आदिवासी समाज का वजूद बचेगा, तभी बचेगी आदिवासियत : विजय कुजूर
बारीडीह शकुंतला उद्यान में विश्व आदिवासी दिवस समारोह मनाया गया | Prabhat Khabar Network
विश्व आदिवासी दिवस पर विजय कुजूर ने कहा कि अपने हक और संवैधानिक अधिकारों के लिए आदिवासी समाज को एकजुट होकर आवाज बुलंद करने की जरूरत है।
जमशेदपुर. आदिवासी महासभा के केंद्रीय अध्यक्ष विजय कुजूर ने कहा कि केवल सामूहिक रूप से विश्व आदिवासी दिवस मनाने से आदिवासी समाज के अधिकार सुरक्षित नहीं होंगे. अपने हक और अधिकार के लिए समाज को एकजुट होकर आवाज बुलंद करनी होगी. उन्होंने कहा कि देश में आदिवासियों की आबादी करोड़ों में होने के बावजूद उन्हें अब तक संवैधानिक पहचान नहीं मिल पायी है. विरोधी तत्व आदिवासियों को उनका अधिकार और पहचान नहीं देना चाहते हैं. ऐसे में राजनीतिक दायरे से ऊपर उठकर समाज को एकजुट होना होगा. आदिवासी समाज का वजूद बचेगा, तभी आदिवासियत भी बचेगी. बारीडीह के शकुंतला उद्यान में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस समारोह में विजय कुजूर बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए. विशिष्ट अतिथि कृष्णा हांसदा, मुकेश हेंब्रम, अमृत तिड़ू और मदन मोहन सोरेन मौजूद रहे. वक्ताओं ने पेसा कानून, सीएनटी-एसपीटी एक्ट, सरना धर्म और आदिवासियों के अन्य संवैधानिक अधिकारों पर विचार रखे. समारोह में जॉनी देवगम, प्रीतेश खालको, रवि पाड़ेया, प्रकाश जमुदा, जेवियर कुजूर समेत अन्य उपस्थित थे .
आपके शहर में
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए