अब डिजिटल हो गयी दुर्गा पूजा, जमशेदपुर के पंडालों में और रसीद पर क्यूआर कोड का हो रहा इस्तेमाल

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 18 Oct 2023 11:08 AM

विज्ञापन

कई ने पूजा पंडाल के पास बैनर बनाकर क्यूआर कोड लगा दिया है. ताकि लोग आसानी से चंदा ऑनलाइन दे सकें. ऑनलाइन या यूपीआइ के द्वारा चंदा कलेक्ट करने से पूजा कमेटी के लोगों के साथ-साथ आम लोगों को भी राहत है.

विज्ञापन

जमशेदपुर, निखिल सिन्हा : आज पूरा देश डिजिटल हो गया है. इसका असर दुर्गा पूजा के आयोजन में भी दिख रहा है. पूजा कमेटियां चंदा इकट्ठा करने के लिए क्यूआर कोड का इस्तेमाल कर रहे हैं. कई कमेटियों ने चंदा की रसीद बुक पर अपनी कमेटी का क्यूआर कोड लगा दिया है. तो कई ने पूजा पंडाल के पास बैनर बनाकर क्यूआर कोड लगा दिया है. ताकि लोग आसानी से चंदा ऑनलाइन दे सकें. ऑनलाइन या यूपीआइ के द्वारा चंदा कलेक्ट करने से पूजा कमेटी के लोगों के साथ-साथ आम लोगों को भी राहत है. पूजा कमेटियों का मानना है कि इस सुविधा का इस्तेमाल होने से कई ऐसे श्रद्धालु हैं, जिनके पास जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है. उनके व्हाट्सएप रसीद का फोटो भेजने पर वह सहयोग राशि ऑनलाइन भेज दे रहे हैं. इससे पूजा कमेटी के लोगों का समय बच रहा है, वहीं श्रद्धालुओं को भी खुदरा व अन्य परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ रहा है.

बकाया लेने के लिए अब नहीं लगाना पड़ता घरों का चक्कर

पूजा कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि कई बार चंदा की रसीद देने के बाद घर वाले खुदरा नहीं होने या रुपये नहीं होने के कारण बाद में आने को कहते हैं. ऐसे में कमेटी के सदस्यों का समय बर्बाद होता है. लेकिन यूपीआइ और ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा होने के कारण लोग की आधी परेशानी समाप्त हो गयी है. खुदरा या नकद रुपये नहीं होने पर क्यूआर कोड से लोग ऑनलाइन पेमेंट कर रहे हैं. इससे दोबारा जाना नहीं पड़ता है. इसे अलावा चंदा देने वाले का डिजिटल डाटा भी तैयार हो जाता है. जिसे मिलान करने में काफी सहूलियत होती है.

बामनगोड़ा सार्वजनिक दुर्गा पूजा कमेटी हो चुकी है सम्मानित

जिला प्रशासन ने 2022 में सार्वजनिक दुर्गा पूजा कमेटी बमानगोडा, परसुडीह को डिजिटल वर्क के लिए पुरस्कार से सम्मानित किया था. पूजा कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुहा ने बताया कि इस बार पूजा कमेटी की वेबसाइट भी बनायी गयी. जहां जाकर डोनेशन पर क्लिक कर श्रद्धालु चंदा दे सकते है. इतना ही नहीं बेवसाइट पर पिछले वर्ष की रसीद और बकाया लोगों की सूची भी उपलब्ध है. जिस पर कोई भी व्यक्ति क्लिक कर चंदा की राशि जमा कर सकते हैं.

एग्रिको दुर्गा पूजा समिति, एग्रिको : 2022 से की शुरुआत, क्यूआर कोड से सहूलियत

एग्रिको पूजा समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष से उनकी कमेटी ने क्यूआर कोड और ऑनलाइन चंदा कलेक्ट करने का काम शुरू किया है. कॉलाेनी के लोगों से आर्थिक मदद के लिए छह टीम बना कर चंदा लिया जाता था. इस दौरान समय भी काफी बर्बाद होता था. लेकिन क्यूआर कोड का उपयोग करने के बाद चंदा आसानी से कलेक्ट हो जाता है. इतना ही नहीं बाहर रहनेवाले लोग भी आसानी से सहायता राशि क्यूआर कोड के जरिए भेज देते हैं.

