सेविका के घर में नहीं संचालित होगा आंगनबाड़ी केंद्र : बबन
Updated at : 10 Feb 2017 9:11 AM (IST)
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अधिकारियों के साथ बैठक कर दिये कई निर्देश कोडरमा बाजार : बाल संरक्षण आयोग की टीम गुरुवार को कोडरमा पहुंची. टीम ने स्थानीय परिसदन में विभागीय बैठक कर बाल सुरक्षा मामले में कई निर्देश दिये. बैठक के बाद टीम जयनगर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय व बोनाकाली स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया. पत्रकारों से […]
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अधिकारियों के साथ बैठक कर दिये कई निर्देश
कोडरमा बाजार : बाल संरक्षण आयोग की टीम गुरुवार को कोडरमा पहुंची. टीम ने स्थानीय परिसदन में विभागीय बैठक कर बाल सुरक्षा मामले में कई निर्देश दिये. बैठक के बाद टीम जयनगर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय व बोनाकाली स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया.
पत्रकारों से बातचीत करते हुए टीम के सदस्य बबन गुप्ता ने जयनगर कस्तूरबा विद्यालय को भवन के अभाव में बीआरसी भवन में संचालित किये जाने को गंभीर मामला बताते हुए कहा कि आखिर किस कारण से उक्त विद्यालय का भवन अभी तक अधूरा है. इसकी जानकारी लेते हुए सरकार को लिखा जायेगा. कहा कि उक्त विद्यालय में भवन की कमी के कारण खेलकूद सामग्री अनुपयोगी सिद्ध हो रहा है. उपयोग नहीं होने के कारण सामग्री बेकार पड़ा हुआ. बबन ने कहा कि निरीक्षण में यह देखने को मिला कि छात्राएं अपने बेड पर ही क्लास करने को मजबूर है. छात्राओं के मिले टैब का इस्तेमाल किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि जयनगर कस्तूरबा के रसोइया के पास मोबाइल पाया जाना भी गंभीर मामला है. नियमतः कस्तूरबा में किसी को भी मोबाइल इस्तेमाल की इजाजत नहीं है. यदि कोई मोबाइल ले भी जाता है, तो उसे वार्डेन के कार्यालय में रखा जाना चाहिए. गुप्ता ने कहा कि उनके विभागीय अधिकारियों को इस मामले में निर्देश दिया गया है कि किसी भी हाल में कस्तूरबा में मोबाइल का इस्तेमाल न हो, साथ की सीसीटीवी का डिस्प्ले वार्डेन के कक्ष में हो. स्कूलों में बायोमेट्रिक प्रणाली से उपस्थिति दर्ज करने, पुरुषों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया गया है. इसमें लापरवाही बरतने पर संबंधित वार्डेन के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. कहा कि जानकारी मिली है कि यहां कई आंगनबाड़ी केंद्र किराये के मकान में चल रहे हैं, जिसमें कुछ केंद्र सेविका के घरों से ही संचालित हो रहे हैं.
यह गंभीर मामला है. इसमें अविलंब रोक लगाने को कहा गया है. किसी भी हाल में सेविका के घर में केंद्र संचालित न हो. इसके लिए उपायुक्त को लिखा जायेगा. महिला पर्यवेक्षिका व सीडीपीओ की कमी के बाबत उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार को अवगत कराया जायेगा. कहा कि जब कस्तूरबा में पुरुष शिक्षक की बहाली नहीं की जानी है, तो कोडरमा में किस परिस्थिति में बहाल किया गया यह जांच का विषय है. कहा कि कस्तूरबा की छात्राएं अपनी समस्याओं को खुल कर रख सके. इसके लिए चार महिला पदाधिकारियों की टीम जिला स्तर पर बनायी जा रही है. टीम स्कूलों में जाकर छात्राओं को काउंसेलिंग करने का काम करेगी. यह व्यवस्था हजारीबाग में की गयी है. काफी कारगर सिद्ध हो रहा है. आनेवाले दिनों में कोडरमा समेत राज्य के अन्य जिलों में यह व्यवस्था की जायेगी. मौके पर डीएसपी कर्मपाल उरांव, डीएसइ परबला खेस, डीएसडब्ल्यूओ मनीषा वत्स, ठाकुर शिवेंद्र सिंह, सच्चितानंद गांधी, विभिन्न परियोजना के सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिका मौजूद थे.
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