जमशेदपुर के एक मरीज को लगी नकली आंख, ऑपरेशन के 11 महीने बाद पता चली डॉक्टरों की करतूत

जमशेदपुर के एक मरीज को सिंथेटिक मेटेरियल से बनी नकली आंख लगाने का मामला सामने आया है. घाटशिला के कीताडीह निवासी गंगाधर सिंह के मामले में मेडिकल बोर्ड ने पुलिस को जांच रिपोर्ट सौंपी है. केसीसी आई हॉस्पिटल में गंगाधर का मोतियाबिंद ऑपरेशन हुआ था.
Jharkhand News: पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत जमशेदपुर शहर के घाटशिला स्थित कीताडीह निवासी गंगाधर सिंह को इलाज के दौरान नकली आंख लगाने का मामला सामने आया है. इस मामले में MGM अधीक्षक ने पुलिस को रिपोर्ट सौंपी है. गंगाधर को 11 महीने बाद नकली आंख लगे होने की जानकारी मिली. आंख के ऑपरेशन में हुई लापरवाही की जांच करने को लेकर पुलिस रेस हो गयी है.
गंगाधर को लगायी सिंथेटिक नकली आंख
अस्पताल अधीक्षक डॉ रवींद्र कुमार ने बताया कि तीन सदस्यीय टीम की जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आयी कि इलाज के दौरान आंख खराब हो जाने पर उसकी जगह सिंथेटिक मेटेरियल की बनी नकली आंख गंगाधर को लगा दी गयी थी. हालांकि, गंगाधर इलाज से संबंधित कोई कागजात जांच टीम को नहीं दिखा सके.
क्या है मामला
गंगाधर सिंह का मोतियाबिंद ऑपरेशन साकची के केसीसी आई हॉस्पिटल में 18 नवंबर, 2021 को हुआ था. कुछ दिन बाद आंख में इंफेक्शन होने पर उन्हें 24 नवंबर, 2021 को केसीसी आई हॉस्पिटल लाया गया. यहां डॉक्टरों ने बताया कि इंफेक्शन होने से आंख काफी हद तक खराब हो गयी है. इस कारण दिखाई देना बंद हो गया था. उन्हें बेहतर इलाज के लिए 27 नवंबर को कोलकाता भेजा गया. एक माह तक वह वहीं रहे. डॉक्टरों ने उनकी आंख का 75 प्रतिशत हिस्सा निकाल कर खाली स्थान पर सिंथेटिक मेटेरियल से बनी आंख लगा दी. यह आंख कांच की गोली नहीं है. उसे नहीं लगाने पर उनका दर्द कम नहीं होता.
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मरीज को नहीं थी आंख निकाले जाने की जानकारी
गंगाधर ने बताया कि आंख निकाले जाने की जानकारी उन्हें नहीं दी गयी थी. 11 अक्तूबर को दर्ज शिकायत में गंगाधर ने बताया कि दो अक्तूबर को आंख मलने पर कांच की गोली बाहर आ गयी. 10 अक्तूबर को घाटशिला के दिव्यांग शिविर में नकली आंख का मामला सामने आया और 11 अक्तूबर को केसीसी हॉस्पिटल के संचालक पर मामला दर्ज हुआ.
साकची पुलिस ने कीताडीह गांव पहुंचकर की जांच
गंगाधर सिंह की आंख के ऑपरेशन में हुई लापरवाही की जांच करने साकची थाना की महिला एसआइ सह अनुसंधानकर्ता रेणुका किस्कू कीताडीह गांव पहुंचीं. उनके साथ मऊभंडार ओपी प्रभारी सोनू कुमार और पुलिस कर्मी मौजूद रहे. टीम ने गंगाधर सिंह समेत तीन पीड़ितों का बयान दर्ज किया. गंगाधर सिंह ने बताया कि 18 नवंबर, 2021 को केसीसी आई हॉस्पिटल में ऑपरेशन कराया था. संक्रमण होने पर कोलकाता और रांची में इलाज कराया. इसके बाद आंख में कांच की गोली लगा दी. सात अक्तूबर, 2022 को खुजली होने पर आंख खुजलाया, तो कांच की गोली हाथ में आ गयी. ऑपरेशन के 11 माह बाद इसका पता चलने की बात गंगाधर ने बतायी. यह मामला सामने आने पर डीसी के आदेश पर केसीसी आई अस्पताल सील कर मामला दर्ज किया गया.
मेडिकल बोर्ड ने पुलिस को सौंपी रिपोर्ट
इस संबंध में MGM अधीक्षक डॉ रवींद्र कुमार ने कहा कि गंगाधर की आंख के इलाज में लापरवाही और सिंथेटिक आंख लगाने के मामले में मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी गयी है. पीड़ित की आंख से निकली गोली सिंथेटिक मेटेरियल की है. किसी कारण से आंख खराब हो जाने पर इसे लगाया जाता है.
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लेखक के बारे में
By Samir Ranjan
Senior Journalist with more than 20 years of reporting and desk work experience in print, tv and digital media
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