स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का ऐलान : थैलेसीमिया-सिकल सेल मरीजों को मिलेगी राहत, अब निजी अस्पतालों में भी मुफ्त चढ़ेगा खून
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी (फाइल फोटो)
झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया मरीजों के लिए नई व्यवस्था शुरू की है. अब आयुष्मान व अबुआ कार्डधारक सरकारी के साथ निजी अस्पतालों में भी मुफ्त रक्त चढ़वा सकेंगे. इससे मरीजों को घर के पास इलाज की सुविधा मिलेगी.
Jharkhand Health News: झारखंड में थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया और गंभीर एनीमिया से जूझ रहे मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है. अब आयुष्मान भारत और अबुआ स्वास्थ्य कार्ड धारकों को सरकारी अस्पतालों के साथ सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी सुविधा मिलेगी. इन मरीजों को निर्धारित पैकेज के तहत निःशुल्क रक्त चढ़ाने की सुविधा मिलेगी. स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अलग-अलग पैकेज और उनकी दरें तय की है. यह व्यवस्था पूरे राज्य में लागू की गई है. इसका उद्देश्य नियमित रूप से रक्त चढ़वाने वाले मरीजों को अपने जिले या घर के आसपास इलाज की सुविधा उपलब्ध कराना है.
दूर-दराज के अस्पतालों के चक्कर लगाने से मिलेगी राहत
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया जैसे रोगों में मरीजों को नियमित अंतराल पर रक्त की जरूरत पड़ती है. सरकार का प्रयास है कि मरीजों को जांच, इलाज और रक्त चढ़ाने के लिए दूर-दराज के अस्पतालों का चक्कर न लगाना पड़े. मंत्री ने कहा कि सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी सुविधा मिलने से मरीजों को अपने आसपास इलाज और रक्त चढ़ाने की सुविधा मिल सकेगी. मरीजों की स्क्रीनिंग, जरूरी जांच और समुचित इलाज की व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा.
निजी अस्पतालों के लिए पैकेज तय
स्वास्थ्य विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि निजी अस्पतालों में भी मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके, जिसके लिए विभिन्न सेवाओं के पैकेज निर्धारित किए गए हैं. स्वास्थ्य विभाग ने सिकल सेल एनीमिया और गंभीर एनीमिया के मामलों में निजी अस्पतालों के लिए अलग-अलग पैकेज निर्धारित किए हैं. रूटीन वार्ड के लिए 2,100 रुपये, एचडीयू के लिए 3,300 रुपये, बिना वेंटिलेटर आईसीयू के लिए 8,500 रुपये और वेंटिलेटर वाले आईसीयू के लिए 9,000 रुपये की दर तय की गई है. थैलेसीमिया मरीजों के लिए अलग डे-केयर पैकेज भी निर्धारित किए गए हैं, जिनमें रक्त चढ़ाने के साथ आवश्यक जांच और कुछ मामलों में आयरन चिलेशन दवाओं (शरीर से अतिरिक्त आयरन निकालने के लिए) का प्रावधान है. इन पैकेजों की दरें मरीज की श्रेणी के अनुसार 2,300 से 3,200 रुपये तक हैं.
जिले और घर के आसपास बेहतर इलाज पर जोर
स्वास्थ्य मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि सरकार का लक्ष्य हर गरीब और जरूरतमंद मरीज को समय पर रक्त, ज़रूरी जांच और अच्छा इलाज देना है. यह नई व्यवस्था सिर्फ मौजूदा परेशानी को ही दूर नहीं करेगी, बल्कि यह सुनिश्चित करेगी कि आने वाले समय में भी मरीजों को अपने जिले और घर के पास ही इलाज की बेहतर सुविधाएं मिलें. कल्पना कीजिए, जो मरीज हर महीने रक्त चढ़वाने के लिए लंबी दूरी तय करते थे, अब उन्हें अपने घर के करीब ही यह सुविधा मिल जाएगी. यह पहल राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को काफी बढ़ाएगी और एक स्वस्थ, सशक्त झारखंड बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी, जिससे हजारों जिंदगियों में बड़ा और सकारात्मक बदलाव आएगा.
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