जान जोखिम में डाल कर बांस की पुलिया से नाला पार करते हैं ग्रामीण
Published by : CHANDAN KUMAR Updated At : 04 Jun 2026 6:43 PM
जरागुटु गांव के ग्रामीण पिछले लगभग एक वर्ष से अपनी जान जोखिम में डाल कर नाला पार करने को विवश हैं.
रनिया. खूंटी जिला तथा पश्चिम सिंहभूम जिला को जोड़नेवाले रनिया प्रखंड की खटकुरा पंचायत अंतर्गत जरागुटु गांव के ग्रामीण पिछले लगभग एक वर्ष से अपनी जान जोखिम में डाल कर नाला पार करने को विवश हैं. गत 26 जुलाई 2025 को हुई मूसलाधार बारिश में गांव को जोड़ने वाली पुलिया तेज बहाव में बह गयी थी. पुलिया बहने के बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दी थी, लेकिन एक वर्ष होने को है आज तक स्थायी पुलिया का निर्माण नहीं हो सका. इससे ग्रामीणों में सरकार के प्रति क्षोभ व्याप्त है. मजबूरन ग्रामीणों ने श्रमदान कर बांस और लकड़ी से अस्थायी पुल तैयार किया, जिसके सहारे गांव का जीवन किसी तरह चल रहा है. ग्रामीणों के अनुसार बारिश के दौरान क्षेत्र के नदी-नाले उफान पर आ गये थे. तेज बहाव के कारण पुलिया पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गयी, जिसके बाद आवागमन ठप पड़ गया. इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रशांत डांग रनिया ने कहा कि क्षतिग्रस्त पुलिया और सड़क निर्माण का प्रस्ताव संबंधित विभाग को भेजा गया है. स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जायेगा. उन्होंने ग्रामीणों से बरसात के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है.
ग्रामीणों ने कहा
सलन मार्की:
बरसात के मौसम में सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को होती है. कमजोर बांस की पुलिया से गुजरना खतरे से खाली नहीं है फिर भी लोग मजबूरी में इसका उपयोग कर रहे हैं.रामकिशोर सिंह :
कई बार अधिकारियों को आवेदन दिया गया लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ. यदि समय रहते पुलिया नहीं बनी तो बरसात में किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता.अनिश साहू
:
जब तक पुलिया की स्वीकृति नहीं मिलती तब तक ग्रामीण लकड़ी और बांस का अस्थायी पुल बनाकर आवागमन जारी रखेंगे. यदि शीघ्र स्वीकृति मिल जाए तो सड़क और पुलिया का निर्माण शुरू कराया जा सकता है.मिलकु सिंह :
पुलिया क्षतिग्रस्त होने से बेलकीदुरा, शिमकु जारागुटू, कोड़ाकेल समेत दर्जनों गांवों के लोग प्रभावित हुए हैं. खेती-किसानी और मजदूरी के लिए प्रतिदिन आने-जाने वाले लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.पुनिया सिंह :
पुलिया टूटने से प्रखंड के बेलकीदुरा, ओलांगेर ज़रा गुटु, बुरुरमुंडा तथा पश्चिम सिंहभूम जिला के सीमकू,किरशूद, कोड़ा केल के लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है. ग्रामीणों को करीब पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है.आलोक सिंह :
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण कर सड़क और पुलिया निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजने की बात कही थी लेकिन अब तक कार्य शुरू नहीं हो पाया है.जगरनाथ सिंह :
बरसात पहुंच गया खेती किसानी के लिए काफी दिक्कत होगी फिर तेज पानी की धारा पुलिया को बहा ले जायेगी. मार्ग अवरुद्ध हो जाएगा.पिछले साल जुलाई में हुई मूसलाधार बारिश में बह गयी थी गांव को जोड़नेवाली पुलिया
पुलिया टूटने से ग्रामीणों को करीब पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही हैB
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