मलेरिया नियंत्रण में लापरवाही पर NHM डायरेक्टर सख्त, कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश

Author Chandra Shekhar|Edited by Bhumi Sharma
Updated:
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जमशेदपुर में मलेरिया के बढ़ते मामलों पर एनएचएम डायरेक्टर ने नाराजगी जताई है. लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं और जांच के आदेश दिए हैं.

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वरीय संवाददाता, जमशेदपुर

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जिले में बढ़ते मलेरिया संक्रमण को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के मिशन डायरेक्टर शशि प्रकाश झा ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये हैं. बुधवार को सिविल सर्जन कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि मलेरिया नियंत्रण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. बैठक में डायरेक्टर ने जिले में मलेरिया के मामलों, मौतों, रोकथाम के उपायों और जागरुकता अभियान की समीक्षा की.

मलेरिया रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग सख्त

उन्होंने अप्रैल में शुरुआती मामले सामने आने के बाद उठाये गये कदमों की जानकारी ली. मलेरिया पदाधिकारी द्वारा पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को पत्र भेजने की जानकारी देने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि केवल पत्र भेजना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित करना भी जरूरी है. उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि अप्रैल से अब तक मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में तैनात ऐसे कर्मचारियों और पदाधिकारियों की सूची तैयार की जाये, जिन्होंने अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं किया सूची के आधार पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जायेगी.

डब्ल्यूएचओ और टाटा स्टील फाउंडेशन करेंगे जांच

मिशन डायरेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के दावों की स्वतंत्र जांच के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और टाटा स्टील फाउंडेशन (टीएसएफ) को जिम्मेदारी सौंपी. दोनों संस्थाएं मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग, दवा वितरण, एंटी-लार्वा छिड़काव समेत नियंत्रण कार्यों का जमीनी सत्यापन कर अलग रिपोर्ट देंगी. इसी रिपोर्ट के आधार पर विभागीय कार्यों का मूल्यांकन किया जायेगा.

समीक्षा के दौरान उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रचार वाहन की गतिविधियों की भी जानकारी ली. बैठक में सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल, जिला मलेरिया पदाधिकारी मृत्युंजय धाउड़िया, एसीएमओ, आरसीएच पदाधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

प्री-फैब्रिकेटेड अस्पताल का भी किया निरीक्षण

बैठक के बाद मिशन डायरेक्टर ने सदर अस्पताल परिसर स्थित 100 बेड के प्री-फैब्रिकेटेड अस्पताल का निरीक्षण किया. उन्होंने भर्ती मरीजों से उपचार संबंधी जानकारी ली तथा मरीजों के परिजनों के बैठने की समुचित व्यवस्था अस्पताल परिसर के भीतर करने का निर्देश दिया. साथ ही अस्पताल के हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) सहित अन्य सुविधाओं का भी जायजा लिया.


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