बैंक जाने से पहले पढ़ लें ये खबर! 72 घंटे बंद रहेंगी सेवाएं, 400 से अधिक शाखाएं प्रभावित...

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प्रदर्शन करते सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया के कर्मचारी

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पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने को लेकर बैंककर्मियों की हड़ताल शुक्रवार से शुरू हुई. इस हड़ताल का असर बैंकिंग सेवाओं पर पड़ रहा है.

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जमशेदपुर: पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर बैंककर्मियों की देशव्यापी हड़ताल शुक्रवार से शुरू हो गयी है. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर हो रही इस हड़ताल का सीधा असर बैंकिंग सेवाओं पर पड़ा है. कोल्हान प्रमंडल की 400 से अधिक बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित है.

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प्रदर्शन करते एसबीआई बिष्टुपुर के कर्मचारी
प्रदर्शन करते एसबीआई बिष्टुपुर के कर्मचारी

शुक्रवार को हड़ताल के बाद 12 सितंबर को दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार होने के कारण बैंकिंग सेवाएं लगातार करीब 72 घंटे तक प्रभावित रहने की स्थिति बन गयी है. हड़ताल के दौरान नकद निकासी, चेक क्लियरेंस, ड्राफ्ट सहित कई बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी.

सुबह नौ बजे से शाखाओं के बाहर जुटे बैंककर्मी

यूएफबीयू के संयोजक रिंटू कुमार रजक के अनुसार, बैंककर्मी शुक्रवार सुबह नौ बजे से ही अपनी-अपनी शाखाओं के बाहर जुटकर प्रदर्शन कर रहे हैं. एसबीआइ, पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक समेत प्रमुख राष्ट्रीयकृत, वाणिज्यिक और ग्रामीण बैंकों के कर्मचारी आंदोलन में शामिल हैं.

प्रदर्शन करते बैंक ऑफ बड़ौदा के कर्मचारी
प्रदर्शन करते बैंक ऑफ बड़ौदा के कर्मचारी

यूनियन नेताओं के अनुसार, मांगों को लेकर बैंककर्मी इससे पहले काली पट्टी बांधकर काम कर रहे थे. केंद्र सरकार और बैंक यूनियनों के बीच आठ और नौ सितंबर को हुई द्विपक्षीय वार्ता में कोई समाधान नहीं निकलने के बाद हड़ताल का फैसला लिया गया.

पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग

बैंक यूनियनों की प्रमुख मांग सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना है. इसके अलावा कर्मचारियों से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर भी यूनियनों ने सरकार के समक्ष अपनी मांगें रखी हैं. यूनियनों का कहना है कि बैंककर्मियों की मांगों पर लंबे समय से चर्चा चल रही है, लेकिन अब तक ठोस समाधान नहीं निकल पाया है. हड़ताल को लेकर यूनियन नेताओं का कहना है कि कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जायेगा.

28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल की चेतावनी

यूएफबीयू के संयोजक रिंटू कुमार रजक ने कहा कि यदि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मुख्य मांग समेत अन्य मांगों पर सहमति नहीं बनी, तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जायेगा. उन्होंने बताया कि मांगें नहीं मानी गयीं, तो 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल की जायेगी. इसके बाद भी समाधान नहीं निकला, तो 26 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गयी है.

अपनी मांगो को लेकर हड़ताल करते बैंक के कर्मचारी
अपनी मांगो को लेकर हड़ताल करते बैंक के कर्मचारी

ग्राहकों पर पड़ेगा असर

हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में प्रत्यक्ष रूप से होने वाले कई काम प्रभावित रहेंगे. नकद लेन-देन, चेक क्लियरेंस, ड्राफ्ट और शाखा स्तर की अन्य सेवाओं के लिए ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि डिजिटल बैंकिंग और एटीएम जैसी सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की उम्मीद है, लेकिन लगातार छुट्टियों और हड़ताल के कारण बैंकिंग लेन-देन के निपटारे में देरी हो सकती है.

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