यंग ब्वॉयज क्लब, साेपोडेरा : इस साल क्यूआर कोड से ले रहे चंदा

यंग ब्वॉयज क्लब, सोपोडेरा सार्वजनिक दुर्गा पूजा कमेटी ने भी इस वर्ष क्यूआर कोड -यूपीआइ से चंदा लेना शुरू किया है. ऑनलाइन पेमेंट का दौर होने के कारण कमेटी की ओर से रसीद बुक पर क्यूआर कोड और संबंधित व्यक्ति का नंबर भी डाला गया है. कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने बताया कि आज अधिकांश लोग क्यूआर कोड का उपयोग कर रहे है. ऐसे में लोग नकद अपने साथ ज्यादा नहीं रखते हैं. क्यूआर कोड का इस्तेमाल करने से लोगों को चंदा की राशि देने में आसानी होती है. साथ ही, बकाया रखने वाले लोगों को सिर्फ फोन कर चंदा देने की बात कहनी पड़ती है.

Also Read: Durga Puja 2023: इस बार दुर्गा पूजा मेले में एडवेंचर राइड का ले सकेंगे आनंद, देखें तस्वीरें

कई पूजा कमेटियां ने चंदा और भोग के लिए क्यूआर कोड का इस्तेमाल शुरू किया है. कुछ पूजा कमेटियां पहले से ही इस्तेमाल कर रही हैं. कुछ कमेटियां इस वर्ष रसीद पर या पंडाल के बाहर बैनर में क्यूआर कोड लगा कर मदद राशि ले रही हैं. यह प्रयास काफी अच्छा है. डिजिटल पेमेंट सिस्टम शुरू होने के कारण पूजा कमेटी के लोगों को भी काफी आराम है.

-आशुतोष सिंह, महासचिव, जमशेदपुर केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति.

पूजा पंडाल होंगे पुरस्कृत क्यूआर कोड से वोटिंग

जमशेदपुर. जमशेदपुर दुर्गा पूजा केंद्रीय कमेटी के अधीन आने वाले सभी पूजा पंडालों के बीच प्रतियोगिता होगी. वोटिंग के लिए क्यूआर कोड इस्तेमाल होगा. इसमें तय गाइडलाइन के तहत पंडालों को पुरस्कृत किया जायेगा. यह जानकारी मंगलवार को जमशेदपुर दुर्गा पूजा केंद्रीय कमेटी के महासचिव आशुतोष सिंह ने दी. उन्होंने बताया कि विजेता को 51 हजार, उपविजेता को 31 हजार और तृतीय स्थान पर रहने वाले को 21 हजार रुपये से सम्मानित किया जायेगा. इसके अलावा सर्वोत्तम पूजा पंडाल, सर्वोतम मूर्ति, बेस्ट लाइटिंग और बेहतर साफ- सफाई वाली कमेटी को क्रमश: 11 हजार, 5 हजार और 3 हजार रुपये, ट्राॅफी और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया जायेगा. इसके लिए 18 सदस्यों की कमेटी बनायी गयी है.

दर्शक कर सकेंगे वोटिंग

केंद्रीय कमेटी के उपाध्यक्ष नीरज सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता की वोटिंग के लिए पूजा पंडालों को एक क्यूआर कोड दिया जायेगा. इसे पंडाल के गेट पर लगाया जायेगा. पूजा घूमने आने वाले श्रद्धालु क्यूआर कोड को मोबाइल फोन से स्कैन कर मतदान कर सकेंगे. स्कैन करने के बाद एक फॉर्म खुलेगा. इसमें संबंधित पंडाल को अंक दे सकते हैं. विजेताओं के नाम की घोषणा जमशेदपुर दुर्गा पूजा केंद्रीय कमेटी पूजा के समापन समारोह में करेगी.संवाददाता सम्मेलन में अध्यक्ष अचिंतम दास गुप्ता ,उपाध्यक्ष भुपेंद्र सिंह, सचिव राम बाबू सिंह, गौतम प्रसाद,सुभांशु सिन्हा व मीडिया प्रभारी शशांक शेखर मौजूद थे.

Also Read: झारखंड ही नहीं देश के अन्य राज्यों में भी प्रसद्धि है कतरास का यह मंदिर, यहां से कोई खाली हाथ नहीं लौटता

कमेटी आज 500 बच्चों में वस्त्र का करेगी वितरण

केंद्रीय कमेटी के अध्यक्ष अचिंतम दास गुप्ता ने अपील की है कि हर पूजा कमेटी अपने स्तर से कोई न कोई सामाजिक कार्य करे. इसका शुभारंभ बुधवार को जमशेदपुर दुर्गा पूजा केंद्रीय कमेटी करेगी. कमेटी भालुबासा मिस्टी इन होटल परिसर में 500 बच्चों के बीच वस्त्र का वितरण करेगी. पूजा कमेटियां कम से कम पांच जरूरतमंद परिवारों को नवरात्र के दौरान राशन दे तथा बच्चों और महिलाओं को वस्त्र प्रदान करे.

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola