झुमरीतिलैया में जैन प्रतिमाओं का वार्षिक मार्जन, मुनि सुयश सागर ने दिया धर्म मार्ग पर चलने का संदेश

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जैन मंदिर में हुआ कार्यक्रम | Prabhat Khabar Network

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मुनि सुयश सागर ने कहा कि जीवन क्षणभंगुर है, इसलिए मनुष्य को अपने चरित्र को ऊंचा उठाकर धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए। झुमरीतिलैया में चातुर्मास का भव्य आयोजन।

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झुमरीतिलैया : श्री दिगंबर जैन मंदिर के सरस्वती भवन में चर्या शिरोमणि आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महामुनिराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री 108 सुयश सागर जी मुनिराज का भव्य मंगल चातुर्मास भक्ति भाव के साथ चल रहा है. इसी क्रम में बुधवार को मुनि श्री के मंगल आशीर्वाद से बड़ा मंदिर में सभी प्रतिमाओं का वार्षिक मार्जन किया गया.

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भादो माह में वर्ष में एक बार होने वाले इस मार्जन के दौरान अष्टधातु एवं पाषाण से निर्मित प्रतिमाओं की विधि-विधान से शुद्धि की गयी. इसके बाद सभी प्रतिमाओं का अभिषेक किया गया और श्रद्धालुओं ने गुरुमुख से शांतिधारा की.

पश्चिम बंगाल से पहुंचे श्रद्धालु

पश्चिम बंगाल के धुलियान से पहुंचे जैन समाज के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने मुनि श्री के चरणों में श्रीफल अर्पित किया. उन्होंने चातुर्मास के बाद पश्चिम बंगाल के आठ शहरों में पधारने का निवेदन किया. इस दौरान कैलाश जैन, दिलीप जैन समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे.

समाज एवं विरागोदय वर्षायोग कमेटी के सदस्यों ने बाहर से आये भक्तों का तिलक, माला एवं दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया.

हर दिन को अंतिम दिन मानकर करें सदाचरण

मंगल प्रवचन में मुनि श्री 108 सुयश सागर जी ने कहा कि जीवन पल-पल समाप्त हो रहा है. आयु रूपी तेल देह के दीपक में जलकर धीरे-धीरे खत्म हो रहा है. इसलिए मनुष्य को जीवन के कल्याण, निर्माण और धर्म मार्ग के लिए ठोस साधना करनी चाहिए, ताकि जीवन और मृत्यु दोनों सार्थक बन सकें.

उन्होंने कहा कि प्राण रूपी पंछी कभी भी उड़ान भर सकता है. इसलिए उससे पहले अपने चरित्र को ऊंचा उठा लेना चाहिए, ताकि जीवन धन्य हो सके. मन को प्रभु में लगाकर और अपने आचरण पर निगरानी रखते हुए जीवन जीना चाहिए. हर दिन को अंतिम दिन और हर रात को अंतिम रात मानकर सदाचरण के मार्ग पर चलना चाहिए.

मुनि श्री ने कहा कि धार्मिक एवं शुभ कार्य के लिए अंतिम समय की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए, बल्कि आज और अभी से धर्म मार्ग पर कदम बढ़ाना चाहिए.

उन्होंने बताया कि आगामी दसलक्षण महापर्व के अवसर पर संस्कार शिविर का आयोजन किया जायेगा. समाज के लोगों से शिविर में शामिल होकर जीवन को धर्म और संस्कारों से जोड़ने का आह्वान किया गया.

संध्या में गुरु भक्ति के साथ णमोकार चालीसा का पाठ एवं मंगल आरती का आयोजन हुआ. कार्यक्रम की जानकारी कोडरमा मीडिया प्रभारी राज कुमार जैन एवं नवीन जैन ने दी.

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