खूंटी में करम पूर्व संध्या पर नौ बीजों से तैयार जावा की पूजा, प्रकृति और परंपरा का दिया संदेश
करम पूर्व संध्या पर पूजा करते लोग | Prabhat Khabar Network
करम पर्व के अवसर पर खूंटी में विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ. धर्मगुरुओं की अगुवाई में नौ बीजों से तैयार जावा की विधि-विधान से पूजा की गई. यह पर्व प्रकृति, परंपरा और आत्मचिंतन का प्रतीक है.
खूंटी. करम पूर्व संध्या पर सोमवार को सरना धर्म सोतोः समिति के डौगड़ा केंद्र में कार्यक्रम आयोजित किया गया. धर्मगुरु सोमा कंडीर और धर्मगुरु भैयाराम ओड़ेया की अगुवाई में पूजा-अर्चना की गयी. इस दौरान करम को लेकर नौ बीजों से तैयार जावा सरना और अखाड़ों में चढ़ाया गया.
जावा तैयार करने के लिए नदी से बालू छानकर दो नई टोकरियों में भरी गयी. इसमें धान, मड़ुआ, उरद, सरगुजा, ज्वार, गोंदली, मक्का, गेहूं और रहड़ समेत नौ प्रकार के बीज डाले गये. इन बीजों को नौ दिनों तक हल्दी पानी से सींचकर जावा तैयार किया गया.
कर्मों के आत्मचिंतन का अवसर है करम
धर्मगुरु बगरय मुंडा ने कहा कि करम केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह अपने कर्मों के प्रति आत्मचिंतन, मंथन और विचार करने का अवसर भी है. उन्होंने कहा कि करम पर्व प्रकृति, परंपरा और सामाजिक जीवन से जुड़ा हुआ है.
मौके पर बिरसा कंडीर, सुखराम पुर्ती, मथुरा कंडीर, सुगना पहान, टुटी ओड़ेया, नरनसिंह तोपनो, मधियाना धान, जीतनाथ पहान, बुधराम मुंडा समेत अन्य लोग उपस्थित थे.
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