजली नहीं रहने का सीधा असर पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ रहा है. मोटर नहीं चलने से कई इलाकों में लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि लोड शेडिंग और मेंटेनेंस कार्य के नाम पर दिनभर बिजली गुल रहती है.

घंटों इंतजार के बाद आती है बिजली

कई बार घंटों इंतजार के बाद बिजली आती है और कुछ ही देर बाद फिर चली जाती है. इससे घरों में लगे बिजली उपकरणों का उपयोग नहीं हो पा रहा है. बच्चों की पढ़ाई, छोटे कारोबार और अन्य जरूरी काम भी प्रभावित हो रहे हैं. बताया गया कि पिछले कुछ दिनों से डीवीसी द्वारा कम बिजली आपूर्ति किये जाने से व्यवस्था चरमरा गयी है.

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आपूर्ति का समय निर्धारित करने की मांग

स्थानीय लोगों ने कहा कि बिजली कटौती की समस्या लंबे समय से बनी हुई है. विभाग को बिजली आपूर्ति का समय निर्धारित करना चाहिए, ताकि लोगों को कम से कम यह जानकारी रहे कि बिजली कब उपलब्ध होगी. अचानक बिजली चले जाने से घरेलू काम के साथ दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने लोड शेडिंग की समस्या दूर करने और मेंटेनेंस कार्य निर्धारित समय में पूरा कर नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है.

ढाब निवासी कृष्णा कुमार ने कहा कि बिजली की समस्या से सभी परेशान हैं. बिजली नहीं रहने से इन्वर्टर डाउन हो जाता है और मोटर नहीं चलने से पानी की समस्या उत्पन्न हो जाती है. जंगली क्षेत्र होने से शाम होते ही इलाका अंधकार में डूब जाता है. वहीं बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की चुप्पी भी दुखद है.

चुनाव के समय नेता 24 घंटा बिजली देने का करते हैं वादा

ढाब रोड निवासी सोनू कुमार ने कहा कि डोमचांच में आये दिन बिजली की समस्या बनी रहती है. बिजली नहीं रहने से विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी करने में परेशानी होती है. चुनाव के समय नेता 24 घंटे बिजली देने का वादा करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद स्थिति जस की तस हो जाती है. कहा कि विभागीय उदासीनता के कारण भी बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है.

तेतरियाडीह निवासी रिंकू सिंह ने कहा कि डोमचांच में लंबे समय तक बिजली गुल रहने से पानी की किल्लत हो जाती है. कोडरमा जिले में सबसे अधिक परेशानी डोमचांच नगर पंचायत क्षेत्र में है. उन्होंने कहा कि बांझेडीह जैसा पावर प्लांट जिले में होने के बावजूद बिजली व्यवस्था का खराब रहना चिंता का विषय है. नगर क्षेत्र की बिजली व्यवस्था जल्द दुरुस्त करने की मांग की.

डोमचांच में बिजली की स्थिति काफी दयनीय

पूर्व जिलाध्यक्ष महेंद्र प्रसाद वर्मा ने कहा कि डोमचांच में बिजली की स्थिति काफी दयनीय हो गयी है. बिजली आने-जाने का कोई निश्चित समय नहीं है. इसका असर पानी की आपूर्ति, पढ़ाई और अन्य जरूरी कामों पर पड़ रहा है. लोड शेडिंग के कारण लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है. सरकार के 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है.

युवा नेता संजय कुमार मेहता ने कहा कि बिजली आपूर्ति खराब होने का असर कारोबार और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है. बिजली आने-जाने का कोई निश्चित समय नहीं है. उन्होंने विभाग से जल्द बिजली व्यवस्था में सुधार करने की मांग की.

सोनू कुमार. | Prabhat Khabar Network
सोनू कुमार. | Prabhat Khabar Network
रिंकू सिंह | Prabhat Khabar Network
रिंकू सिंह | Prabhat Khabar Network
महेंद्र प्रसाद वर्मा | Prabhat Khabar Network
महेंद्र प्रसाद वर्मा | Prabhat Khabar Network
संजय कुमार मेहता | Prabhat Khabar Network
संजय कुमार मेहता | Prabhat Khabar Network
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