गुमला के पालकोट में PMGSY का देखिए हाल, 21 करोड़ की लागत से बनी सड़क बनते ही उखड़ने लगी, विधायक ने सीएम तक पहुंचायी बात

Jharkhand News (गुमला) : साहब, 21 करोड़ की सड़क बनने के साथ ही उखड़ने लगी है. ऐसी सड़कें बनाकर ठेकेदार सरकारी धन लूट रहा है. इंजीनियर की भी लापरवाह हैं. जिनकी निगरानी में घटिया सड़क बनायी जा रही है. पालकोट प्रखंड में दो बड़ी सड़कें प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (Pradhan Mantri Gramin Sadak Yojana- PMGSY) के तहत बन रही है. लेकिन, सड़क बनते के साथ भ्रष्टाचार उजागर हुआ है.
Jharkhand News (दुर्जय पासवान, गुमला) : साहब, 21 करोड़ की सड़क बनने के साथ ही उखड़ने लगी है. ऐसी सड़कें बनाकर ठेकेदार सरकारी धन लूट रहा है. इंजीनियर की भी लापरवाह हैं. जिनकी निगरानी में घटिया सड़क बनायी जा रही है. पालकोट प्रखंड में दो बड़ी सड़कें प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (Pradhan Mantri Gramin Sadak Yojana- PMGSY) के तहत बन रही है. लेकिन, सड़क बनते के साथ भ्रष्टाचार उजागर हुआ है.
एक सड़क लोटवा गांव से डहूपानी तक 9 किमी बन रही है. लागत 7 करोड़ 65 लाख 94 हजार रुपये है. दूसरी सड़क झीकीरीमा गांव से बनईडेगा चीरोटाड़ होते हुए सारूबेड़ा गांव तक 17.50 किमी बन रही है. इसकी लागत 14 करोड़ 13 लाख 62 हजार रुपये है. ये दोनों सड़कें 21 करोड़ 78 लाख रुपये की लागत से बनायी जा रही है. दोनों सड़कें सत्या कंस्ट्रक्शन द्वारा बनवायी जा रही है. यह कंपनी दूसरे जिला की है, लेकिन गुमला में टेंडर लेकर करोड़ों रुपये का काम करा रही है. सड़क में जो मेटेरियल डाला गया है. वह निम्न क्वालिटी का है. कुछ जगह पर सड़क पर अलकतरा बिछा दिया गया है. अब सड़क उखड़ने लगी है.

सड़क बनाने में उजागर हुए भ्रष्टाचार का मामला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तक पहुंच गया है. सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा ने सीएम से मिलकर लिखित ज्ञापन सौंपा है. जिसमें विधायक ने दोनों सड़कों की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया है. साथ ही किस कदर सड़क बनाने में भ्रष्टाचार का खेल हो रहा है. इसकी भी जानकारी दी है. सीएम ने इस मामले की जांच कराने की बात कही है.
Also Read: Jharkhand Unlock 4.0 News: झारखंड में एक जुलाई तक बढ़ा स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह, सभी निर्देश पूर्व की तरह रहेंगे जारीइधर, पालकोट प्रखंड के लोगों ने कहा है कि सड़क बनाने का काम देख रहे मुंशी को कई बार मजबूत काम करने के लिए कहा गया है. लेकिन, ठेकेदार ऊंची पहुंच वाला बताया जा रहा है. जिस कारण काम को जैसे-तैसे करके निबटाने में लगे हैं. यह सड़क वर्ष 2019-2020 की है. अबतक सड़क बन जानी थी, लेकिन काम पूरा हुआ नहीं है. जितना काम हुआ है. वह भी जैसे- तैसे किया गया है.
विधायक भूषण बाड़ा ने सीएम को लिखित ज्ञापन सौंपा है. जिसमें उन्होंने कहा है कि REO विभाग गुमला द्वारा पालकोट में करोड़ों रुपये की लागत से सड़क बनवायी जा रही है. लेकिन, विभाग के अधिकारियों एवं ठेकेदारों की मिलीभगत से सड़कों के निर्माण पर गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा जा रहा है. यहां एकदम घटिया किस्म की सामग्री लगाकर सड़क बनायी जा रही है. नतीजतन सड़क बनते के साथ उखड़ने लगी है. सड़कों में जगह-जगह दरारें आने लगी है.
विधायक श्री बाड़ा ने कहा कि कार्यकर्ताओं के माध्यम से इन सड़कों की जांच करायी है. जिसमें सभी सड़कें घटिया स्तर का पाया गया है. खुद ठेकेदार को निर्माण कार्य में सुधार लाने का निर्देश दिया. इसके बाद भी निर्माण कार्य पर सुधार नहीं किया गया. विधायक ने सत्या कंस्ट्रक्शन व स्पाइका कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार को काली सूची में डालने और REO विभाग के संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि विकास के काम गुणवत्तापूर्ण व सही तरीके से हो सके.
Also Read: नियुक्ति से संबंधित प्रक्रिया 15 दिन में पूरा करने का उपायुक्त ने दिया निर्देश, इन मामलों में भी किया जवाब तलबइस संबंध में आरइओ विभाग, गुमला के कार्यपालक अभियंता (Executive engineer) भीडी राम ने कहा कि अभी काम चल रहा है. काम मजबूत व बढ़िया हो रहा है. विधायक ने ठेकेदार को बुलाया था. कुछ अंदरूनी बात होगी. जहां तक सड़क की बात है. बनने के बाद इसका थ्री लेबल जांच होती है. इसके अलावा जिस ठेकेदार द्वारा सड़क बनायी जा रही है. वह 5 साल तक उसी सड़क की मेंटेनेंस करेगा.
आरइओ विभाग के अनुसार प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़क बन रही है. सड़क का 5 साल तक मेंटेनेंस करने का नियम है. लेकिन, गुमला जिले में जितने भी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क बनी है. किसी का मेंटेनेंस नहीं हुआ है. कई ऐसी सड़कें हैं जो बनी थी. पूर्ण हो गयी. पैसा निकल गया. अब वह सड़क टूट चुकी है. लेकिन, कभी भी मेंटेनेंस नहीं हुआ. विभाग जरूर मेंटनेंस करने का दावा करती है. लेकिन, किसी सड़क की मेंटेनेंस होते नहीं देखा गया.
पालकोट के संतोष गुप्ता ने कहा कि पालकोट प्रखंड में लंबे समय से सड़क बनाने की मांग हो रही थी. लोगों की मांग पर 21 करोड़ 79 लाख रुपये की लागत से सड़क बन रही है. यह सड़क जनता के लिए है, लेकिन सत्या कंस्ट्रक्शन व स्पाइका कंस्ट्रक्शन द्वारा घटिया काम कराया जा रहा है. काम ऐसा हो रहा है कि एक साल के अंदर ही सड़क की गुणवत्ता सामने आ गयी है.
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