डॉक्टर हॉस्टल में 91 कमरों पर सीनियर डॉक्टरों का कब्जा, 3 दिन में खाली नहीं करने पर हो सकती है बड़ी कार्रवाई, पढ़ें पूरी खबर

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नोटिस चस्पा.

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एमजीएम अस्पताल के दो डॉक्टर हॉस्टल में 91 कमरे सीनियर डॉक्टरों के अनधिकृत कब्जे में हैं, जिससे नए इंटर्न और जूनियर डॉक्टरों को रहने की जगह नहीं मिल पा रही है. प्रबंधन ने तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है.

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जमशेदपुर : साकची स्थित शीतला मंदिर के पास एमजीएम अस्पताल के डॉक्टर छात्रावास-1 और छात्रावास-2 में 108 कमरे हैं, लेकिन इनमें से 91 कमरों पर पढ़ाई पूरी कर चुके सीनियर डॉक्टरों का अब भी अनधिकृत कब्जा है. कई कमरे लंबे समय से बंद पड़े हैं. इसका कारण नए इंटर्न और जूनियर डॉक्टरों को हॉस्टल में रहने के लिए कमरा नहीं मिल पा रहा है.

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एक महीने पहले भी जारी हुआ था नोटिस

मामले का खुलासा पिछले दिनों एमजीएम अस्पताल प्रबंधन कमेटी की ओर से की गई जांच में हुआ. जांच में पाया गया कि दोनों हॉस्टलों के 108 कमरों में से महज 17 कमरे ही अधिकृत रूप से आवंटित हैं, जबकि बाकी कमरे या तो अनधिकृत कब्जे में हैं या बंद पड़े हैं. हॉस्टल के कमरों को खाली कराने के लिए अस्पताल अधीक्षक डॉ. बलराम झा की ओर से करीब एक माह पहले नोटिस जारी किया गया था. सभी बंद कमरों में भी नोटिस चस्पा किए गए थे. इसके बावजूद अब तक अधिकांश कमरों को खाली नहीं किया गया है.

नोटिस चस्पा.
नोटिस चस्पा.

कब्जाधारियों को मिलेगा सिर्फ तीन दिनों का समय

मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल प्रबंधन अब बुधवार को दूसरी बार नोटिस जारी करने की तैयारी में है. इस बार कब्जाधारियों को कमरा खाली करने के लिए सिर्फ तीन दिनों का समय दिया जाएगा. एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बलराम झा ने बताया कि दूसरी बार जारी होने वाले नोटिस में तीन दिनों के भीतर कमरे खाली करने का निर्देश दिया जाएगा. इसके बाद भी यदि कमरे खाली नहीं किए गए तो प्रशासन के सहयोग से हॉस्टल को खाली कराया जाएगा.

2020 बैच के इंटर्न को मिलाएगा कमरा

अस्पताल प्रबंधन का उद्देश्य खाली कराए गए कमरों को नए छात्रों, खासकर 2020 बैच के इंटर्न, को आवंटित करना है. पुराने कब्जे के कारण नए इंटर्न परेशान अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, पासआउट डॉक्टरों और अनधिकृत रूप से हॉस्टल में रह रहे लोगों के कब्जे के कारण नए छात्रों को आवास की सुविधा नहीं मिल पा रही है. पुराने छात्रों को कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद कमरों पर कब्जा बरकरार है.

हॉस्टल के कई बंद कमरे में नोटिस

प्रबंधन की ओर से हॉस्टल के कई बंद कमरों पर चस्पा किए गए नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि कई कमरे जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों या अन्य लोगों के कब्जे में हैं. अब अस्पताल प्रबंधन ने ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया है. 108 कमरों वाले दोनों हॉस्टलों में सिर्फ 17 कमरे अधिकृत रूप से आवंटित होने और 91 कमरों के अनधिकृत कब्जे में होने की स्थिति ने अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं.

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