खूंटी में बढ़ रहा सर्पदंश का कहर, 7 महीने में 88 मामले; 3 की मौत

Updated:
विज्ञापन

प्रतीकात्मक फोटो

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

खूंटी में सर्पदंश के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें, सांप काटने पर तुरंत अस्पताल जाएं और अपनी जान बचाएं. पूरी जानकारी यहां पढ़ें.

विज्ञापन

खूंटी. जिले में इन दिनों सर्पदंश की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. आये दिन सांप के डंसने से लोगों के बीमार होने और मौत की खबरें सामने आ रही हैं. सदर अस्पताल में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जनवरी से जुलाई के अंत तक जिले में सर्पदंश के 88 मामले सामने आये हैं. इनमें आधिकारिक रूप से तीन लोगों की मौत हुई है.

विज्ञापन

वहीं अगस्त और सितंबर में भी सर्पदंश के कई मामले सामने आये हैं, हालांकि इनका आधिकारिक आंकड़ा अभी उपलब्ध नहीं है. एक दिन पहले ही अड़की प्रखंड के जोरको गांव में सर्पदंश से सुरजू देवी की मौत हो गयी.

जुलाई में सर्वाधिक 33 मामले

सदर अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार जनवरी में सर्पदंश के दो, फरवरी में तीन, मार्च में चार, अप्रैल में 11, मई में 13, जून में 22 और जुलाई में सर्वाधिक 33 मामले सामने आये. इस दौरान तीन लोगों की मौत हुई.

आंकड़ों से स्पष्ट है कि बारिश और गर्मी के मौसम में सर्पदंश की घटनाओं में तेजी आयी है.

अंधविश्वास के कारण चली जाती है जान

सर्पदंश के बाद समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण कई लोगों की जान चली जाती है. अड़की के जोरको गांव की सुरजू देवी के मामले में भी यही सामने आया. 12 सितंबर की रात सांप ने उन्हें डंस लिया था. इसकी जानकारी होने के बाद परिजन तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने चले गये.

झाड़-फूंक के चक्कर में काफी समय बीत गया. बाद में जब महिला को अस्पताल पहुंचाया गया, तब तक उसकी स्थिति गंभीर हो चुकी थी और उसकी जान नहीं बचायी जा सकी.

इसी प्रकार जिले में सामने आये कई अन्य मामलों में भी सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक कराने में समय गंवाने की बात सामने आती रही है. चिकित्सकों का कहना है कि सर्पदंश के बाद हर मिनट महत्वपूर्ण होता है. जो लोग बिना समय गंवाये अस्पताल पहुंचते हैं, उनके बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है.

सांप के डंसने पर तुरंत क्या करें

  • शांत रहें.
  • डंसे हुए अंग को हिलाने से बचें.
  • तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाएं.
  • किसी भी तरह के झाड़-फूंक से बचें.

ये भी पढ़ें: बारियातू में 2 साल से जर्जर है मुख्य सड़क, बड़े-बड़े पत्थरों के बीच सफर करने को मजबूर ग्रामीण

सांप के डंसने पर सीधे अस्पताल पहुंचें : उपाधीक्षक

सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ आनंद किशोर उरांव ने कहा कि सांप के डंसने के बाद झाड़-फूंक के चक्कर में समय नहीं गंवाना चाहिए. सर्पदंश के शिकार व्यक्ति को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि समय पर अस्पताल पहुंचने पर सर्पदंश के शिकार व्यक्ति की जान बचायी जा सकती है. सदर अस्पताल में सर्पदंश के इलाज के लिए पर्याप्त दवा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं.

मृत्यु होने पर चार लाख रुपये मुआवजा

सर्पदंश से मृत्यु होने पर सरकार की ओर से मृतक के आश्रित को चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है. आपदा विभाग के प्रावधान के तहत यह राशि दी जाती है. इसके लिए मृत्यु के बाद निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होती है तथा आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं.

ये भी पढ़ें: झारखंड चेंबर चुनाव : टीम तुलसी के 13 और टीम मुकेश के 8 सदस्य जीते

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola