Jamshedpur News : जमशेदपुर ब्लड बैंक बना थैलेसीमिया पीड़ितों का सहारा

Updated at : 05 Nov 2025 1:15 AM (IST)
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Jamshedpur News : जमशेदपुर ब्लड बैंक बना थैलेसीमिया पीड़ितों का सहारा

Jamshedpur News : जमशेदपुर ब्लड बैंक थैलेसीमिया पीड़ित मरीजों का सहारा बना हुआ है. पूर्वी सिंहभूम में थैलेसीमिया के लगभग 450 मरीज पंजीकृत हैं.

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जिले में थैलेसीमिया के लगभग 450 मरीज हैं पंजीकृत, जिन्हें नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाता है खून

Jamshedpur News :

जमशेदपुर ब्लड बैंक थैलेसीमिया पीड़ित मरीजों का सहारा बना हुआ है. पूर्वी सिंहभूम में थैलेसीमिया के लगभग 450 मरीज पंजीकृत हैं. जिनको रक्त चढ़ाने की जरूरत होती है. उन लोगों को एक कार्ड बनाकर दिया गया है, जिससे ब्लड बैंक से नि:शुल्क ब्लड मिलता है. जमशेदपुर ब्लड बैंक से आसानी से पीड़ितों को ब्लड मिल जाता है, जिससे उनके परिजनों को परेशान नहीं होना पड़ता है. इस वजह से यहां जमशेदपुर के अलावे आसपास के इलाकों से थैलेसीमिया पीड़ित आते हैं. मरीज के परिजनों का कहना है कि यहां आसानी से और नि:शुल्क ब्लड मिल जाता है. साथ ही डॉक्टरों के द्वारा अच्छी तरह से देखभाल भी की जाती है. एमजीएम अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ केके चौधरी ने बताया कि थैलेसीमिया के मरीजों को पैक सेल चढ़ाया जाता है. एमजीएम सहित अन्य अस्पतालों को मिलाकर प्रतिदिन 20 से 25 थैलेसीमिया मरीजों को रक्त चढ़ाने की जरूरत होती है. जिसमें सिर्फ एमजीएम में प्रतिदिन 12 से 15 मरीजों को ब्लड चढ़ाया जाता है. मरीजों को जमशेदपुर ब्लड बैंक से नि:शुल्क ब्लड दिया जाता है. डॉक्टरों के अनुसार थैलेसीमिया एक आनुवंशिक रक्त बीमारी है. जिसे नियमित इलाज और देखभाल से नियंत्रित किया जा सकता है.

एमजीएम में थैलेसीमिया मरीजों के लिए बना है 18 बेड का डे केयर सेंटर

एमजीएम अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ केके चौधरी ने बताया कि एमजीएम अस्पताल में सिर्फ जमशेदपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के थैलेसीमिया मरीज भी ब्लड चढ़वाने के लिए आते हैं. इसको देखते हुए अस्पताल में 18 बेड का डे केयर सेंटर बनाया गया है. उन्होंने कहा कि ब्लड बैंक में एचआइवी सहित हर प्रकार की जांच की जाती है, उसके बाद ही ब्लड दिया जाता है. जब मरीज के परिजन ब्लड लेकर आते हैं, तो वार्ड में मौजूद डॉक्टर भी इसकी जांच करते हैं. संतुष्ट होने के बाद ही प्रशिक्षित नर्सों के द्वारा ब्लड चढ़ाया जाता है. उन्होंने बताया कि अस्पताल में चल रहे डे केयर सेंटर के लिए अलग से नर्सों की नियुक्ति की गयी है. उन लोगों के द्वारा ही ब्लड चढ़ाया जाता है.

एमजीएम के ओपीडी में भी मरीजों की होती है काउंसेलिंग

डॉ केके चौधरी ने बताया कि ओपीडी में जांच कराने आने वाले थैलेसीमिया के मरीजों व उनके परिजनों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करने के साथ ही उनकी काउंसेलिंग की जाती है, ताकि उन लोगों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हो. अस्पताल में हिमोफिलिया व थैलेसीमिया के मरीजों के लिए अलग-अलग व्यवस्था है.

क्या कहते हैं थैलेसीमिया पीड़ित मरीजों के परिजन

चाईबासा ब्लड बैंक से थैलेसीमिया मरीजों को संक्रमित ब्लड चढ़ाने का मामले सामने आने के बाद पीड़ित मरीजों के परिजनों में थोड़ा डर का माहौल है. हालांकि उनलोगों का कहना है कि काफी दिनों से खून चढ़वाने यहां आ रहे हैं, कभी ऐसा नहीं हुआ. यहां ब्लड की अच्छी तरह जांच की जाती, उसके बाद अस्पताल में भी डॉक्टरों के द्वारा जांच कर संतुष्ट होने के बाद ही ब्लड चढ़ाया जाता है, इससे लगता है कि यहां गलत नहीं होगा.

केस नंबर एक

मेरा दो साल का बच्चा थैलेसीमिया पीड़ित है. हर माह ब्लड चढ़वाने के लिए उसे लेकर एमजीएम अस्पताल आती हूं. जमशेदपुर ब्लड बैंक में बच्चे के नाम से कार्ड बना हुआ है. जहां से नि:शुल्क ब्लड मिल जाता है. एमजीएम में नर्सों व डॉक्टरों के द्वारा काफी केयर किया जाता है. साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है.

शालू मांझी, नीमडीह

केस नंबर दो

मेरा नौ साल का बेटा व 11 साल की बेटी दोनों को थैलेसीमिया पीड़ित है. हर माह दोनों को ब्लड चढ़वाना पड़ता है. दो साल पहले बेटे को थैलेसीमिया है, इसकी जानकारी हुई. वहीं बेटी जब छह साल की थी, तब पता चला था कि उसे थैलेसीमिया है. वह तमाड़ में रहता है. भीड़ और सुविधा की वजह से जमशेदपुर आता हूं. यहां ब्लड भी आसानी से मिल जाता है और डॉक्टरों के द्वारा केयर भी अच्छी तरह से की जाती है. सुबह आते हैं और शाम को घर चले जाते हैं.

करण लोहरा, तमाड़

केस नंबर तीन

मेरे बेटा जब चार माह का था उसी दौरान पता चला कि उसको थैलेसीमिया है. आज उसकी उम्र नौ साल है. उसी समय से जमशेदपुर ब्लड बैंक से ब्लड लाकर एमजीएम में चढ़वाते हैं. आज तक किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई.

एम गोप, कमलपुर पटमदाB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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